‘वोट चोरी’ के आरोपों पर आर-पार की तैयारी में राहुल गांधी, INDIA ब्लॉक के सांसदों के साथ बनाएंगे आगे की रणनीति

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को INDIA ब्लॉक के सांसदों को अपने आवास पर हाई टी के लिए आमंत्रित किया है। इस बैठक में कथित ‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर विपक्ष की आगे की रणनीति तय करने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर संयुक्त विरोध-प्रदर्शन की संभावनाओं पर चर्चा होने की उम्मीद है। मिली जानकारी के मुताबिक, बैठक के बाद विपक्षी दलों के नेता साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सकते हैं या किसी संयुक्त विरोध-प्रदर्शन की घोषणा कर सकते हैं। हालांकि, आगे की योजना को लेकर फिलहाल गोपनीयता बरती जा रही है। राहुल गांधी का यह आमंत्रण ऐसे समय आया है, जब विपक्षी दलों ने कथित चुनावी अनियमितताओं के खिलाफ अपना विरोध तेज कर दिया है। सोमवार को कई विपक्षी नेताओं ने कार्यकर्ताओं और नागरिक समाज के सदस्यों के साथ दिल्ली में मार्च निकाला था। इसके बाद INDIA ब्लॉक के शीर्ष नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट पहुंचकर इस मुद्दे पर याचिका दायर की। मंगलवार को होने वाली बैठक में सोमवार के घटनाक्रम के बाद विपक्ष की अगली कार्रवाई पर चर्चा होने की संभावना है।

राहुल गांधी के आवास पर जुटेंगे INDIA ब्लॉक के सांसद


राहुल गांधी के 5, सुनहरी बाग रोड स्थित आवास पर होने वाली हाई टी को विपक्षी दलों के बीच आगे की रणनीति पर विचार-विमर्श के तौर पर देखा जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, बैठक का प्रमुख मुद्दा ‘वोट चोरी’ के आरोपों के खिलाफ एकजुट होकर विरोध दर्ज कराना होगा। इसके साथ ही मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर भी चर्चा होने की संभावना है। मिली जानकारी के मुताबिक बैठक के बाद विपक्षी नेता अपनी अगली कार्रवाई को सार्वजनिक रूप से सामने रख सकते हैं। इसके लिए संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस या साझा विरोध-प्रदर्शन का विकल्प मौजूद है। हालांकि, इन संभावित कार्यक्रमों को लेकर अभी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
सोमवार को विपक्षी नेताओं ने निकाला ‘लोकतंत्र के लिए मार्च’

राहुल गांधी के आवास पर होने वाली बैठक से एक दिन पहले, सोमवार को कथित वोट चोरी के आरोपों को लेकर विपक्षी दलों का विरोध प्रदर्शन सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा। दिल्ली में विपक्ष के वरिष्ठ नेताओं ने कार्यकर्ताओं और नागरिक समाज के सदस्यों के साथ मिलकर ‘मार्च फॉर डेमोक्रेसी’ यानी ‘लोकतंत्र के लिए मार्च’ निकाला। इस मार्च के दौरान मध्य दिल्ली के कनॉट प्लेस में बड़ी संख्या में लोग झंडे और पोस्टर लेकर एकत्र हुए। प्रदर्शनकारियों ने कथित चुनावी अनियमितताओं के खिलाफ एकजुट होकर आवाज उठाई। मार्च के दौरान सुरक्षा के लिए रास्तों पर बैरिकेडिंग की गई थी। प्रदर्शनकारियों ने भगवान दास रोड पर लगे एक बैरिकेड को पार कर लिया, लेकिन आगे सड़क पर लगाए गए दूसरे बैरिकेड पर उन्हें रोक दिया गया। इस विरोध प्रदर्शन में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे समेत INDIA ब्लॉक के कई प्रमुख नेता शामिल हुए। इनमें समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव, तृणमूल कांग्रेस (TMC) की प्रमुख ममता बनर्जी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) के डी. राजा, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) यानी CPI-M के नेता एम.ए. बेबी, राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के तेजस्वी यादव और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) यानी NCP-SCP की नेता सुप्रिया सुले भी शामिल थीं।

सुप्रीम कोर्ट में राहुल गांधी ने दायर की याचिका


मार्च के बाद INDIA ब्लॉक के शीर्ष नेता कथित चुनावी अनियमितताओं के मामले में याचिका दायर करने के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंचे। राहुल गांधी ने सोमवार को अदालत में याचिका दाखिल की। इसमें भारत निर्वाचन आयोग, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और अन्य चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू तथा विवेक जोशी को पक्षकार बनाया गया है। यह कानूनी कदम विपक्ष के उस विरोध के बीच उठाया गया, जिसमें चुनावी प्रक्रिया को लेकर कथित अनियमितताओं पर सवाल उठाए जा रहे हैं। विपक्षी नेताओं ने मार्च के माध्यम से अपना विरोध दर्ज कराने के बाद मामले को अदालत के समक्ष भी उठाया है।

CJI सूर्यकांत ने विपक्षी नेताओं से बैठक का अनुरोध ठुकराया

इस घटनाक्रम से एक दिन पहले भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने इस मुद्दे पर विपक्ष के नेताओं से बैठक करने के अनुरोध को अस्वीकार कर दिया था। उन्होंने इसके पीछे यह वजह बताई थी कि मामला अभी अदालत के विचाराधीन है। कानूनी भाषा में ऐसी स्थिति को ‘सब ज्यूडिस’ कहा जाता है। मुख्य न्यायाधीश के इस रुख के बाद विपक्षी नेताओं ने सोमवार को मार्च निकाला और सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की। अब राहुल गांधी के आवास पर होने वाली हाई टी के दौरान विपक्षी दल आगे की रणनीति पर विचार कर सकते हैं। बैठक के बाद संयुक्त प्रदर्शन या प्रेस कॉन्फ्रेंस होती है या नहीं, इस पर अंतिम जानकारी सामने आना बाकी है।