नई दिल्ली की गलियों में इन दिनों एक अजीबो-गरीब ऐलान गूंज रहा है – सुनो, सुनो, सुनो… जो कोई भी सौरभ भारद्वाज की कोठी ढूंढकर लाएगा, उसे 21 लाख रुपये नकद इनाम दिया जाएगा। यह घोषणा आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता सौरभ भारद्वाज के नेतृत्व में की गई। खुद भारद्वाज अपने समर्थकों के साथ गली-गली घूमते नज़र आए और मज़ाकिया अंदाज़ में यह वीडियो उन्होंने सोशल मीडिया पर भी साझा किया।
रैली और ईडी की छापेमारी का कनेक्शनइस पूरे प्रकरण की जड़ कुछ दिन पहले की ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) की छापेमारी में छिपी है। ईडी ने हाल ही में AAP से जुड़े 13 ठिकानों पर रेड मारी थी। इस कार्रवाई के बाद भारद्वाज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में तंज कसते हुए कहा था – मुझे भी बताइए कि मेरे ये 13 ठिकाने कौन से हैं? उनके इसी बयान को आगे बढ़ाते हुए यह रैली और इनाम का ऐलान लोगों का ध्यान खींचने का तरीका बन गया।
गली-गली गूंजे नारेभारद्वाज समर्थकों के साथ जब रैली में निकले तो माहौल किसी जुलूस जैसा बन गया। समर्थकों ने लाउडस्पीकर और नारेबाज़ी के ज़रिए घोषणा की – सौरभ भारद्वाज की कोठी ढूंढो, 21 लाख का इनाम पाओ। मौका मत गंवाना, नकद इनाम घर ले आना। उनकी यह शैली लोगों को आकर्षित भी कर रही है और सोशल मीडिया पर वीडियो तेजी से वायरल हो गया है।
ईडी की कार्रवाई का असली कारण क्या?ईडी की छापेमारी मनी लॉन्ड्रिंग जांच से जुड़ी थी। मामला स्वास्थ्य ढांचे से संबंधित परियोजनाओं में कथित गड़बड़ी का है। आरोप है कि वर्ष 2018-19 के दौरान दिल्ली में 24 अस्पताल परियोजनाओं को मंजूरी दी गई थी, जिनकी कुल लागत करीब 5590 करोड़ रुपये थी। लेकिन बाद में यह सामने आया कि इन परियोजनाओं में असामान्य रूप से लागत बढ़ाई गई और ज्यादातर काम अधूरा रह गया। यही कारण है कि ईडी ने आप नेताओं से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की और पूछताछ की प्रक्रिया शुरू की।
राजनीतिक रंग और व्यंग्यात्मक जवाबभारद्वाज का कोठी ढूंढो, इनाम पाओ अभियान दरअसल राजनीतिक व्यंग्य है। ईडी की छापेमारी को लेकर वह यह संदेश देना चाहते हैं कि उनके पास ऐसी कोई छिपी हुई कोठी नहीं है। उनके मुताबिक, यह पूरी कार्रवाई विपक्ष द्वारा उन्हें परेशान करने की कोशिश है। उनकी यह शैली न केवल विरोध का एक अनोखा तरीका है, बल्कि जनता का ध्यान खींचने का भी साधन बन गई है।