तिहाड़ से रिहाई के बाद सौरव दास का पहला पोस्ट, फिर उठाई CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका की तिहाड़ जेल से रिहाई के बाद भी मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग जारी है। बुधवार को लिखित माफीनामा और शपथ पत्र देने के बाद जमानत पर रिहा हुए सौरव दास ने देर रात सोशल मीडिया पर अपना पहला पोस्ट साझा किया। इसमें उन्होंने एक बार फिर मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग करते हुए लिखा, “ज्ञानू को जाना है।” सौरव दास की इस पोस्ट से साफ है कि जेल से बाहर आने के बाद भी सीईसी के खिलाफ उनका विरोध जारी है। सौरव और आशुतोष रांका को 14 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन के बाद हिरासत में लिया गया था। उनकी रिहाई के लिए विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट (SEM) के समक्ष लिखित आश्वासन दिया गया था कि वे जंतर-मंतर स्थल को कानून के अनुसार गैर-अधिसूचित किए जाने तक शांति बनाए रखेंगे और वहां विरोध प्रदर्शन नहीं करेंगे।

सीजेपी नेताओं की रिहाई के बाद पार्टी ने विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट के आदेश का स्वागत किया। वहीं, सौरव दास ने जेल से बाहर आने के कुछ समय बाद ही सोशल मीडिया के जरिए अपनी मांग दोहराई। उनकी पोस्ट में मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे का मुद्दा एक बार फिर प्रमुखता से सामने आया।

‘यह फैसला पहले ही आ जाना चाहिए था’

सीजेपी की लीगल हेड रत्ना सिंह ने सौरव दास और आशुतोष रांका की रिहाई पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह फैसला पहले ही आ जाना चाहिए था। दोनों नेताओं को 14 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन के बाद हिरासत में लिया गया था। उनकी न्यायिक हिरासत की अवधि समाप्त होने पर उन्हें रिहा किया गया। रिहाई से पहले दोनों नेताओं ने विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट को लिखित रूप में आश्वासन दिया कि वे निर्धारित शर्तों का पालन करेंगे। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर स्थल को कानून के अनुसार गैर-अधिसूचित किए जाने तक शांति बनाए रखेंगे और वहां विरोध प्रदर्शन नहीं करेंगे। इसी लिखित आश्वासन और शपथ पत्र के बाद उन्हें जमानत पर रिहा किया गया।
अभिजीत दीपके ने सौरव और आशुतोष की रिहाई पर क्या कहा?

सीजेपी नेताओं की रिहाई के बाद अभिजीत दीपके ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट साझा की। उन्होंने सौरव दास और आशुतोष रांका को अपने से भी बहुत बड़ा नेता बताया। कोर्ट के आदेश के पालन का जिक्र करते हुए दीपके ने मजाकिया अंदाज में कहा कि अब उनके बिना बगीचे में कोई अकेला नहीं घूमेगा।

दीपके की इस पोस्ट में दोनों नेताओं की रिहाई पर प्रतिक्रिया के साथ हल्का-फुल्का अंदाज भी देखने को मिला। उनकी टिप्पणी के बाद सौरव और आशुतोष की रिहाई से जुड़ी चर्चा सोशल मीडिया पर जारी रही।

वीडियो शेयर कर फिर दोहराई गई ‘ज्ञानू को जाना होगा’ की मांग

अभिजीत दीपके ने सौरव दास और आशुतोष रांका का एक वीडियो भी शेयर किया। इस वीडियो में दोनों सीजेपी नेता हाथों में तिरंगा लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते नजर आ रहे हैं। दीपके ने वीडियो के साथ लिखा, “लड़कों का एक संदेश है। ज्ञानू को जाना होगा।”

वीडियो में दोनों नेता नारेबाजी करते दिखाई देते हैं। आशुतोष रांका ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाते हैं, जबकि सौरव दास ‘इंकलाब जिंदाबाद’ कहते नजर आते हैं। इसके बाद दोनों नेता मिलकर ‘ज्ञानू मस्ट गो’ का नारा लगाते हैं।

इस तरह सौरव दास की देर रात की पोस्ट और अभिजीत दीपके की ओर से साझा किए गए वीडियो में मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग दोहराई गई। तिहाड़ जेल से रिहाई के बाद सीजेपी नेताओं की ओर से सामने आए इन संदेशों में उनका विरोध और नारेबाजी प्रमुख रूप से दिखाई दी।