SIR को लेकर प्रियंका गांधी ने चुनाव आयोग पर उठाए सवाल, कहा- निष्पक्ष चुनाव नहीं तो लोकतंत्र कैसा

नई दिल्ली। मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) को लेकर जारी विवाद के बीच कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने चुनाव प्रक्रिया और उसकी निष्पक्षता को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। बुधवार को मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि अगर चुनाव निष्पक्ष तरीके से नहीं होते और चुनाव आयोग की भूमिका पर भी सवाल उठते हैं, तो लोकतंत्र के सामने गंभीर चुनौती खड़ी होती है।

प्रियंका गांधी ने कहा कि यदि चुनाव आयुक्तों को मतदाता सूची से जुड़े मामलों की जानकारी थी और उन्होंने इसे होने दिया, तो इसे लोकतंत्र के लिए बेहद गंभीर मामला माना जाना चाहिए। उन्होंने इस संदर्भ में चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता सुनिश्चित करने की जरूरत पर जोर दिया।

प्रियंका गांधी ने चुनाव की निष्पक्षता पर उठाए सवाल

प्रियंका गांधी ने कहा कि लोकतंत्र में चुनाव की अहम भूमिका है और अगर चुनाव ही नहीं होंगे तो लोकतंत्र के अस्तित्व को लेकर सवाल खड़े होंगे। उन्होंने कहा कि यदि चुनाव निष्पक्ष नहीं होते या उनमें किसी तरह की धांधली होती है और चुनाव आयोग उसमें मदद करता है, तो यह गंभीर विषय है।

उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे मामले में जो लोग जिम्मेदार हैं, उनकी उचित जांच होनी चाहिए। बातचीत के दौरान उन्होंने इसे बेहद गंभीर मामला बताते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़े ऐसे मुद्दों को हल्के में नहीं लिया जा सकता।

राहुल गांधी की चिंताओं का भी किया जिक्र

कांग्रेस सांसद ने कहा कि उनके भाई और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी लंबे समय से चुनावी प्रक्रिया में कथित पक्षपात और अन्याय को लेकर सवाल उठाते रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव आयुक्तों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के सामने कुछ मुद्दे उठाए थे।

प्रियंका गांधी के मुताबिक, यदि मीडिया में सामने आई जानकारी सही है और मतदाता सूची में नाम हटाने या उसमें हेरफेर से जुड़ी वे आशंकाएं सही साबित होती हैं, जिन्हें राहुल गांधी बार-बार उठाते रहे हैं, तो इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।

उन्होंने महाराष्ट्र और हरियाणा का भी उल्लेख किया। उनका कहना था कि यदि इन मामलों को लेकर सामने आ रही रिपोर्ट सही है, तो संबंधित घटनाओं की गंभीरता से जांच की जानी चाहिए।
‘दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में ऐसे मुद्दे हल्के में नहीं ले सकते’

प्रियंका गांधी ने भारत के लोकतांत्रिक ढांचे का उल्लेख करते हुए कहा कि देश का लोकतंत्र वर्षों और दशकों से मजबूत रहा है। उनके अनुसार, भारत को लोकतंत्र से जुड़े ऐसे मामलों को हल्के में नहीं लेना चाहिए।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, जबकि उनके आरोप के अनुसार चुनाव आयोग की ओर से इसे कमजोर करने की कोशिश हो रही है। यह उनका राजनीतिक आरोप है और उन्होंने इसे SIR तथा चुनावी प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों के संदर्भ में रखा।

14 मौकों पर चुनाव आयुक्तों की आपत्ति की रिपोर्ट का जिक्र

SIR को लेकर ताजा विवाद एक प्रमुख अखबार की रिपोर्ट के बाद और गहरा गया है। रिपोर्ट में दावा किया गया कि पिछले 10 महीनों के दौरान दो चुनाव आयुक्तों ने कम से कम 14 मौकों पर आयोग के कुछ कदमों और प्रक्रियाओं पर आधिकारिक तौर पर आपत्ति जताई थी।

रिपोर्ट के मुताबिक, इन आपत्तियों का संबंध अलग-अलग फैसलों और प्रक्रियाओं से था। इनमें नए मतदाताओं को जोड़ने और मतदाता सूची से नाम हटाने से जुड़े कुछ मामलों को लेकर भी सवाल उठाए जाने का दावा किया गया। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि कुछ मामलों में दोनों चुनाव आयुक्तों को संबंधित प्रक्रियाओं या मुद्दों की पूरी जानकारी नहीं दी गई थी।

इसी रिपोर्ट के संदर्भ में प्रियंका गांधी ने कहा कि यदि मीडिया में सामने आई बातें सही हैं और जिन आशंकाओं को राहुल गांधी लगातार उठाते रहे हैं, वे सही साबित होती हैं, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

SIR को लेकर चल रहे इस विवाद में प्रियंका गांधी ने मुख्य रूप से चुनाव की निष्पक्षता, मतदाता सूची में बदलाव और चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़े इन मुद्दों को गंभीरता से देखा जाना चाहिए।