कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट तक प्रस्तावित मार्च से पहले केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष न्याय मिलने तक अपनी लड़ाई जारी रखेगा। कांग्रेस की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, मार्च दोपहर 1:30 बजे इंडिया गेट से शुरू होना है। राहुल गांधी ने संविधान की रक्षा को इस अभियान का प्रमुख मुद्दा बताते हुए विपक्षी दलों के नेताओं, कार्यकर्ताओं, युवाओं और आम लोगों से इसमें साथ देने की अपील की। इस बीच कॉकरोच जनता पार्टी ने भी विपक्ष के मार्च का समर्थन करने की घोषणा की है। राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया कि उन्हें रोकने की कोशिश केवल पिछले पांच दिनों से नहीं हो रही, बल्कि लंबे समय से ऐसा किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि करीब 200 अधिकारी उनके संपर्क में हैं और उन्हें लगातार जानकारी दे रहे हैं। अपने संबोधन में राहुल गांधी ने पांच लोगों पर देश की आत्मा पर हमला करने का आरोप लगाया, हालांकि उपलब्ध जानकारी में उन्होंने इन पांच लोगों के नाम स्पष्ट रूप से नहीं बताए।
राहुल गांधी ने संविधान की रक्षा के लिए की अपीलमार्च को लेकर राहुल गांधी ने कहा कि संविधान की रक्षा में विश्वास रखने वाला कोई भी व्यक्ति इसमें शामिल हो सकता है। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के समर्थकों को भी संबोधित करते हुए कहा कि यदि वे संविधान की रक्षा को जरूरी मानते हैं, तो वे भी मार्च में शामिल हो सकते हैं। उन्होंने पत्रकारों से भी इस मुद्दे पर साथ आने की अपील की। राहुल गांधी ने विपक्षी दलों के नेताओं, कार्यकर्ताओं और युवाओं से कहा कि यह लड़ाई देश के भविष्य और उनके सम्मान से जुड़ी है। उन्होंने उन लोगों से भी समर्थन मांगा, जो सीधे मार्च में शामिल नहीं हो सकते। राहुल गांधी के मुताबिक, ऐसे लोग सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल किए जाने के समय अपना समर्थन व्यक्त कर सकते हैं। उन्होंने लोगों से अपनी बात रखने और संविधान के प्रति प्रतिबद्धता जाहिर करने का आग्रह किया। राहुल गांधी ने यह भी कहा कि लोग चाहें तो बंद कमरे में संविधान की रक्षा का संकल्प ले सकते हैं। अपने संबोधन में उन्होंने केंद्र सरकार और उससे जुड़े तंत्र पर तीखी टिप्पणी करते हुए दावा किया कि व्यवस्था कमजोर पड़ रही है और विपक्ष को मजबूती से खड़े रहने की जरूरत है।
सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल करने की तैयारीराहुल गांधी ने कहा कि विपक्षी नेता सुप्रीम कोर्ट पहुंचकर अपनी मांगें रखेंगे। उन्होंने दोपहर 3 बजे के आसपास लोगों से समर्थन जताने की अपील की, जब उनके मुताबिक सुप्रीम कोर्ट के सामने याचिका दाखिल की जानी थी। इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत को पत्र लिखकर विपक्षी नेताओं से मुलाकात का अनुरोध किया था। राहुल गांधी ने भी कहा था कि वह अन्य दलों के नेताओं के साथ सुप्रीम कोर्ट जाकर सीजेआई को ज्ञापन सौंपेंगे। हालांकि, सीजेआई सूर्यकांत ने विपक्षी नेताओं से मुलाकात करने से इनकार कर दिया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उन्होंने कहा कि वह इस तरह किसी खास पक्ष से अलग से मुलाकात नहीं कर सकते। इससे पहले कांग्रेस नेता राष्ट्रपति से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंप चुके हैं।
कॉकरोच जनता पार्टी ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की मांगी अनुमतिविपक्ष के मार्च के बीच कॉकरोच जनता पार्टी ने भी समर्थन का ऐलान किया है। पार्टी के नेता सौरव दास और आशुतोष रांका सोमवार को जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति मांगने के लिए संसद मार्ग थाने पहुंचे। उन्होंने पुलिस से अपने कार्यकर्ताओं को प्रदर्शन करने की इजाजत देने का अनुरोध किया। आशुतोष रांका ने कहा कि यदि दिल्ली पुलिस प्रदर्शन के लिए कोई तारीख नहीं देती है, तो 24 घंटे के भीतर एक और प्रदर्शन का आह्वान किया जाएगा। पार्टी ने विपक्ष के इंडिया गेट से सुप्रीम कोर्ट तक होने वाले मार्च के समर्थन की भी घोषणा की है।
इस तरह प्रस्तावित मार्च के साथ विपक्ष की मांगों को लेकर राजनीतिक बयानबाजी और प्रदर्शन की गतिविधियां भी जारी हैं। राहुल गांधी ने लोगों से संविधान की रक्षा के मुद्दे पर साथ आने की अपील की है, जबकि कॉकरोच जनता पार्टी ने भी मार्च को समर्थन देने की बात कही है।