हिमाचल प्रदेश के मंडी ज़िले में कांग्रेस सरकार के तीन वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित विशाल जनसभा में राज्य के उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री का आक्रामक रूप देखने को मिला। कार्यक्रम के मंच से ही उन्होंने अफसरशाही से लेकर राजनीतिक विरोधियों तक को निशाने पर लिया और साफ कर दिया कि अब कामकाज की शैली में ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उप मुख्यमंत्री ने भीड़ को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश भर से आए लोगों की अपेक्षाओं पर खरा उतरने के लिए सरकार को और सख्त कदम उठाने होंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री को भी संबोधित करते हुए कहा कि जनता उम्मीदों के साथ यहां पहुंची है, इसलिए प्रशासन को अनुशासित करने के लिए अब “डंडा” उठाने का समय आ गया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि वे स्वयं बेहद स्पष्टवादी हैं और किसी दबाव में आने वाले नहीं।
बीजेपी नेताओं के संपर्क में रहने वाले अधिकारियों पर बरसी कड़ी भाषाअपने भाषण के दौरान डिप्टी CM अग्निहोत्री ने उन अधिकारियों को कठोर शब्दों में चेतावनी दी जो, उनके मुताबिक, कांग्रेस की सत्ता में रहते हुए भी बीजेपी नेताओं के घरों के चक्कर लगा रहे हैं या सरकार के खिलाफ माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को किसी भी हाल में छोड़ा नहीं जाएगा।
अग्निहोत्री ने तीखे शब्दों में कहा—“ऐसे दोहरे रवैये वाले अफसरों को रात के अंधेरे में भी निपटाया जा सकता है।” उनका साफ संदेश था कि प्रशासन में दोगलापन नहीं चलेगा और सरकार ऐसे लोगों के लिए कोई नरमी नहीं दिखाएगी।
जनता का भरोसा कांग्रेस के साथ—डिप्टी CM का दावारैली में उमड़ी भारी भीड़ को देखते हुए उप मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर भी पलटवार किया। उन्होंने कहा कि जनता के अपार समर्थन से साबित होता है कि कांग्रेस सरकार सही दिशा में काम कर रही है और लोगों की उम्मीदों पर खरी उतर रही है।
उन्होंने दावा किया कि सरकार ने हर वर्ग तक योजनाओं को पहुंचाने के लिए अथक प्रयास किए हैं और जनता की यही भागीदारी उनकी सबसे बड़ी ताकत है।
‘साजिश करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई’—अग्निहोत्रीडिप्टी मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में यह भी स्पष्ट किया कि सरकार के शेष दो सालों में कांग्रेस अपने प्रत्येक वादे को पूरा करेगी—चाहे महिलाओं को 1500 रुपये प्रतिमाह देने की बात हो या 300 यूनिट मुफ्त बिजली की योजना।
उन्होंने कहा कि सरकार ने “छोटी सोच” को समाप्त करने का संकल्प लिया है और चाहे वह कोई अधिकारी हो, कर्मचारी हो या राजनीतिक चेहरा—अगर कोई व्यक्ति सरकार के खिलाफ साजिश करता पाया गया, तो उसके खिलाफ कठोर से कठोर कार्रवाई की जाएगी।