विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर चल रहे राजनीतिक विवाद के बीच चुनाव आयोग ने शनिवार को कई अहम फैसले किए। आयोग ने साफ किया कि SIR के दौरान नोटिस मिलने वाले मतदाताओं को सामान्य परिस्थितियों में सुनवाई के लिए निर्वाचन कार्यालय जाने की जरूरत नहीं होगी। बूथ स्तरीय अधिकारी यानी BLO घर जाकर जरूरी दस्तावेज ले सकते हैं और सत्यापन के बाद उन्हें ECI Net ऐप पर अपलोड करेंगे। केवल असाधारण परिस्थितियों में ही संबंधित व्यक्ति को कार्यालय बुलाया जाएगा।
चुनाव आयोग के इन फैसलों के बाद SIR को लेकर चल रहे राजनीतिक विवाद के बीच एनडीए के घटक दलों ने विपक्ष के आरोपों पर सवाल उठाए। जेडीयू, लोजपा (रा), टीडीपी और शिवसेना समेत अन्य दलों ने आयोग के खिलाफ विपक्ष की ओर से लगाए जा रहे आरोपों को बेबुनियाद बताया।
नोटिस मिला तो घर पर होगी दस्तावेजों की जांचचुनाव आयोग के मुताबिक, SIR के दौरान जिन लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं, उन्हें सुनवाई के लिए निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ERO) या सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (AERO) के कार्यालय जाने की आवश्यकता नहीं होगी। BLO घर पहुंचकर आवश्यक दस्तावेज ले सकते हैं और सत्यापन के बाद उन्हें ECI Net पर अपलोड करेंगे।
आयोग ने यह भी कहा कि सामान्य मामलों में सुनवाई ऑनलाइन होगी। केवल असाधारण परिस्थितियों में ही संबंधित व्यक्ति को सुनवाई के लिए कार्यालय बुलाया जाएगा। इसके साथ ही ऑनलाइन सुनवाई की व्यवस्था को और मजबूत करने का फैसला किया गया है।
आश्रय गृहों और जरूरतमंदों के लिए हेल्प डेस्कआयोग ने आश्रय गृहों में रहने वाले लोगों के साथ-साथ मजदूरों, गरीबों और बेघर लोगों की मदद के लिए हेल्प डेस्क और विशेष शिविर लगाने का फैसला किया है। इसका उद्देश्य SIR के दौरान ऐसे लोगों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराना है।
इसके अलावा आयोग ने अपने ECI Net ऐप की भी समीक्षा करने का निर्णय लिया है। इसके लिए वरिष्ठ उप निर्वाचन आयुक्त की अध्यक्षता में एक समिति बनाई जाएगी, जो अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
अब बैठकों का एजेंडा पहले साझा होगाचुनाव आयोग ने अपनी बैठकों की प्रक्रिया को लेकर भी एक अहम फैसला किया है। अब आयोग की बैठकों का एजेंडा पहले ही साझा किया जाएगा। बैठक के बाद उसका विवरण भी जारी किया जाएगा।
आयोग के ये फैसले ऐसे समय आए हैं जब SIR को लेकर विपक्ष और सत्तारूढ़ गठबंधन के दलों के बीच बयानबाजी तेज है। शनिवार को चुनाव आयोग की ओर से SIR से जुड़े सवालों पर स्थिति स्पष्ट किए जाने के बाद एनडीए के कई घटक दलों ने विपक्ष पर निशाना साधा।
जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने कहा कि विपक्ष की ओर से यह भ्रम फैलाया जा रहा था कि SIR के मुद्दे पर चुनाव आयोग के भीतर सहमति नहीं थी। वहीं, लोजपा (रा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा कि आयोग ने सभी महत्वपूर्ण विषयों पर अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है। उनके मुताबिक, विपक्षी दल लोगों के बीच भ्रम पैदा कर रहे हैं।
नायडू और शिंदे ने भी विपक्ष के आरोपों पर उठाए सवाल
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री और टीडीपी प्रमुख एन चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि चुनाव आयोग ने संस्था से जुड़ी भ्रांतियों को दूर कर दिया है। शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे ने भी विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जब भी एनडीए चुनाव जीतता है, विपक्ष चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाना शुरू कर देता है।
हम (सेकुलर) के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संतोष कुमार सुमन ने भी SIR को लेकर विपक्ष की ओर से लगाए जा रहे आरोपों का उल्लेख किया और कहा कि उनकी वास्तविकता सामने आ गई है।
20 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में SIR पूराचुनाव आयोग ने बताया कि बिहार और पश्चिम बंगाल सहित 20 राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों में SIR की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। आयोग के अनुसार, पुनरीक्षण के दौरान जिन लोगों के नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं हो पाए हैं, वे संबंधित निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी के पास नाम शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं।
इस प्रक्रिया के दायरे में युवा और पहली बार मतदान करने वाले लोग भी आ सकते हैं। यानी जिन पात्र लोगों के नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं हो पाए हैं, उनके लिए नाम जुड़वाने की प्रक्रिया उपलब्ध रहेगी।
दिल्ली और महाराष्ट्र में दावे-आपत्तियों की समयसीमाआयोग ने दावे और आपत्तियां दाखिल करने की समयसीमा को लेकर भी जानकारी दी है। दिल्ली में 30 अक्टूबर तक, जबकि महाराष्ट्र में 10 नवंबर तक दावे और आपत्तियां दाखिल की जा सकती हैं।
इस तरह SIR को लेकर राजनीतिक विवाद के बीच चुनाव आयोग ने मतदाताओं की सुविधा, सुनवाई की प्रक्रिया, तकनीकी व्यवस्था और अपनी बैठकों की पारदर्शिता से जुड़े कई फैसले किए हैं। नोटिस पाने वाले मतदाताओं के लिए सबसे अहम बदलाव यह है कि सामान्य परिस्थितियों में उन्हें सुनवाई के लिए चुनाव कार्यालय जाने की जरूरत नहीं होगी और प्रक्रिया ऑनलाइन तथा घर से दस्तावेज जुटाने के जरिए आगे बढ़ाई जाएगी।