तेलंगाना सरकार राज्य में बुनियादी ढांचे और रक्षा क्षेत्र से जुड़े निवेश को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयासरत है। इसी दिशा में सोमवार (22 जून, 2026) को मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने नई दिल्ली स्थित कर्तव्य भवन में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की। इस बैठक के दौरान उन्होंने आदिलाबाद एयरपोर्ट के व्यापक विकास और महबूबनगर जिले में प्रस्तावित एक महत्वपूर्ण रक्षा अनुसंधान परियोजना को लेकर कई अहम मुद्दे उठाए।
मुख्यमंत्री ने रक्षा मंत्री से आग्रह किया कि आदिलाबाद एयरपोर्ट को केवल एक सामान्य हवाई अड्डे के रूप में विकसित करने के बजाय इसे कार्गो संचालन, मेंटेनेंस, रिपेयर एंड ओवरहॉल (MRO) सेवाओं और आधुनिक हैंगर सुविधाओं से लैस किया जाए। उनका कहना था कि इन सुविधाओं के विकसित होने से न केवल क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूती मिलेगी, बल्कि राज्य में औद्योगिक और आर्थिक गतिविधियों को भी नया प्रोत्साहन मिलेगा।
गांधी सरोवर परियोजना के लिए जताया आभारबैठक के दौरान मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को गांधी सरोवर परियोजना के लिए आवश्यक रक्षा भूमि उपलब्ध कराने में सहयोग देने के लिए धन्यवाद भी दिया। उन्होंने कहा कि इस फैसले से राज्य की एक महत्वपूर्ण परियोजना को गति मिली है और इसके लिए केंद्र सरकार का सहयोग सराहनीय है।
मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि आदिलाबाद एयरपोर्ट का विकास तेलंगाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भूमि अधिग्रहण, उपयोगिताओं के स्थानांतरण और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं में राज्य सरकार हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी। रेड्डी ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा और रणनीतिक दृष्टिकोण से भी यह एयरपोर्ट काफी महत्वपूर्ण है, जिसे वर्तमान में भारतीय वायु सेना की निगरानी में विकसित किया जा रहा है।
एयर कार्गो और MRO हब बनाने का प्रस्तावरेवंत रेड्डी ने रक्षा मंत्री के समक्ष एक व्यापक एविएशन विजन भी रखा। उन्होंने कहा कि आदिलाबाद को भविष्य में एक प्रमुख एविएशन और एयरोस्पेस केंद्र के रूप में विकसित किया जा सकता है। इसके लिए भारतीय वायु सेना टर्मिनल और प्रस्तावित सिविल एविएशन टर्मिनल के साथ-साथ अत्याधुनिक कार्गो टर्मिनल, MRO सुविधाएं और बड़े हैंगर विकसित किए जाने चाहिए।
मुख्यमंत्री का मानना है कि यदि इन सुविधाओं का निर्माण होता है तो आदिलाबाद राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विमानन गतिविधियों का एक महत्वपूर्ण केंद्र बन सकता है। इससे निवेश आकर्षित होगा और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
वैश्विक एयरलाइंस की जरूरतों का उठाया मुद्दाबैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि दुनिया की कई प्रमुख एयरलाइंस वर्तमान समय में अपने हैंगर और रखरखाव संचालन के लिए नए और रणनीतिक स्थानों की तलाश कर रही हैं। उन्होंने कहा कि मध्य एशिया क्षेत्र में हाल के भू-राजनीतिक और व्यावसायिक परिवर्तनों के कारण एयरलाइंस वैकल्पिक केंद्रों पर विचार कर रही हैं।
रेड्डी ने रक्षा मंत्री से आग्रह किया कि आदिलाबाद की भौगोलिक स्थिति का लाभ उठाकर इसे इस क्षेत्र में एक आकर्षक विकल्प के रूप में विकसित किया जाए। उनका कहना था कि उचित सुविधाएं उपलब्ध कराए जाने पर यह क्षेत्र अंतरराष्ट्रीय विमानन कंपनियों को आकर्षित करने में सक्षम साबित हो सकता है।
DRDL परियोजना को जल्द मंजूरी देने की मांगएविएशन इंफ्रास्ट्रक्चर के अलावा मुख्यमंत्री ने रक्षा क्षेत्र से जुड़ी एक अन्य महत्वपूर्ण परियोजना का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने महबूबनगर जिले के देवराकादरा में प्रस्तावित रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) अथवा रक्षा अनुसंधान एवं विकास प्रयोगशाला (DRDL) की परियोजना के लिए मंजूरी प्रक्रिया को तेज करने का अनुरोध किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना के लिए स्थान का चयन पहले ही किया जा चुका है और अब इसकी स्थापना की दिशा में आवश्यक स्वीकृतियों को शीघ्रता से पूरा किया जाना चाहिए। उनका मानना है कि यह परियोजना न केवल राज्य बल्कि देश के रक्षा अनुसंधान तंत्र को भी मजबूती प्रदान करेगी।
वरिष्ठ अधिकारियों का प्रतिनिधिमंडल भी रहा मौजूदइस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी अकेले नहीं थे। उनके साथ राज्य सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। प्रतिनिधिमंडल में सड़क एवं भवन विभाग के विशेष सचिव विकास राज, प्रधान सचिव केएस श्रीनिवास राजू, सचिव माणिक राज और समन्वय विभाग के विशेष सचिव अद्वैत कुमार सिंह शामिल थे।
इन अधिकारियों की मौजूदगी यह दर्शाती है कि राज्य सरकार इन परियोजनाओं को लेकर कितनी गंभीर है और केंद्र सरकार के साथ समन्वय स्थापित कर इन्हें जल्द से जल्द जमीन पर उतारना चाहती है।
निवेश और रक्षा क्षेत्र में नई संभावनाओं पर जोरविशेषज्ञों का मानना है कि यह बैठक तेलंगाना सरकार की दीर्घकालिक विकास रणनीति का हिस्सा है। राज्य सरकार एक ओर जहां वैश्विक विमानन कंपनियों और निवेशकों को आकर्षित करना चाहती है, वहीं दूसरी ओर रक्षा क्षेत्र में भी अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने की दिशा में काम कर रही है।
आदिलाबाद को MRO और विमानन सेवाओं के बड़े केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना से हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने की संभावना है। वहीं देवराकादरा में प्रस्तावित रक्षा अनुसंधान परियोजना इस क्षेत्र को स्वदेशी रक्षा निर्माण और अनुसंधान के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में स्थापित कर सकती है। इससे तेलंगाना की भूमिका देश के रक्षा और औद्योगिक विकास के नक्शे पर और अधिक मजबूत होने की उम्मीद है।