सूरजकुंड झूला हादसा: दो आरोपियों की गिरफ्तारी, जांच के लिए बनाई गई तीन सदस्यीय विशेष टीम

सूरजकुंड मेला परिसर में शनिवार देर रात हुए झूला हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। इस दर्दनाक घटना में बचाव कार्य के दौरान हरियाणा पुलिस के निरीक्षक जगदीश प्रसाद ने अपनी जान गंवा दी। हादसे के बाद सूरजकुंड थाना पुलिस ने मेला परिसर में झूले संचालित करने वाली हिमाचल फन केयर कंपनी के प्रोपराइटर मोहम्मद शाकिर के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की धाराओं में मामला दर्ज किया है।

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने तुरंत जांच प्रक्रिया को तेज कर दिया है। पुलिस आयुक्त सतेंद्र कुमार गुप्ता के निर्देश पर पुलिस उपायुक्त अपराध के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। इस टीम में सहायक पुलिस आयुक्त अपराध-2, क्राइम ब्रांच एनआईटी के प्रभारी और सूरजकुंड थाना के उप निरीक्षक संजय को शामिल किया गया है। टीम को पूरे मामले की गहराई से जांच करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

पुलिस आयुक्त ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रारंभिक कार्रवाई के तहत झूला लगाने वाली कंपनी हिमाचल फन केयर के प्रोपराइटर मोहम्मद शाकिर, निवासी गांव टोका नंगला, जिला सिरमौर (हिमाचल प्रदेश) और एक अन्य आरोपी नितेश, निवासी धर्मपुरी सदर मेरठ कैंट (उत्तर प्रदेश) को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस अन्य संभावित जिम्मेदार लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।

हादसे के बाद देर रात हरियाणा के पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल और पुलिस आयुक्त सतेंद्र कुमार गुप्ता जिला नागरिक बादशाह खान अस्पताल, फरीदाबाद पहुंचे। यहां उन्होंने बलिदानी निरीक्षक जगदीश प्रसाद के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी और परिवार को हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया।

इसी बीच सूरजकुंड मेला परिसर में जहां झूला टूटने की घटना हुई, वहां अतिरिक्त उपायुक्त सतवीर मान की अध्यक्षता में गठित जांच समिति ने भी अपनी पड़ताल शुरू कर दी है। अधिकारी मौके पर मौजूद व्यवस्थाओं, तकनीकी खामियों और सुरक्षा मानकों की समीक्षा कर रहे हैं, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि हादसा किन लापरवाहियों के चलते हुआ।

बलिदानी निरीक्षक के परिवार को एक करोड़ की सहायता

पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने कहा कि निरीक्षक जगदीश प्रसाद ने घायलों को बचाने के लिए अपने कर्तव्य का पालन करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया है। उन्होंने कहा कि विभाग को उन पर गर्व है। डीजीपी ने ऐलान किया कि निरीक्षक जगदीश प्रसाद को ‘बलिदानी’ का दर्जा दिया जाएगा। साथ ही उनके परिवार को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता और परिवार के एक योग्य सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाएगी।

डीजीपी ने फरीदाबाद के सिविल अस्पताल और सुप्रीम अस्पताल में भर्ती घायलों का हाल-चाल भी जाना। पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, इस हादसे में कुल 12 लोग घायल हुए थे, जिनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। सभी घायलों को बेहतर और उच्चस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

तकनीकी और प्रशासनिक स्तर पर भी जांच तेज

सूरजकुंड मेले में हुए झूला हादसे की जांच के लिए अतिरिक्त उपायुक्त सतबीर मान की अध्यक्षता में गठित कमेटी में कई विभागों के विशेषज्ञों को शामिल किया गया है। इस समिति में डीसीपी एनआईटी मकसूद अहमद, जेसी बोस वाईएमसीए यूनिवर्सिटी के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के विशेषज्ञ अरविंद गुप्ता, सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता हितेश कुमार और हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के कार्यकारी अभियंता अश्वनी गौड़ शामिल हैं। सभी अधिकारी अलग-अलग तकनीकी और प्रशासनिक पहलुओं से जांच कर रहे हैं।

घायलों की पूरी सूची, पांच को मिली छुट्टी

इस हादसे में घायल होने वालों में महिला सहायक उप निरीक्षक नीलम (फरीदाबाद पुलिस), महिला सिपाही शर्मिला (पुलिस लाइन फरीदाबाद), राजेश (थाना एसजीएम नगर), हर्ष प्रकाश (ग्रेटर नोएडा), प्रशांत (हाल निवासी आईआईटी दिल्ली), अमीषा (फरीदाबाद), परविंदर (नई दिल्ली), सुनील (महेंद्रगढ़), शिवानी (नोएडा सेक्टर 78), बलबीर (सुल्तानपुर), अनुज (कासगंज, उत्तर प्रदेश) और पूजा (फरीदाबाद) शामिल हैं।

पुलिस के अनुसार, इनमें से पांच घायलों को प्राथमिक इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है, जबकि बाकी का उपचार जारी है।