उपराष्ट्रपति पद का चुनाव इस बार बेहद रोचक होने जा रहा है। सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ने अपने-अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। जहां एनडीए ने तमिलनाडु के पूर्व राज्यपाल और भाजपा नेता सी.पी. राधाकृष्णन को मैदान में उतारा है, वहीं विपक्ष ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश बी. सुदर्शन रेड्डी को उम्मीदवार घोषित किया है। दोनों ही उम्मीदवारों की पृष्ठभूमि मजबूत है, जिससे मुकाबला दिलचस्प होने की संभावना है। हालांकि संसदीय संख्या बल को देखते हुए एनडीए का पलड़ा फिलहाल भारी माना जा रहा है।
खरगे ने किया विपक्षी उम्मीदवार का ऐलानविपक्षी गठबंधन इंडिया (INDIA) की बैठक कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर हुई, जहां बी. सुदर्शन रेड्डी का नाम सर्वसम्मति से तय किया गया। उन्होंने कहा कि बी. सुदर्शन रेड्डी भारत के सबसे प्रतिष्ठित और प्रगतिशील न्यायविदों में से एक हैं। उनका एक लंबा और प्रतिष्ठित कानूनी करियर रहा है, जिसमें आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायाधीश, गुवाहाटी उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश और सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में कार्य करना शामिल है।
उन्होंने कहा कि सुदर्शन रेड्डी सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय के एक निरंतर और साहसी समर्थक रहे हैं। अगर आप उनके कई फैसले पढ़ेंगे, तो आपको पता चलेगा कि उन्होंने कैसे गरीबों का पक्ष लिया और संविधान तथा मौलिक अधिकारों की रक्षा की। अपने करियर में उन्होंने कई ऐसे फैसले दिए जो गरीबों, पिछड़ों और उपेक्षित वर्गों के अधिकारों को मजबूत करने वाले रहे। यही कारण है कि विपक्ष उन्हें जनता का सच्चा पक्षधर बताकर चुनाव मैदान में उतार रहा है।
जाति जनगणना पर अहम भूमिकातेलंगाना में जाति जनगणना और सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण की निगरानी में भी उनका योगदान अहम रहा। रेड्डी ने उस विशेषज्ञ समिति का नेतृत्व किया जिसने राज्य सरकार को अपनी 300 पन्नों की रिपोर्ट सौंपी। इस रिपोर्ट ने सामाजिक-आर्थिक, शिक्षा, रोजगार और राजनीतिक आधार पर किए गए सर्वेक्षण को वैज्ञानिक और भरोसेमंद करार दिया। विशेषज्ञों का मानना है कि यह सर्वेक्षण भविष्य में देशभर के लिए एक आदर्श साबित हो सकता है।
मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, उपराष्ट्रपति पद का यह चुनाव एक वैचारिक लड़ाई है और सभी विपक्षी दल इस पर सहमत हैं, और यही कारण है कि हमने बी. सुदर्शन रेड्डी को संयुक्त उम्मीदवार के रूप में नामित किया है। उन्होंने कहा कि सुदर्शन रेड्डी उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए 21 अगस्त को नामांकन दाखिल करेंगे। सभी विपक्षी दलों के सांसद बुधवार की दोपहर 1 बजे सेंट्रल हॉल में बैठक करेंगे।
टीएमसी सांसद डेरेक ओ'ब्रायन ने कहा, आम आदमी पार्टी समेत सभी विपक्षी दल इस पर सहमत हैं।
एक दिन पहले केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी के आवास पर सोमवार को उपराष्ट्रपति चुनाव को लेकर अहम बैठक हुई थी, जिसमें राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने अपनी रणनीति को अंतिम रूप दिया था। बैठक में तय किया गया कि महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए 20 अगस्त को नामांकन करेंगे।
मुकाबले की संभावनाएंभले ही संख्या बल के आधार पर एनडीए उम्मीदवार सी.पी. राधाकृष्णन को बढ़त हासिल है, लेकिन विपक्ष की ओर से बी. सुदर्शन रेड्डी का नाम चुनाव को प्रतिष्ठा की लड़ाई बना रहा है। विपक्ष इस दांव से संदेश देना चाहता है कि वह सामाजिक न्याय और संवैधानिक मूल्यों के मुद्दे को मजबूती से आगे रख रहा है। ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि यह चुनाव सत्ता और विपक्ष के बीच महज आंकड़ों की लड़ाई बनकर रह जाता है या फिर वैचारिक जंग का रूप भी लेता है।