'खून और पानी साथ नहीं बह सकते' – लाल किले से पीएम मोदी का पाकिस्तान को करारा संदेश

79वें स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की ऐतिहासिक प्राचीर से देशवासियों को संबोधित करते हुए एक बार फिर पड़ोसी देश पाकिस्तान को कड़े शब्दों में चेतावनी दी। अपने भाषण की शुरुआत में उन्होंने कहा कि आज का दिन 140 करोड़ भारतीयों के लिए गर्व और उल्लास का प्रतीक है। उन्होंने जोड़ा—चाहे रेगिस्तान की रेत हो, हिमालय की चोटियां, समुद्र का किनारा या भीड़भाड़ वाले कस्बे—हर घर में लहराता तिरंगा यही कह रहा है कि मातृभूमि हमारी जान से भी ज्यादा प्यारी है।

सिंधु जल संधि पर सख्त रुख

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पाकिस्तान को दो टूक संदेश देते हुए कहा—खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते। यह बयान साफ इशारा करता है कि सिंधु जल संधि फिलहाल बहाल होने की कोई संभावना नहीं है। यह कदम पाकिस्तान के लिए एक बड़े झटके के रूप में देखा जा रहा है, खासकर तब जब वहां के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और अन्य नेता लगातार इस संधि को पुनः शुरू करने की वकालत करते रहे हैं।

आतंकवाद पर ‘न्यू नॉर्मल’

अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि भारत दशकों तक आतंकवाद का दर्द झेलता रहा है, देश के सीने को गोलियों और बम धमाकों से छलनी किया गया। लेकिन अब हालात बदल चुके हैं—हमने न्यू नॉर्मल तय कर दिया है। आतंकियों और उन्हें शरण देने वालों में अब कोई भेद नहीं किया जाएगा।

परमाणु धमकियों पर कड़ा जवाब

उन्होंने स्पष्ट कहा कि परमाणु हमलों की धमकियां और ब्लैकमेल का दौर अब समाप्त होगा। यह रणनीति लंबे समय से चली आ रही थी, लेकिन भारत अब इसे कतई बर्दाश्त नहीं करेगा। पीएम मोदी ने चेताया—“अगर दुश्मन आगे भी ऐसी हरकतें जारी रखते हैं, तो सेना अपने समय, तरीकों और लक्ष्यों के अनुसार जवाब तय करेगी, और वह जवाब निर्णायक होगा।”

क्यों खटक रही है सिंधु जल संधि

लाल किले से प्रधानमंत्री ने सवाल उठाया—“ये कैसा समझौता है जिसमें हमारा पानी दुश्मन की जमीन को हरा-भरा करे और अपने किसानों की जमीन प्यास से तड़पे?” उन्होंने कहा कि सिंधु का पानी पूरे भारत और खासकर हमारे किसानों का हक है। जो अन्याय इतने साल सहा गया, अब वह सहन नहीं होगा। उन्होंने दोहराया कि मौजूदा रूप में सिंधु समझौता भारत को मंजूर नहीं है।

ऑपरेशन सिंदूर के 100 दिन

भाषण में प्रधानमंत्री ने ऑपरेशन सिंदूर के 100 दिन पूरे होने का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह मिशन देश की सुरक्षा, रणनीतिक ताकत और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। साथ ही उन्होंने अपने कार्यकाल की कल्याणकारी योजनाओं, आर्थिक विकास की प्रगति और राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रयासों पर भी जोर दिया।

सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतज़ाम

स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले और आसपास के इलाकों में सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतज़ाम किए गए थे। 11,000 से अधिक सुरक्षाकर्मी और 3,000 ट्रैफिक पुलिसकर्मी तैनात रहे। ऊंची इमारतों पर स्नाइपर्स की तैनाती हुई और निगरानी के लिए अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया गया।

थीम – ‘नया भारत’

इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस की थीम ‘नया भारत’ रखी गई है, जो 2047 तक एक शक्तिशाली, समृद्ध और पूर्ण विकसित राष्ट्र के निर्माण की आकांक्षा को दर्शाती है। लाल किले से गूंजता प्रधानमंत्री का संदेश इस बात का संकेत है कि आने वाले वर्षों में भारत अपने हितों की रक्षा में और भी ज्यादा दृढ़ और आत्मविश्वासी होगा।