एल मुरुगन ने केंद्रीय मंत्रिपरिषद से दिया इस्तीफा, तमिलनाडु में BJP को मजबूत करने के लिए अब संभालेंगे जमीनी राजनीति

केंद्रीय मंत्री एल मुरुगन ने मंत्रिपरिषद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर केंद्रीय राज्य मंत्री के रूप में अपनी जिम्मेदारियों से मुक्त करने का अनुरोध किया है। इसके साथ ही उन्होंने राज्यसभा की सदस्यता छोड़ने की अनुमति भी मांगी है। मुरुगन ने अपने फैसले की वजह बताते हुए कहा कि वह अब तमिलनाडु में भारतीय जनता पार्टी (BJP) को मजबूत करने के लिए जमीनी स्तर पर काम करना चाहते हैं। एल मुरुगन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी अपने इस्तीफे से जुड़ा संदेश साझा किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार में काम करने के अवसर को अपने जीवन का बड़ा सम्मान बताया। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि अब उनका लक्ष्य पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर तमिलनाडु में संगठन को मजबूत करना है, खासकर 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले।

'अब जमीनी स्तर पर लौटना चाहता हूं', मुरुगन ने बताई वजह

एल मुरुगन ने एक्स पर लिखे अपने संदेश में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत और तमिलनाडु की सेवा करना उनके लिए सम्मान की बात रही है। उन्होंने अपने शुरुआती जीवन का जिक्र करते हुए बताया कि दिहाड़ी मजदूर के बेटे के रूप में शुरुआत करने के बाद केंद्रीय मंत्रिपरिषद में काम करने का अवसर मिलना उनके लिए सौभाग्य रहा। उन्होंने अपने संदेश में कहा, अब, मैं ज़मीनी स्तर पर वापस लौटना चाहता हूं, अपने कार्यकर्ताओं के साथ खड़ा होना चाहता हूं और 2029 के लोकसभा चुनावों से पहले तमिलनाडु में BJP को मज़बूत करने के लिए खुद को पूरी तरह समर्पित करना चाहता हूं। मुरुगन ने अपने संदेश के अंत में राष्ट्र को सर्वोपरि रखने और पार्टी के बाद स्वयं को रखने की बात भी कही। उनके मुताबिक, अब वह केंद्र सरकार की जिम्मेदारियों के बजाय तमिलनाडु में संगठनात्मक काम पर अपना पूरा समय देना चाहते हैं।
सूचना एवं प्रसारण और संसदीय मामलों के राज्य मंत्री थे मुरुगन

एल मुरुगन केंद्र सरकार में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और संसदीय मामलों के राज्य मंत्री के रूप में जिम्मेदारी निभा रहे थे। उनके इस्तीफे के साथ राज्यसभा की सदस्यता छोड़ने की अनुमति मांगने का फैसला भी चर्चा में आया है। उन्होंने प्रधानमंत्री को भेजे पत्र में दोनों जिम्मेदारियों से मुक्त होने की इच्छा जताई है। मुरुगन का कहना है कि तमिलनाडु में बीजेपी को मजबूत करने के लिए उन्हें जमीनी स्तर पर सक्रिय होना है। इसी उद्देश्य से वह अपने कार्यकर्ताओं के बीच लौटना चाहते हैं और 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले पार्टी के संगठन को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित करना चाहते हैं।

पहले मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी से जुड़ी जिम्मेदारियां भी संभालीं

केंद्रीय मंत्रिपरिषद में अपने कार्यकाल के दौरान एल मुरुगन ने मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी से संबंधित जिम्मेदारियां भी संभाली थीं। केंद्र सरकार में शामिल होने से पहले वह राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के उपाध्यक्ष के पद पर भी काम कर चुके हैं। उन्होंने 2017 से 2020 तक इस पद पर अपनी सेवाएं दी थीं। इसके अलावा, मुरुगन तमिलनाडु में बीजेपी की राज्य इकाई के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। पार्टी संगठन में काम करने का उनका अनुभव अब उनके नए राजनीतिक लक्ष्य से जुड़ता दिखाई दे रहा है। उन्होंने अपने इस्तीफे के पीछे तमिलनाडु में बीजेपी को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं के साथ जमीनी स्तर पर काम करने की इच्छा को प्रमुख वजह बताया है।

2029 के लोकसभा चुनाव से पहले तमिलनाडु पर ध्यान


एल मुरुगन ने अपने सार्वजनिक संदेश में साफ किया कि वह 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले तमिलनाडु में बीजेपी की स्थिति मजबूत करने के लिए खुद को पूरी तरह समर्पित करना चाहते हैं। उनका जोर कार्यकर्ताओं के साथ सीधे जुड़ने और जमीनी स्तर पर संगठन के लिए काम करने पर है। प्रधानमंत्री मोदी को लिखे पत्र में मंत्रिपरिषद से इस्तीफे के साथ राज्यसभा की सदस्यता छोड़ने की अनुमति मांगना उनके इस फैसले का अहम हिस्सा है। मुरुगन ने अपने बयान में केंद्र सरकार में सेवा करने को सम्मान बताया, लेकिन अब उन्होंने तमिलनाडु में पार्टी संगठन को मजबूत करने को अपनी प्राथमिकता बताया है।