पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 से पहले आम आदमी पार्टी (AAP) को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। पार्टी के तीन विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा, चेतन सिंह जौड़ामाजरा और कुंवर विजय प्रताप सिंह सोमवार, 2 नवंबर को भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो गए। तीनों नेताओं के पार्टी छोड़ने पर आम आदमी पार्टी के दिल्ली अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने तंज कसते हुए कहा कि बीजेपी को कूड़ा-कचरा इकट्ठा करने की आदत है। उन्होंने दावा किया कि ये विधायक पार्टी में पसंद नहीं किए जा रहे थे और आगामी चुनाव में इन्हें टिकट नहीं दिया जाता। सौरभ भारद्वाज ने यह भी कहा कि बीजेपी के पास पंजाब की सभी 117 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने के लिए पर्याप्त उम्मीदवार नहीं हैं। दूसरी ओर, बीजेपी ने तीनों नेताओं का स्वागत करते हुए इसे पंजाब में पार्टी की मजबूती से जोड़कर पेश किया है। विधायकों के इस फैसले से राज्य में अगले विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।
पंजाब में किन तीन AAP विधायकों ने जॉइन की बीजेपी?
बीजेपी में शामिल होने वाले तीनों विधायक पंजाब के अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करते हैं। इनमें हरमीत सिंह पठानमाजरा सनौर, चेतन सिंह जौड़ामाजरा समाना और कुंवर विजय प्रताप सिंह अमृतसर नॉर्थ से विधायक रहे हैं। हरमीत सिंह पठानमाजरा और चेतन सिंह जौड़ामाजरा ने रविवार को आम आदमी पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दिया था। इसके बाद सोमवार को कुंवर विजय प्रताप सिंह ने भी पंजाब विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने की जानकारी दी। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी पोस्ट के साथ इस्तीफे का पत्र साझा किया था। पत्र में उन्होंने 1 नवंबर 2026 से विधानसभा की सदस्यता छोड़ने की बात कही। तीनों नेताओं ने सोमवार को नई दिल्ली स्थित बीजेपी मुख्यालय में पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। इस दौरान पंजाब बीजेपी अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों, पंजाब में पार्टी के प्रभारी सतीश पूनिया और सह-प्रभारी वीरेंद्र सचदेवा सहित वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
सौरभ भारद्वाज बोले- बीजेपी के पास 117 उम्मीदवार भी नहींतीन विधायकों के बीजेपी में शामिल होने पर प्रतिक्रिया देते हुए सौरभ भारद्वाज ने कहा कि आम आदमी पार्टी पहले ही यह बात कह चुकी थी कि बीजेपी के पास पंजाब की सभी 117 सीटों पर चुनाव लड़ने के लिए पर्याप्त उम्मीदवार नहीं हैं। उनके मुताबिक, पार्टी में जिन नेताओं के टिकट काटे जाने हैं या जिन्हें फीडबैक के आधार पर पसंद नहीं किया जा रहा, वे दूसरी पार्टियों का रुख कर सकते हैं। सौरभ भारद्वाज ने तंज कसते हुए कहा, बीजेपी को कूड़ा-कचरा इकट्ठा करने की आदत हमेशा से है, तो करें। हमें कोई दिक्कत नहीं है। यह बात तय है कि हम उन्हें टिकट नहीं देते। उन्होंने यह भी कहा कि आम आदमी पार्टी की ओर से जिन नेताओं को आगामी चुनाव में टिकट नहीं दिया जाना था, उनके बीजेपी में जाने से पार्टी को कोई परेशानी नहीं है। भारद्वाज का यह बयान ऐसे समय आया है, जब पंजाब में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं।
बीजेपी ने तीनों नेताओं का किया स्वागत, AAP सरकार पर लगाए आरोप
बीजेपी ने तीनों पूर्व AAP विधायकों के पार्टी में शामिल होने को पंजाब में अपने राजनीतिक विस्तार के लिहाज से अहम बताया है। पार्टी के पंजाब प्रभारी सतीश पूनिया ने कहा कि इन नेताओं के राजनीतिक, सामाजिक और प्रशासनिक अनुभव से बीजेपी को मजबूती मिलेगी। उन्होंने पंजाब में आम आदमी पार्टी सरकार के खिलाफ सत्ता विरोधी माहौल होने का भी दावा किया। पूनिया ने राज्य में नशे की समस्या को सबसे बड़ी चुनौती बताते हुए आरोप लगाया कि नशे ने पंजाब के युवाओं को नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने भ्रष्टाचार और अपराध को भी राज्य की प्रमुख समस्याओं में शामिल किया। बीजेपी नेता ने कहा कि पार्टी पंजाब में शांति और समृद्धि बहाल करने के लिए काम करेगी।
