शशि थरूर ने इंडिया गठबंधन के मार्च से पहले रामधारी सिंह दिनकर की कविता से दिया संदेश, लिखा- ‘सिंहासन खाली करो...’

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने इंडिया गठबंधन के प्रस्तावित विरोध मार्च से पहले कवि रामधारी सिंह दिनकर की चर्चित कविता ‘जनतंत्र का जन्म’ की पंक्तियां साझा की हैं। उनके पोस्ट में लिखी पंक्ति ‘सिंहासन खाली करो कि जनता आती है’ ने राजनीतिक घटनाक्रम के बीच ध्यान खींचा है। इंडिया गठबंधन सोमवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हुए सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकालने की तैयारी में है। इस मार्च में विपक्षी दलों के कई नेताओं के शामिल होने की बात कही गई है। शशि थरूर ने सोशल मीडिया पर कविता की पंक्तियां साझा करते हुए इसे दिन की कविता बताया। उन्होंने रामधारी सिंह दिनकर की रचना ‘जनतंत्र का जन्म’ का उल्लेख किया और लिखा कि जब जनता आक्रोशित होती है, तो हालात बदल सकते हैं। पोस्ट में उन्होंने कविता की ये पंक्तियां भी साझा कीं, “दो राह, समय के रथ का घर्घर-नाद सुनो, सिंहासन खाली करो कि जनता आती है।” थरूर ने कविता के साथ एक वीडियो भी साझा किया, जिसमें उन्होंने लोगों को प्रस्तावित मार्च की जानकारी दी। यह पोस्ट ऐसे समय आया है, जब मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी दलों का विरोध तेज होने की बात कही जा रही है। मार्च में दिल्ली के बाहर से भी कई सांसदों के शामिल होने के लिए आने का जिक्र किया गया है।

राहुल गांधी ने भी वीडियो साझा कर की थी एकजुट होने की अपील

इससे पहले रविवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक वीडियो साझा करके सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकालने और भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) को ज्ञापन सौंपने की योजना की घोषणा की थी। राहुल गांधी ने अपने संदेश में पार्टी, महिला-पुरुष, जाति, समुदाय और राज्य के आधार पर बने भेदभाव से ऊपर उठकर एक साथ चलने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि सभी लोगों को इन पहचानों की दीवारों से ऊपर उठकर एकजुट होना चाहिए। राहुल गांधी का यह ऐलान दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन के बीच सामने आया था। अब इंडिया गठबंधन के प्रस्तावित मार्च को लेकर विपक्षी नेताओं की तैयारियां चर्चा में हैं।
ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन, सुप्रीम कोर्ट तक मार्च की तैयारी

इंडिया गठबंधन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन को आगे बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। विपक्षी नेताओं की योजना सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकालने की है। इस दौरान वे चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को उठाना चाहते हैं। संदर्भ में कथित चुनावी अनियमितताओं और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया से जुड़े सवालों का उल्लेख किया गया है। विपक्षी दलों के नेताओं ने इन मुद्दों पर मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत से मुलाकात करने और उन्हें ज्ञापन सौंपने का अनुरोध किया था। हालांकि, सीजेआई ने उनसे मिलने के प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया। उन्होंने ईमेल के जरिए भेजे गए जवाब में अपने फैसले के कारण बताए थे।

CJI सूर्यकांत ने मिलने से क्यों किया इनकार?

विपक्षी नेताओं की ओर से सीजेआई से मुलाकात का अनुरोध चुनावी अनियमितताओं के आरोपों और SIR प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के लिए किया गया था। लेकिन मुख्य न्यायाधीश ने मुलाकात से इनकार कर दिया। इस फैसले के बाद इंडिया गठबंधन की ओर से सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकालने की योजना जारी है। शशि थरूर की कविता वाली पोस्ट और राहुल गांधी के वीडियो के बीच विपक्षी दलों का यह प्रदर्शन राजनीतिक रूप से अहम घटनाक्रम के तौर पर सामने आया है। हालांकि, चुनावी अनियमितताओं और अन्य मुद्दों को लेकर विपक्ष की ओर से लगाए गए आरोपों को आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए; उपलब्ध जानकारी में उनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं दी गई है।