‘कॉल रिकॉर्ड कर लो, मैं तुम्हारी बहन को मार रहा हूं’ — फोन पर चीखती रही काजल, बेबस भाई सुनता रह गया

दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल में तैनात SWAT कमांडो काजल चौधरी जब अपनी जिंदगी के आखिरी पल गिन रही थीं, तब वह चार महीने की गर्भवती थीं। जिस वक्त उन पर जानलेवा हमला हुआ, उसी दौरान उनके पति अंकुर ने फोन पर उनके भाई निखिल से कहा— “इस कॉल को रिकॉर्ड कर लो, मैं इसे मार रहा हूं।” इसके बाद फोन के उस पार सिर्फ काजल की चीखें थीं।

एक भाई, जो कुछ कर पाने में असहाय था, बस फोन पर अपनी बहन की दर्दनाक आवाजें सुनता रहा। 27 वर्षीय काजल चौधरी, जो खुद अपराधियों से मुकाबला करने के लिए प्रशिक्षित थीं, अपने ही घर में हैवानियत का शिकार हो गईं। दिल्ली के मोहन गार्डन स्थित घर में हुए इस हमले के बाद उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां कई दिनों तक मौत से लड़ने के बाद उन्होंने दम तोड़ दिया।

निखिल ने बयां किया उस खौफनाक पल का सच

काजल के भाई निखिल, जो खुद संसद मार्ग थाने में तैनात हैं, उस दिन की याद करते हुए आज भी कांप उठते हैं। उन्होंने बताया कि 22 जनवरी को अंकुर ने उन्हें फोन किया और कहा कि काजल से बात करें। निखिल ने बहन को शांत रहने को कहा और हालात समझने की कोशिश की। आमतौर पर काजल ज्यादा कुछ साझा नहीं करती थीं, लेकिन उस दिन वह टूट चुकी थीं और सब कुछ बताने लगीं।

इसी दौरान अंकुर गुस्से में आ गया, उसने काजल से फोन छीन लिया और निखिल से कहा— “रिकॉर्डिंग ऑन कर लो, यह पुलिस के काम आएगी। मैं तुम्हारी बहन को मार रहा हूं, पुलिस मेरा कुछ नहीं बिगाड़ पाएगी।” इसके बाद निखिल ने फोन पर अपनी बहन की चीखें सुनीं… और फिर कॉल अचानक कट गई।

‘वह मर गई है, अस्पताल आ जाओ’

करीब पांच मिनट बाद निखिल का फोन फिर बजा। इस बार सामने से आवाज आई— “वह मर गई है, अस्पताल आ जाओ।” निखिल तुरंत पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे, लेकिन वहां का दृश्य उनकी जिंदगी का सबसे भयावह मंजर था। काजल का सिर बुरी तरह कुचला हुआ था, पूरे शरीर पर गंभीर चोटों के निशान थे।

निखिल ने बताया कि उसने दिल्ली के कई अस्पतालों में भर्ती कराने की कोशिश की, लेकिन हर जगह यही कहा गया कि हालत बेहद नाजुक है। आखिरकार गाजियाबाद के एक अस्पताल में उन्हें एडमिट कराया गया, जहां 27 जनवरी की सुबह काजल ने अंतिम सांस ली।

डंबल से किया गया हमला, पति मौके पर गिरफ्तार

हमले के वक्त काजल अपने मोहन गार्डन स्थित घर पर थीं। उनके पति अंकुर रक्षा मंत्रालय में क्लर्क के पद पर कार्यरत हैं और दिल्ली कैंट में तैनात थे। घटना के उसी दिन अंकुर को गिरफ्तार कर लिया गया था। जांच में सामने आया कि काजल पर भारी डंबल से सिर पर वार किए गए थे।

लंबे समय से चल रहा था उत्पीड़न का सिलसिला

निखिल ने अंकुर और उसके परिवार पर लंबे समय से मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न, साथ ही दहेज के लिए परेशान करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि करीब पांच महीने पहले भी अंकुर ने काजल को थप्पड़ मारा था। तब निखिल मौके पर पहुंचे और बहन से अपने साथ चलने को कहा।

अंकुर ने उस समय माफी मांगते हुए अपने बच्चे की कसम खाई थी कि वह दोबारा ऐसा नहीं करेगा। निखिल ने काजल से साफ कहा था कि वह जब चाहे मायके आ सकती है और वहां रहने की कोई मजबूरी नहीं है। इसके बावजूद काजल लौटकर नहीं आईं।

प्रेग्नेंसी में भी नहीं मिली राहत


परिवार का आरोप है कि गर्भवती होने के बावजूद काजल से घर के सारे काम करवाए जाते थे। नौकरी से लौटने के बाद भी उन्हें आराम नहीं मिलता था। डेढ़ साल का उनका एक बेटा अब अपने नाना-नानी के पास है, जो मां की ममता से हमेशा के लिए वंचित हो गया।