जम्मू-कश्मीर में 150 से अधिक आतंकियों की घुसपैठ की कोशिश, सुरक्षाबलों को हाई अलर्ट पर रखा गया

जम्मू-कश्मीर की सीमाएं इस समय कोहरे और बर्फ की चादर से ढकी हुई हैं। आतंकियों के समूह मौके की तलाश में हैं ताकि नियंत्रण रेखा और अंतरराष्ट्रीय सीमा के पार घुसपैठ कर सकें। हालांकि, ऑपरेशन 'सर्द हवा', घुसपैठरोधी सुरक्षा तंत्र और सतर्क सुरक्षाबलों की रणनीति के कारण उनके मंसूबे फिलहाल विफल हो रहे हैं।

सुरक्षा व्यवस्था और हाई अलर्ट

कंट्रोल रेखा पर हाई अलर्ट के तहत सेना ने अतिरिक्त तैनाती की है, औचक नाकों और तकनीकी निगरानी के माध्यम से किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। इसी प्रकार, सीमा सुरक्षा बल ने अंतरराष्ट्रीय सीमा और अंदरूनी इलाकों की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए ऑपरेशन सर्द हवा को सक्रिय किया हुआ है। वरिष्ठ अधिकारी सैनिकों के बीच जाकर उनका मनोबल भी बढ़ा रहे हैं।

आतंकियों की संख्या और रणनीति

सूत्रों के अनुसार, नियंत्रण रेखा और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर 69 लांचिंग पैडों पर करीब डेढ़ सौ आतंकियों की मौजूदगी दर्ज की गई है। सेना, सुरक्षाबल और खुफिया एजेंसियां मिलकर गणतंत्र दिवस को सुरक्षित बनाने के लिए अभियान चला रही हैं। सेना की उत्तरी कमान के आर्मी कमांडर, लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा ने उत्तरी कश्मीर का दौरा कर सुरक्षा हालात का जायजा लिया।

आर्मी कमांडर का निर्देश और सुरक्षा समीक्षा


लेफ्टिनेंट जनरल शर्मा ने स्थानीय यूनिटों को निर्देश दिए कि खुफिया तंत्र को मजबूत किया जाए और सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने के लिए सतत तैयार रहें। कठुआ जिले में आतंकियों की गतिविधियों के संकेत मिल रहे हैं। रणनीति के तहत न केवल नियंत्रण रेखा पर बल्कि आतंकियों के पारंपरिक घुसपैठ मार्गों वाले इलाकों में भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है। इसके अलावा, आर्मी कमांडर जल्द ही राजौरी का दौरा कर सुरक्षा हालात का आकलन करेंगे।

प्रशिक्षण और आपातकालीन तैयारियां

आर्मी कमांडर ने गुलमर्ग स्थित हाई अल्टीट्यूड वारफेयर स्कूल में सैनिकों की प्रशिक्षण गतिविधियों की समीक्षा की। साथ ही, कश्मीर में आर्मी एविएशन स्क्वाड्रनों का दौरा कर आपात स्थितियों का सामना करने की तैयारियों का जायजा लिया।

सुरक्षाबलों की सक्रिय रणनीति


सुरक्षाबलों का कहना है कि वर्तमान समय में सेना और खुफिया एजेंसियां मिलकर आतंकियों पर दबाव बनाने की रणनीति पर काम कर रही हैं। सीमा पर घुसपैठ रोकने के साथ-साथ अंदरूनी इलाकों में आतंकियों और उनके समर्थकों की तलाश के लिए तलाशी अभियान भी चलाए जा रहे हैं। आतंकियों और देशविरोधी तत्वों के बारे में मिलने वाली हर जानकारी को साझा कर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।