AAP की मुख्य प्रवक्ता प्रियंका कक्कड़ कांग्रेस में शामिल, पार्टी छोड़ने की वजह भी बताई

आम आदमी पार्टी की मुख्य राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रियंका कक्कड़ ने शनिवार, 3 अक्टूबर को पार्टी छोड़कर कांग्रेस का दामन थाम लिया। नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राजीव शुक्ला, पार्टी के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा और दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव समेत अन्य नेताओं की मौजूदगी में उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई गई।

कांग्रेस में शामिल होने के बाद प्रियंका कक्कड़ ने आम आदमी पार्टी से अलग होने की वजह भी बताई। उन्होंने कहा कि उन्हें लगा कि AAP अपने शुरुआती सिद्धांतों से दूर हो गई है और ऐसी कुछ चीजों का बचाव करना उनके लिए संभव नहीं था, जिन्हें वह सही नहीं मानती थीं। उनके बयान में पार्टी के पुराने दावों और बाद के तौर-तरीकों के बीच अंतर का जिक्र प्रमुख रूप से सामने आया।

प्रियंका कक्कड़ ने राहुल गांधी की तारीफ की

कांग्रेस में शामिल होने के मौके पर प्रियंका कक्कड़ ने राहुल गांधी की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी अपने विचारों को आगे रखने से पीछे नहीं हटते। उन्होंने राहुल गांधी के बारे में कहा कि उन्होंने कैमरों के सामने कभी आंसू नहीं बहाए और विपरीत परिस्थितियों के बावजूद मजबूती से खड़े रहे।

कक्कड़ ने दावा किया कि उन्होंने राहुल गांधी को नीचा दिखाने की कोशिशों और उन्हें दबाने के लिए कथित तौर पर पूरी मशीनरी के इस्तेमाल को देखा है। उनके मुताबिक, इसके बावजूद राहुल गांधी और कांग्रेस अपने रुख पर कायम रहे। उन्होंने कहा कि उन्हें कांग्रेस में वह राजनीतिक प्रतिबद्धता दिखाई दी, जो उनके निजी अनुभव में दूसरी पार्टियों में नजर नहीं आई।

उन्होंने कांग्रेस में शामिल होने के फैसले को अपने राजनीतिक अनुभव से जोड़ते हुए कहा कि अब वह पार्टी के साथ काम करेंगी और उन्हें किसी पद की लालसा नहीं है। उनका कहना था कि पार्टी उन्हें जो जिम्मेदारी देगी, वह उसे निभाएंगी।

AAP के पुराने दावों और बाद की राजनीति पर सवाल

प्रियंका कक्कड़ ने आम आदमी पार्टी के शुरुआती दौर का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय पार्टी की ओर से बंगला और गाड़ी जैसी सुविधाएं नहीं लेने की बात कही जाती थी। उन्होंने आरोप लगाया कि बाद में निजी यात्राओं के लिए हेलीकॉप्टर के इस्तेमाल जैसी स्थिति सामने आई, जिसका बचाव करना उनके लिए मुश्किल हो गया। यह उनके द्वारा AAP छोड़ने की वजह बताते हुए कही गई बात थी।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि AAP पहले ऐसे लोगों को अपने साथ जोड़ती थी, जिनके पास राजनीतिक और संगठनात्मक अनुभव था, लेकिन बाद में ऐसे लोगों को जिम्मेदारियां दिए जाने लगीं जिन्होंने उनके मुताबिक जमीनी स्तर पर काम नहीं किया था। उन्होंने राजस्थान से लोगों को लाकर पंजाब में वरिष्ठ पद दिए जाने और उन्हें बंगला तथा गाड़ी जैसी सुविधाएं मिलने का भी दावा किया।

कक्कड़ ने कहा कि इन परिस्थितियों के बाद उन्होंने अपने लिए एक सीमा तय कर ली और उन्हें लगा कि वह ऐसी बातों का बचाव नहीं कर सकतीं। उनके ये बयान उनके व्यक्तिगत अनुभव और AAP छोड़ने के कारणों के रूप में सामने आए हैं।
ज्ञानेश कुमार के मुद्दे का भी किया जिक्र

प्रियंका कक्कड़ ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर राहुल गांधी के अभियान का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने इस मुद्दे को लगातार उठाया और लोगों को इसके बारे में जागरूक किया।

उन्होंने चुनाव और मताधिकार से जुड़े मुद्दों को लेकर अपनी चिंता जाहिर की तथा कहा कि इस विषय पर लोगों को जागरूक करने की जरूरत है। ज्ञानेश कुमार को लेकर कक्कड़ की ओर से की गई टिप्पणियां उनके राजनीतिक बयान का हिस्सा थीं और उन्हें इसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए।

टीवी बहसों में AAP का प्रमुख चेहरा थीं कक्कड़


प्रियंका कक्कड़ लंबे समय से आम आदमी पार्टी की ओर से टेलीविजन बहसों में पार्टी का पक्ष रखती रही हैं। AAP के आधिकारिक रिकॉर्ड में उन्हें मुख्य प्रवक्ता के तौर पर सूचीबद्ध किया गया था।

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वह 30 सितंबर तक टीवी बहसों में पार्टी की ओर से नजर आई थीं, जबकि इसके बाद दो दिनों तक उनकी टीवी बहसों में मौजूदगी नहीं दिखी। इसके बाद 3 अक्टूबर को उनके कांग्रेस में शामिल होने की जानकारी सामने आई।

प्रियंका कक्कड़ के साथ इसी कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के पूर्व विधायक श्याम सुंदर शर्मा और पत्रकार रजत राकेश टंडन ने भी कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की।

इस तरह प्रियंका कक्कड़ का कांग्रेस में शामिल होना दिल्ली की राजनीति में AAP से जुड़े एक प्रमुख राष्ट्रीय प्रवक्ता के दल बदलने के रूप में सामने आया है। हालांकि, AAP की ओर से इस घटनाक्रम पर कोई प्रतिक्रिया उपलब्ध कराई गई सामग्री में शामिल नहीं है।