कुंवर विजय प्रताप ने AAP में अपने पांच साल को बताया इंटर्नशिपबीजेपी में शामिल होने के बाद कुंवर विजय प्रताप सिंह ने पंजाब की मौजूदा स्थिति पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राज्य को शांति और समृद्धि की जरूरत है। अपने राजनीतिक सफर का जिक्र करते हुए उन्होंने आम आदमी पार्टी में बिताए पांच साल को इंटर्नशिप का दौर बताया।
कुंवर विजय प्रताप सिंह पूर्व आईपीएस अधिकारी भी हैं। उन्हें जून 2025 में आम आदमी पार्टी ने कथित पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में निलंबित कर दिया था। इसके बाद उनका पार्टी नेतृत्व से मतभेद लगातार चर्चा में रहा। अब उन्होंने विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देकर बीजेपी का दामन थाम लिया है। हरमीत सिंह पठानमाजरा ने भी AAP सरकार के कामकाज की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब पर करीब 2.5 लाख करोड़ रुपये का कर्ज हो गया है और राज्य की स्थिति खराब हुई है। उन्होंने कहा कि पंजाब को फिर से उभरता हुआ राज्य बनाने की जरूरत है। वहीं, चेतन सिंह जौड़ामाजरा ने राज्य में कथित खनन माफिया और सरकारी योजनाओं में घोटालों का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पंजाब को स्थिरता और विकास के लिए नई दिशा की जरूरत है। जौड़ामाजरा ने बीजेपी में शामिल होने की एक वजह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वादों को पूरा करना भी बताया। ये सभी बातें नेताओं के अपने राजनीतिक दावे और आरोप हैं।
दिल्ली के बढ़ते AQI पर सौरभ भारद्वाज ने रेखा गुप्ता सरकार को घेरापंजाब में विधायकों के पार्टी छोड़ने के मुद्दे के साथ सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण को लेकर भी मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली बीजेपी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि दिल्ली का वास्तविक वायु प्रदूषण सरकारी आंकड़ों में दिखाए जा रहे स्तर से कहीं अधिक है। भारद्वाज ने आरोप लगाया कि AQI के आंकड़ों को कम दिखाने के लिए मॉनिटरिंग स्टेशनों की जगहों में बदलाव किया गया है। उनके मुताबिक, पिछले डेढ़ से दो वर्षों के दौरान दिल्ली के हरित क्षेत्रों, विश्वविद्यालय परिसरों, जंगलों और ग्रामीण इलाकों में एक दर्जन से अधिक नए AQI मॉनिटरिंग स्टेशन लगाए गए। उन्होंने दावा किया कि इन स्थानों पर प्रदूषण का स्तर अपेक्षाकृत कम होने के कारण दिल्ली का औसत AQI नीचे दिखाई देता है। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि प्रदूषण की वास्तविक स्थिति सरकारी आंकड़ों से अधिक गंभीर है। हालांकि, मॉनिटरिंग स्टेशनों को जानबूझकर औसत AQI कम करने के उद्देश्य से लगाने का उनका आरोप स्वतंत्र रूप से प्रमाणित नहीं है।
सरकारी आंकड़ों में दिल्ली की हवा की स्थिति क्या रही?
पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के तहत भारतीय उष्णदेशीय मौसम विज्ञान संस्थान (IITM) की 2 नवंबर 2026 की वायु गुणवत्ता बुलेटिन के मुताबिक, 1 नवंबर को शाम 4 बजे दिल्ली का AQI 261 दर्ज किया गया था। यह 'खराब' श्रेणी में आता है। संस्थान ने 2 नवंबर से 5 नवंबर तक दिल्ली की हवा 'बेहद खराब' श्रेणी में रहने का पूर्वानुमान भी जारी किया था।IITM के स्टेशनवार आंकड़ों में 2 नवंबर की सुबह कई इलाकों में AQI 300 से ऊपर दर्ज किया गया। उदाहरण के तौर पर जहांगीरपुरी में 11 बजे AQI 429, रोहिणी में 407, पंजाबी बाग में 405 और बवाना में 375 दर्ज किया गया। इससे स्पष्ट है कि दिल्ली के कई इलाकों में प्रदूषण का स्तर काफी अधिक था।
दिल्ली सरकार के पर्यावरण विभाग के AQI पोर्टल के मुताबिक, शहर का औसत AQI उन सभी मॉनिटरिंग स्टेशनों के आंकड़ों के आधार पर निकाला जाता है, जिनकी उस घंटे की रीडिंग उपलब्ध होती है। ये आंकड़े CPCB और DPCC के निरंतर वायु गुणवत्ता निगरानी स्टेशनों से प्राप्त होते हैं। पोर्टल के अनुसार, दो घंटे से अधिक पुराने आंकड़ों को लाइव औसत में शामिल नहीं किया जाता। हालांकि, यह आधिकारिक प्रक्रिया अपने आप में सौरभ भारद्वाज के लगाए गए हेरफेर के आरोप की पुष्टि नहीं करती।