सूरत जरी फैक्ट्री में गैस सिलेंडर विस्फोट से मची तबाही, आग में 2 की दर्दनाक मौत, 9 लोग घायल

गुजरात के सूरत शहर से एक दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को दहला कर रख दिया। वराछा क्षेत्र के भरत नगर गौशाला के पास स्थित एक जरी फैक्ट्री में गुरुवार सुबह अचानक भीषण आग भड़क उठी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और फैक्ट्री के अंदर रखे गैस सिलेंडर एक-एक कर फटने लगे। इस घटना में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।

indiatv के मुताबिक, आग फैक्ट्री की तीसरी मंजिल पर लगी थी, जहां जरी का काम किया जा रहा था। जैसे ही आग फैली, वहां मौजूद एलपीजी सिलेंडरों में धमाके शुरू हो गए। लगातार हो रहे विस्फोटों की आवाज से आसपास के लोग दहशत में आ गए और पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

फैक्ट्री की छत पर टीन शेड बनाकर कई मजदूर रह भी रहे थे और वहीं काम कर रहे थे। हादसे के वक्त ये लोग ऊपर ही फंसे रह गए। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। दमकल कर्मियों को अंदर फंसे लोगों तक पहुंचने के लिए टीन शेड काटना पड़ा, जिसके बाद एक-एक कर मजदूरों को बाहर निकाला गया।

करीब 11 लोगों को सुरक्षित बाहर निकालकर तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। हालांकि इलाज के दौरान दो लोगों ने दम तोड़ दिया, जबकि बाकी 9 घायलों का इलाज जारी है। कई की हालत गंभीर बताई जा रही है।
घटनास्थल की जांच के दौरान पुलिस और फायर विभाग को फैक्ट्री के भीतर से करीब 8 गैस सिलेंडर बरामद हुए हैं। इतनी बड़ी संख्या में सिलेंडरों का एक ही स्थान पर होना कई सवाल खड़े कर रहा है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि आग लगने की असली वजह क्या थी, लेकिन शुरुआती जांच में सिलेंडर ब्लास्ट को बड़ा कारण माना जा रहा है।

प्रशासन पहले से ही अवैध गैस सिलेंडर रिफिलिंग को लेकर सतर्क था। हाल ही में शहर के विभिन्न हिस्सों में चलाए गए अभियान में 13 दुकानदारों को गैरकानूनी तरीके से गैस भरते हुए पकड़ा गया था। ऐसे में इस जरी फैक्ट्री में इतनी बड़ी संख्या में सिलेंडरों की मौजूदगी ने जांच एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है।

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर इतने सिलेंडर यहां पहुंचे कैसे और इसके पीछे किसकी लापरवाही या साजिश है। राहत की बात यह रही कि बरामद 8 सिलेंडरों में से केवल 2 में ही विस्फोट हुआ, वरना नुकसान और भी भयावह हो सकता था।

फिलहाल पुलिस और एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लैब) की टीमें मामले की गहराई से जांच कर रही हैं। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि दोषियों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।