मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विपक्षी इंडिया गठबंधन का विरोध लगातार जारी है। इसी बीच राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट में एक और याचिका दाखिल की है। वहीं, प्रदर्शन को आगे बढ़ाने और अगली रणनीति पर चर्चा करने के लिए उन्होंने आज शाम इंडिया गठबंधन के नेताओं को अपने आवास पर हाई टी के लिए आमंत्रित किया है। इस बैठक में विपक्षी नेता आगे के आंदोलन को लेकर विचार-विमर्श करेंगे। दूसरी ओर, प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई, मेट्रो सेवाएं बंद किए जाने और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने से जुड़े मामलों पर सुप्रीम कोर्ट और दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई होनी है। इस बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता भी दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचे। यहां पुलिस ने सौरव दास, आशुतोष रांका और अन्य नेताओं को हिरासत में ले लिया। विपक्षी दलों का चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विरोध पिछले कई दिनों से अलग-अलग स्थानों पर जारी है। अब सबकी नजर अदालतों में होने वाली सुनवाई और विपक्ष की आगामी रणनीति पर है।
सुप्रीम कोर्ट में विपक्ष की याचिका पर सुनवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं12 अक्टूबर को राहुल गांधी के नेतृत्व में इंडिया गठबंधन के नेताओं ने दिल्ली के बाराखंबा रोड से सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकाला था। इसके बाद राहुल गांधी समेत विपक्ष के 11 प्रमुख नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की। इस याचिका में चुनाव आयोग के साथ मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और दोनों चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू तथा विवेक जोशी को प्रतिवादी बनाया गया है। हालांकि, विपक्ष की इस याचिका पर आज सुनवाई होने की संभावना मुश्किल बताई गई है। याचिका में 14 कमियां बताई गई हैं, जिन पर स्पष्टीकरण मांगा गया है। इन कमियों के चलते मामले को आज की सुनवाई के लिए सूचीबद्ध नहीं किया गया है। ऐसे में विपक्ष की ओर से दाखिल इस अर्जी पर सुनवाई की स्थिति इन कमियों के स्पष्टीकरण और आगे की प्रक्रिया पर निर्भर करेगी।
10 अक्टूबर की पुलिस कार्रवाई को लेकर राहुल गांधी की एक और अर्जीराहुल गांधी ने 10 अक्टूबर को हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई से जुड़े मामले में भी याचिका दाखिल की है। आज मुख्य मामले की सुनवाई के दौरान राहुल गांधी की ओर से इस मुद्दे को भी अदालत के सामने उठाया जा सकता है। इससे पहले रविवार को सुप्रीम कोर्ट ने एक वकील की ओर से दायर अवमानना याचिका पर नोटिस जारी किया था। इसी मामले में आज सुनवाई होनी है। प्रदर्शन के दौरान हुई कार्रवाई और उससे जुड़े कानूनी सवालों को लेकर अदालत की कार्यवाही पर विपक्ष की नजर बनी हुई है।
मेट्रो बंद करने और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने पर भी सुनवाईविरोध प्रदर्शन के दौरान मेट्रो सेवाएं बंद किए जाने और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने के मामले में भी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई निर्धारित है। पिछली सुनवाई के दौरान अदालत ने केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन, दिल्ली पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार और दिल्ली मेट्रो के चेयरमैन डी. थारा को नोटिस जारी किया था। सुप्रीम कोर्ट ने इन तीनों अधिकारियों को आज तक अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया था। अब सुनवाई के दौरान अधिकारियों की ओर से दाखिल किए जाने वाले जवाब और मामले से जुड़े पक्षों पर चर्चा हो सकती है। यह मामला प्रदर्शन के दौरान की गई प्रशासनिक और पुलिस कार्रवाई से संबंधित है।
NSUI की याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाईसुप्रीम कोर्ट के अलावा दिल्ली हाई कोर्ट में भी प्रदर्शन से जुड़े मामले उठाए जाएंगे। नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) की याचिका पर आज सुनवाई होनी है। NSUI ने 10 अक्टूबर को प्रदर्शनकारियों के साथ कथित तौर पर हुई हिंसा की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित करने की मांग की है। इस मांग को लेकर संगठन ने दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की है। इसके साथ ही उन याचिकाओं पर भी सुनवाई होनी है, जिनमें जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल के रूप में बंद करने के फैसले को चुनौती दी गई है। इस तरह प्रदर्शन से जुड़े विवाद अब सुप्रीम कोर्ट के साथ-साथ दिल्ली हाई कोर्ट में भी विचाराधीन हैं।
6 अक्टूबर से लगातार प्रदर्शन कर रहा है इंडिया गठबंधनमुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी इंडिया गठबंधन का विरोध 6 अक्टूबर से अलग-अलग रूपों में जारी है। इस दौरान विपक्षी सांसदों ने मार्च निकाले, धरना दिया और राष्ट्रपति को ज्ञापन भी सौंपा। कई मौकों पर पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे सांसदों को हिरासत में लिया।
6 अक्टूबर: विपक्षी सांसदों ने संसद भवन से चुनाव आयोग तक मार्च निकाला था। इस दौरान सांसदों को हिरासत में ले लिया गया। इसके बाद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने आकाशवाणी भवन में धरना दिया था।
7 अक्टूबर: विपक्षी सांसदों ने जंतर-मंतर तक मार्च किया। इस दौरान राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत कई सांसदों को पुलिस ने हिरासत में लिया था।
8 अक्टूबर: राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और विपक्ष के अन्य नेता राजघाट पहुंचे। यहां महात्मा गांधी की समाधि स्थल पर शांतिपूर्ण धरना दिया गया।
9 अक्टूबर: इंडिया गठबंधन के सांसदों ने राष्ट्रपति भवन तक मार्च निकाला और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा।
12 अक्टूबर: राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी नेताओं ने बाराखंबा रोड से सुप्रीम कोर्ट तक मार्च किया। इसके बाद 11 प्रमुख विपक्षी नेताओं ने अदालत में याचिका दाखिल की।
लगातार हो रहे प्रदर्शनों के बीच आज राहुल गांधी के आवास पर होने वाली हाई टी बैठक को विपक्ष की आगे की रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वहीं, सुप्रीम कोर्ट और दिल्ली हाई कोर्ट में लंबित याचिकाओं पर होने वाली सुनवाई से प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई, मेट्रो सेवाएं बंद करने और जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल के रूप में बंद करने के फैसले से जुड़े मामलों की आगे की दिशा स्पष्ट हो सकती है।