अमेरिकी सिंगर मैरी मिलबेन और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। मिलबेन ने दीपके को निशाने पर लेते हुए कहा है कि अगर वह अपने काम में सफल नहीं हुए, तो उन्हें समर्थन देने वाले अमेरिकी दानदाता उनका साथ छोड़ देंगे। इससे पहले मिलबेन ने दावा किया था कि दीपके और उनकी पार्टी को अमेरिका से फंडिंग मिल रही है। दीपके ने इस दावे पर आपत्ति जताते हुए भारत के आंतरिक मामलों में विदेशी नागरिकों के हस्तक्षेप पर सवाल उठाए थे। मिलबेन ने अपने बयान में दीपके को सलाह दी कि वह अमेरिका में अपनी पढ़ाई पूरी करें और उसका इस्तेमाल अच्छे कामों के लिए करें। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बैठकर भारत के विकास पर चर्चा करने की बात भी कही। मिलबेन ने तर्क दिया कि अराजकता के जरिए सफलता हासिल नहीं की जा सकती।
2029 के लोकसभा चुनाव को लेकर भी किया दावामिलबेन ने वर्ष 2029 में होने वाले लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की जीत का दावा भी किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अमेरिकी समर्थन की जरूरत नहीं है, क्योंकि उन्हें भारत के नागरिकों का समर्थन प्राप्त है। अपने बयान में उन्होंने मोदी के प्रधानमंत्री के रूप में तीन लगातार कार्यकाल और 12 साल के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि 2029 में भी उन्हें जीत मिलेगी।
दीपके ने विदेशी हस्तक्षेप पर उठाए सवालअमेरिकी फंडिंग के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए अभिजीत दीपके ने सवाल किया था कि भारत के आंतरिक मामलों में विदेशी नागरिकों को दखल देने का अधिकार किसने दिया। उन्होंने कहा कि भारतीय अपने देश के मुद्दों को सुलझाने में सक्षम हैं और उन्हें अपने मामलों के लिए बाहरी लोगों के समर्थन की आवश्यकता नहीं है। दीपके ने यह भी सवाल उठाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने ही देशवासियों पर सवाल उठाने के लिए अमेरिकी नागरिकों की मदद क्यों लेनी चाहिए।
अमेरिकी डोनर्स पर मिलबेन ने क्या आरोप लगाए?इससे पहले मिलबेन ने दावा किया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विरोध में काम करने वाले अमेरिकी दानदाता अभिजीत दीपके और कॉकरोच जनता पार्टी को फंडिंग दे रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ विदेशी दानदाता ऐसे युवाओं को निशाना बनाते हैं, जिन्होंने अमेरिका में पढ़ाई की है। मिलबेन के मुताबिक, उनका कथित तरीका ऐसे युवाओं को कट्टर बनाकर अपने देश वापस भेजने और वहां अस्थिरता पैदा करने के लिए फंडिंग देने का है। मिलबेन ने यह भी दावा किया कि ऐसे प्रयासों से देश के विकास और शासन पर असर पड़ता है। हालांकि, अमेरिकी फंडिंग से जुड़े ये आरोप मिलबेन के दावे हैं।
भाजपा ने किया समर्थन, कांग्रेस ने आरोपों को नकारामिलबेन के दावों का भाजपा के तेलंगाना प्रमुख एन. रामचंद्र ने समर्थन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कॉकरोच जनता पार्टी को अमेरिका से फंडिंग मिल रही है और इसका इस्तेमाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ काम करने तथा भारत को अस्थिर करने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने शाहीन बाग और नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के विरोध में हुए आंदोलन का भी उल्लेख किया। रामचंद्र ने यह आरोप भी लगाया कि CJP का इस्तेमाल किया जा रहा है और उसे जॉर्ज सोरोस समेत विदेशी एजेंसियों से फंडिंग मिल रही है। दूसरी ओर, कांग्रेस ने मिलबेन के दावे का खंडन किया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी ने इन आरोपों को भाजपा की पुरानी रणनीति बताया और सरकार पर सवाल उठाए।