JP अध्यक्ष अजय चौटाला का भड़काऊ बयान, बोले– भारत में भी बांग्लादेश-नेपाल जैसा आंदोलन जरूरी

हरियाणा की जननायक जनता पार्टी (JJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजय चौटाला एक बार फिर अपने बयान को लेकर विवादों में घिर गए हैं। महेंद्रगढ़ जिले में आयोजित युवा योद्धा सम्मेलन के दौरान मंच से बोलते हुए उन्होंने ऐसे शब्दों का इस्तेमाल किया, जिसने सियासी हलकों में हलचल मचा दी है। अजय चौटाला ने जनता को संबोधित करते हुए कहा कि मौजूदा शासकों को सत्ता से हटाने के लिए नेपाल, बांग्लादेश और श्रीलंका जैसे आंदोलनों की जरूरत है, जहां जनता ने सड़कों पर उतरकर सरकारों को उखाड़ फेंका था।

सम्मेलन में अपने भाषण के दौरान JJP प्रमुख ने बेहद आक्रामक लहजे में कहा कि अब सिर्फ विरोध या नारों से काम नहीं चलेगा। उन्होंने दावा किया कि जनता को शासकों को गद्दी से खींचकर सड़कों पर दौड़ाने और सबक सिखाने जैसा कदम उठाना पड़ेगा। अजय चौटाला के इस बयान को कई लोग हिंसा भड़काने वाला बता रहे हैं, जबकि समर्थकों का कहना है कि यह जनता के गुस्से की अभिव्यक्ति है।

‘शासकों को देश छोड़ने पर मजबूर करना होगा’

अजय चौटाला ने आगे कहा, “इन शासकों को देश छोड़ने पर मजबूर करना पड़ेगा। जिस तरह बांग्लादेश, नेपाल और श्रीलंका में जनता ने आंदोलन कर सरकारों को हटाया, वैसा ही आंदोलन भारत में भी होना चाहिए।” उन्होंने कहा कि पड़ोसी देशों में युवाओं ने एकजुट होकर सड़कों पर उतरकर सत्ता का तख्ता पलट दिया और शासकों को रातोंरात देश छोड़ने पर मजबूर कर दिया।

अपने बयान को और विस्तार देते हुए JJP अध्यक्ष ने कहा कि नेपाल के युवाओं ने संगठित होकर न केवल सत्ता के खिलाफ आंदोलन किया, बल्कि शासकों को सड़कों पर घसीटने और देश से बाहर खदेड़ने का काम किया। उन्होंने कहा कि भारत में भी इसी तरह का जनआंदोलन खड़ा करना होगा, ताकि मौजूदा शासकों को सत्ता से हटाकर जवाबदेह बनाया जा सके।

अजय चौटाला ने दोहराया कि जब तक जनता निर्णायक और कठोर कदम नहीं उठाएगी, तब तक कथित कुशासन से मुक्ति संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि शासकों को गद्दी से उतारकर जनता के गुस्से का सामना कराना ही एकमात्र रास्ता बचा है। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं और इसे लेकर नया सियासी विवाद खड़ा हो गया है।

गौरतलब है कि अजय चौटाला हरियाणा के पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के पिता और पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला के बेटे हैं। उनके इस बयान को लेकर विपक्षी दलों के साथ-साथ सत्तारूढ़ दलों की ओर से भी कड़ी आलोचना किए जाने की संभावना जताई जा रही है।