राधिका यादव की हत्या के बाद से टूट चुके हैं ईनाम उल हक, बोले- 'ना नींद आ रही, ना भूख लग रही', अफवाहों पर उठाए सवाल

गुरुग्राम में टेनिस खिलाड़ी राधिका यादव की चौंकाने वाली हत्या की गुत्थी अभी भी पूरी तरह सुलझ नहीं पाई है। इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद राधिका के साथ म्यूजिक वीडियो 'कारवां' में काम कर चुके कलाकार ईनाम उल हक बेहद टूटे और बेचैन नज़र आ रहे हैं। उन्होंने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए साफ-साफ कहा कि उनका इस घटना से कोई लेना-देना नहीं है, और सोशल मीडिया पर हो रहे चरित्र हनन से वे मानसिक रूप से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।

सोचने तक की ताकत नहीं बची…

ईनाम उल हक ने अपने यूट्यूब चैनल पर लगभग 50 मिनट लंबा वीडियो शेयर किया है। इस वीडियो में उन्होंने पूरे मामले को लेकर अपनी बात खुलकर रखी और सोशल मीडिया पर हो रहे कटाक्षों का जवाब भी दिया। उन्होंने दुख जताते हुए कहा, हत्या के बाद जो आरोप मेरे ऊपर लगाए जा रहे हैं, उनसे मैं बेहद आहत हूं। मुझे नींद नहीं आ रही है, भूख नहीं लग रही। इसलिए मैं खुद सामने आया हूं।

मजहब पर की जा रही बातें दिल को चीरती हैं…

अपने बयान में ईनाम ने कहा, कमेंट्स में लोग धर्म को लेकर जहर उगल रहे हैं। कोई कह रहा है कि राधिका के साथ अच्छा हुआ, किसी को उसके पिता पर गर्व हो रहा है। ये सारी बातें मुझे अंदर तक चुभ रही हैं। मैंने क्या किया है? मेरा इससे कोई संबंध नहीं है। हर मजहब में अच्छे और बुरे लोग होते हैं, यह मजहब की लड़ाई नहीं है।

कैसे हुई थी राधिका से पहली मुलाकात?

ईनाम ने बताया कि राधिका से उनकी पहली मुलाकात ढाई साल पहले टेनिस प्रीमियर लीग, दिल्ली में हुई थी। उन्होंने कहा, वहां मेरी टीम ने मुझे बताया कि एक लड़की कैमरे में अच्छी लग रही है। मैंने कहा शूट कर लो। फिर पता चला कि वह एक्टिंग करना चाहती है। मैंने कहा, कुछ होगा तो बताऊंगा। इसके बाद सोशल मीडिया पर कनेक्शन बना और फिर साल भर बाद म्यूजिक वीडियो 'कारवां' के लिए बातचीत हुई।

सिर्फ दो बार हुई थी मुलाकात

ईनाम ने स्पष्ट किया, नोएडा में वीडियो का शूट हुआ, जहां वह अपनी मां के साथ आई थी। हमने 5-6 घंटे शूट किया। इस दौरान उसने बताया कि उसके पापा को गाना बहुत अच्छा लगा है। शूट के बाद भी हमारी कोई विशेष बातचीत नहीं हुई।

तीन महीने पहले ज्वेलरी शूट की हुई थी बातचीत


उन्होंने आगे बताया, तीन महीने पहले एक ज्वेलरी शूट के लिए उसने संपर्क किया था और अपने दोस्त का नाम भी सजेस्ट किया था, लेकिन डील नहीं हो पाई। इसके बाद बात वहीं खत्म हो गई। उसका परिवार कैसा है, मुझे इसकी जानकारी नहीं है। मेरा नाम सिर्फ इसलिए आया क्योंकि वीडियो में मेरा चेहरा दिखा। इसके बाद मुझे बेवजह टारगेट किया गया।

कब और कैसे हुई थी राधिका की हत्या?


गौरतलब है कि 10 जुलाई को राधिका यादव की उसके पिता दीपक यादव ने गुरुग्राम के सुशांत लोक फेज-2 स्थित घर में गोली मारकर हत्या कर दी थी। उसे चार गोलियां लगी थीं। पुलिस ने आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में उसने दावा किया कि लोग उसे ताना देते थे कि वह बेटी की कमाई खा रहा है। साथ ही वह रील वीडियो बनाने से भी नाराज़ था।