हाल ही में दिल्ली स्थित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ लगाए गए आपत्तिजनक नारों के विरोध में बजरंग दल ने एक सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में विश्व हिंदू परिषद (VHP) के दिल्ली प्रांत के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल हुए। आयोजकों के अनुसार, यह आयोजन विरोध के साथ-साथ अपनी वैचारिक स्थिति स्पष्ट करने का प्रयास भी था।
हनुमान चालीसा से पहले VHP नेता का विवादित बयानहनुमान चालीसा के सामूहिक पाठ से पहले VHP के दिल्ली प्रांत मंत्री सुरेंद्र गुप्ता ने मंच से ऐसा बयान दिया, जिस पर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में विवाद खड़ा हो सकता है। उन्होंने कहा कि JNU में जिन लोगों ने “कब्र खोदने” जैसी भाषा का इस्तेमाल किया, उन्हें उसी परिसर में जवाब दिया जाएगा। उन्होंने तीखे शब्दों में कहा कि ऐसे लोग अपने घर तक भी नहीं पहुंच पाएंगे। इसके साथ ही उन्होंने अपमानजनक सजा देने जैसी बातों का उल्लेख करते हुए कहा कि देश और सनातन परंपरा के खिलाफ खड़े होने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। गुप्ता ने यह भी कहा कि सनातन भूमि पर आने वाले जिहादी विचारों का हमेशा विरोध हुआ है और आगे भी बजरंग दल इसका डटकर सामना करेगा।
‘जो टकराएगा, उसे करारा जवाब मिलेगा’इस मौके पर VHP के दिल्ली प्रांत अध्यक्ष कपिल खन्ना ने भी सख्त तेवर दिखाए। उन्होंने कहा कि JNU को यहां से स्पष्ट संदेश दिया जाएगा कि देशविरोधी गतिविधियों को सफल नहीं होने दिया जाएगा। खन्ना ने दावा किया कि हिंदू समाज अब पूरी तरह जागरूक हो चुका है और किसी भी तरह की चुनौती का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार है। उन्होंने ऐतिहासिक उदाहरण देते हुए कहा कि करीब एक हजार वर्ष पहले गजनी द्वारा सोमनाथ मंदिर को बार-बार तोड़ा गया, लेकिन हर बार उसका पुनर्निर्माण हुआ और आज वह पहले से भी अधिक भव्य स्वरूप में खड़ा है। इसी तरह, उन्होंने राम मंदिर आंदोलन का उल्लेख करते हुए कहा कि सैकड़ों वर्षों के संघर्ष के बाद अयोध्या में प्रभु राम का भव्य मंदिर बना।
अखंड भारत और धार्मिक स्थलों को लेकर दावेकपिल खन्ना ने आगे कहा कि उनका संकल्प अखंड भारत के सपने को साकार करने का है और इसके लिए वैचारिक स्तर पर संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने यह भी दावा किया कि आने वाले समय में मथुरा में श्रीकृष्ण भव्य मंदिर में विराजमान होंगे। उनके अनुसार, दिल्ली समेत देश के किसी भी हिस्से में लव जिहाद या लैंड जिहाद जैसी गतिविधियों को पनपने नहीं दिया जाएगा और जो भी ऐसी कोशिश करेगा, उसे कड़ा जवाब मिलेगा।
‘यह केवल कार्यक्रम नहीं, वैचारिक प्रतिरोध है’VHP की ओर से जारी बयान में कहा गया कि यह आयोजन केवल एक धार्मिक कार्यक्रम भर नहीं था, बल्कि एक वैचारिक प्रतिक्रिया भी है। संगठन का कहना है कि जहां अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर राष्ट्र और उसकी संस्थाओं का अपमान किया जाता है, वहां राष्ट्रधर्म की स्पष्ट, तार्किक और मर्यादित आवाज उठाना आवश्यक हो जाता है। VHP के अनुसार, विरोध सिर्फ नारेबाजी से नहीं, बल्कि विचार, इतिहास और सत्य के आधार पर होना चाहिए। संगठन ने यह भी कहा कि युवाओं को भ्रमित करने के बजाय उन्हें सही दिशा दिखाना जरूरी है और इसी उद्देश्य से ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।