मल्लिकार्जुन खरगे ने CJP के INDIA गठबंधन की रैली में शामिल होने से किया इनकार, अभिजीत दीपके अब भी खामोश

दिल्ली में एक नवंबर को होने वाली INDIA गठबंधन की रैली से पहले कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की भागीदारी को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बेंगलुरु में एक सवाल के जवाब में कहा कि CJP रैली में शामिल नहीं होगी। दूसरी ओर, CJP के प्रवक्ता का कहना है कि पार्टी ने अभी तक इसमें शामिल होने पर अंतिम फैसला नहीं लिया है। ऐसे में खरगे के बयान और CJP के रुख के बीच अंतर बना हुआ है।

CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने 28 अक्टूबर को सोशल मीडिया पर INDIA गठबंधन की रैली के समर्थन में पोस्ट किया था। इसके बाद कांग्रेस और CJP के बीच संपर्क होने की जानकारी सामने आई। हालांकि, रैली का समर्थन करने और उसमें शामिल होने के फैसले को लेकर दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग बातें कही गई हैं।

CJP ने रैली को समर्थन दिया, लेकिन शामिल होने पर फैसला नहीं

CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने बुधवार को सोशल मीडिया पर INDIA गठबंधन की एक नवंबर की रैली का समर्थन किया था। उन्होंने पोस्ट में कहा था कि कॉकरोच जनता पार्टी इस रैली का समर्थन करती है। पार्टी ने अपने बयान में मतदाताओं के अधिकारों और निष्पक्ष चुनाव की जरूरत पर जोर दिया था। CJP का कहना है कि लोकतंत्र में जनता सरकार चुनती है, न कि सरकार यह तय करती है कि कौन मतदाता सूची में शामिल रहेगा। पार्टी ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान योग्य मतदाताओं के नाम सूची से हटने की आशंका जताई और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग का समर्थन किया। हालांकि, CJP के समर्थन वाले बयान में रैली में प्रत्यक्ष रूप से शामिल होने की स्पष्ट घोषणा नहीं की गई थी। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के मुताबिक, दीपके की पोस्ट के बाद दोनों पक्षों के बीच संपर्क हुआ। कांग्रेस सूत्रों ने CJP को रैली में आमंत्रित किए जाने की संभावना भी जताई थी। लेकिन CJP के प्रवक्ता ने कहा कि भागीदारी को लेकर अभी निर्णय नहीं हुआ है।

खरगे ने बेंगलुरु में क्या कहा?

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से बेंगलुरु में जब पूछा गया कि क्या कॉकरोच जनता पार्टी एक नवंबर को होने वाली रैली में शामिल होगी, तो उन्होंने न में जवाब दिया। उनके इस बयान के बाद CJP की भागीदारी को लेकर चर्चा तेज हो गई। हालांकि, CJP की ओर से अब तक रैली में शामिल होने या नहीं होने की अंतिम घोषणा नहीं की गई है। इस वजह से फिलहाल इतना ही स्पष्ट है कि पार्टी ने INDIA गठबंधन के कार्यक्रम को समर्थन दिया है, लेकिन उसकी प्रत्यक्ष भागीदारी की पुष्टि नहीं हुई है।
ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आज होगा प्रतीकात्मक ‘जन महाभियोग’

एक नवंबर की रैली से पहले विपक्षी गठबंधन का ध्यान 30 अक्टूबर को होने वाले एक अन्य कार्यक्रम पर है। INDIA गठबंधन के दल मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रतीकात्मक ‘जन महाभियोग’ की कार्यवाही आयोजित करने जा रहे हैं। यह कार्यक्रम शुक्रवार शाम कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के दिल्ली स्थित आवास पर होगा। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार करेंगी। वह करीब 12 साल बाद एक बार फिर इस तरह की कार्यवाही की अध्यक्षता करेंगी। आयोजन में लोकसभा और राज्यसभा के प्रतीकात्मक संयुक्त सत्र जैसा प्रारूप रखा गया है। गठबंधन के सभी दलों के इसमें शामिल होने की बात कही गई है। कार्यक्रम में राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ प्रस्ताव पेश करेंगे। इसके बाद INDIA गठबंधन के नेता इस पर अपनी बात रखेंगे और चर्चा में हिस्सा लेंगे।

राहुल गांधी करेंगे बहस का समापन, फिर होगा मतदान

इस प्रतीकात्मक कार्यवाही में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी बहस का समापन करेंगे। उनके संबोधन के बाद प्रस्ताव पर मतदान कराया जाएगा। कार्यक्रम में नागरिक समाज के प्रतिनिधियों और SIR प्रक्रिया से प्रभावित कुछ लोगों को भी अपनी बात रखने का मौका दिया जाएगा। वे मतदाता सूची के पुनरीक्षण से जुड़ी अपनी परेशानियां और अनुभव साझा करेंगे।

कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल के मुताबिक, कार्यक्रम के आयोजन के लिए पहले अशोक होटल और रामलीला मैदान को चुने जाने का अनुरोध किया गया था, लेकिन सरकार की ओर से इन स्थानों पर आयोजन की अनुमति नहीं मिली। इसके बाद खरगे के आवास पर कार्यक्रम आयोजित करने का फैसला किया गया। कांग्रेस ने इस कार्यक्रम को मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ विपक्ष के विरोध का प्रतीकात्मक मंच बताया है। यह वास्तविक संवैधानिक महाभियोग प्रक्रिया नहीं, बल्कि विपक्ष की ओर से आयोजित राजनीतिक और प्रतीकात्मक कार्यवाही है।

एक नवंबर को रामलीला मैदान में होगी INDIA गठबंधन की रैली

INDIA गठबंधन की मुख्य रैली एक नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित की जाएगी। कांग्रेस ने ‘चलो दिल्ली मार्च’ का आह्वान किया है। रैली में विपक्षी दल विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR), मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और ‘वोट चोरी’ के आरोपों को लेकर केंद्र सरकार तथा निर्वाचन आयोग पर सवाल उठाएंगे। विपक्षी दल मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी कर रहे हैं। कांग्रेस और गठबंधन के अन्य नेताओं का आरोप है कि SIR प्रक्रिया के कारण योग्य मतदाताओं के नाम सूची से हटने का खतरा है। वहीं, CJP ने भी निष्पक्ष चुनाव और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के मुद्दे पर इस रैली को अपना समर्थन दिया है। दिल्ली पुलिस ने रामलीला मैदान में रैली आयोजित करने के लिए अनुमति दी है, हालांकि इसके साथ भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा, यातायात और कार्यक्रम के समय को लेकर शर्तें रखी गई हैं।