हिमाचल प्रदेश में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी Special Intensive Revision (SIR) को लेकर कांग्रेस ने अपना विरोध आगे बढ़ाने का फैसला किया है। 25 सितंबर को शिमला में निर्वाचन विभाग के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार ने कहा कि पार्टी अब आंदोलन को राज्य के सभी जिलों तक ले जाएगी। उन्होंने सोमवार और मंगलवार को सभी जिलों में प्रदर्शन करने की घोषणा की।
इससे पहले 25 सितंबर को हिमाचल कांग्रेस ने शिमला के कसुम्पटी स्थित चुनाव विभाग के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। इसमें प्रदेश कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार, उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, विधायक, पूर्व विधायक और पार्टी के कई पदाधिकारी व कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शन में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारेबाजी की गई और कांग्रेस नेताओं ने उनके पद से हटाने की मांग की।
कांग्रेस का मुख्य मुद्दा SIR के दौरान मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने और उनके सत्यापन की प्रक्रिया है। पार्टी का कहना है कि इस प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए। कांग्रेस ने निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठाए हैं।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने निर्वाचन विभाग कार्यालय के बाहर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला भी जलाया। कुछ रिपोर्टों के मुताबिक कार्यालय के बोर्ड और दीवारों पर विरोध से जुड़े नारे भी लिखे गए। भाजपा के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता और विधायक राकेश जमवाल ने इस प्रदर्शन पर आपत्ति जताते हुए कहा कि राजनीतिक दलों को शांतिपूर्ण प्रदर्शन का अधिकार है, लेकिन चुनाव विभाग के कार्यालय की दीवारों पर नारे लिखना और पुतला जलाना नियमों तथा सार्वजनिक संपत्ति से जुड़े सवाल खड़े करता है।
विनय कुमार ने प्रदर्शन के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग भी रखी। उन्होंने हाल में सामने आई उन रिपोर्टों का हवाला दिया, जिनमें चुनाव आयोग के भीतर मुख्य चुनाव आयुक्त के कामकाज को लेकर अन्य चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों का दावा किया गया है। ये दावे कांग्रेस नेताओं ने अपनी मांगों के समर्थन में रखे हैं।
हिमाचल कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल ने भी कहा कि पार्टी इस मुद्दे को लेकर अपना आंदोलन आगे बढ़ाएगी। उन्होंने जिला कांग्रेस अध्यक्षों के साथ बैठक कर संगठनात्मक तैयारियों की समीक्षा करने और विधानसभा क्षेत्रों में जमीनी स्तर की स्थिति का जायजा लेने की बात कही।
25 सितंबर के प्रदर्शन के बाद कांग्रेस की प्रदेश इकाई ने आंदोलन को जिला स्तर पर ले जाने की घोषणा की है। विनय कुमार के अनुसार सोमवार और मंगलवार को हिमाचल के सभी जिलों में प्रदर्शन किए जाएंगे। इसके साथ ही कांग्रेस का राष्ट्रीय स्तर का कार्यक्रम भी जारी है, जिसके तहत 28 सितंबर को जिला कांग्रेस समितियों द्वारा जिला कलेक्ट्रेट तक मार्च निकालने की घोषणा की गई है।
निर्वाचन आयोग की ओर से SIR की प्रक्रिया 2026 में कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में चल रही है। आयोग के अनुसार SIR का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई पात्र नागरिक मतदाता सूची से बाहर न रह जाए और कोई अपात्र व्यक्ति मतदाता सूची में शामिल न हो। आयोग ने इसके लिए मतदाताओं को अपने नाम की जांच करने और निर्धारित प्रक्रिया के तहत जरूरी दस्तावेज जमा करने की सुविधा भी उपलब्ध कराई है।
हिमाचल से जुड़ी उपलब्ध जानकारी के अनुसार कांग्रेस के जिला स्तर के प्रदर्शन SIR, मतदाता सूची में बदलाव और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली से जुड़े सवालों को लेकर किए जाएंगे। शिमला में हुए प्रदर्शन के बाद पार्टी ने इन्हें व्यापक जन-अभियान का हिस्सा बनाने की बात कही है।
25 सितंबर की बैठक और प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस ने संगठनात्मक स्तर पर भी जिला अध्यक्षों और पार्टी पदाधिकारियों की सक्रियता की समीक्षा की। प्रदेश कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल ने जिला इकाइयों को संगठनात्मक कामकाज तेज करने और जमीनी स्तर पर गतिविधियां बढ़ाने के निर्देश दिए, जबकि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार ने संगठनात्मक गतिविधियों की रिपोर्ट समय पर देने को कहा।