कर्तव्य पथ पर भारत ने दिखाया आधुनिक हथियारों और सैन्य ताकत का अद्भुत प्रदर्शन, देखें तस्वीरें और वीडियो

गणतंत्र दिवस 2026 के अवसर पर सोमवार को दिल्ली के कर्तव्य पथ पर भारतीय सेना की ताकत ने दुनिया को चौंका दिया। इस बार की परेड में देश की सैन्य क्षमता और तकनीकी श्रेष्ठता की झलक स्पष्ट रूप से दिखाई दी। राफेल और सुखोई विमानों की गर्जना ने दर्शकों को रोमांचित किया, वहीं ऑपरेशन सिंदूर का रीप्ले आसमान में उड़ते हेलीकॉप्टरों के साथ प्रस्तुत किया गया।

परेड की थीम: वंदे मातरम्

इस बार गणतंत्र दिवस पर मुख्य परेड की थीम 'वंदे मातरम्' पर आधारित थी। कर्तव्य पथ पर विभिन्न राज्यों और संस्थानों की झांकियां 'स्वतंत्रता का मंत्र - वंदे मातरम्, समृद्धि का मंत्र - आत्मनिर्भर भारत' विषय पर आधारित थीं। इंडियन एयरफोर्स के फाइटर जेट, ट्रांसपोर्ट विमान और हेलीकॉप्टरों ने शानदार फ्लाईपास्ट प्रदर्शन किया और परिष्कृत फॉर्मेशन में करतब दिखाए।

कर्तव्य पथ पर ब्रह्मोस, राफेल और आकाश मिसाइलों का प्रदर्शन

इस अवसर पर ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइल, राफेल, सुखोई, आकाश मिसाइल और अन्य काउंटर ड्रोन गन्स का प्रदर्शन किया गया। ये हथियार प्रदर्शन न केवल भारत की सामरिक शक्ति को दर्शाते हैं, बल्कि पड़ोसी देशों को भी सशक्त संदेश देते हैं कि ऑपरेशन सिंदूर अभी समाप्त नहीं हुआ है।

HMRV: स्वदेशी टोही वाहन की ताकत

भारतीय सेना ने हाई मोबिलिटी टोही वाहन (HMRV) का प्रदर्शन भी किया। महिंद्रा डिफेंस सिस्टम्स द्वारा विकसित यह बख्तरबंद वाहन कम उड़ान वाले हेलीकॉप्टरों, ड्रोन और बख्तरबंद लक्ष्यों का पता लगाने और उन्हें नष्ट करने में सक्षम है। इसके उन्नत संचार और एंटी-ड्रोन सिस्टम ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया।

टी-90 भीष्म और अर्जुन एमके टैंक का दमदार प्रदर्शन

परेड में भारतीय सेना के टी-90 भीष्म टैंक, अर्जुन एमके मुख्य युद्धक टैंक और नाग मिसाइल सिस्टम (Tracked) MK-2 का प्रदर्शन भी शामिल था। इनकी ताकत ने दर्शकों में गर्व और उत्साह का माहौल पैदा किया।

विशेष बलों की शौर्य झलक

कर्तव्य पथ पर विशेष बलों की टुकड़ी ने अजयकेतु ऑल-टेरेन व्हीकल, रंधवज रग्ड टेरेन टैक्टिकल ट्रांसपोर्ट और ध्वसंक लाइट स्ट्राइक वाहन का प्रदर्शन किया। यह तकनीकी क्षमता और मोबाइल स्ट्राइक टीमों की दक्षता को दर्शाता है।

दिव्यास्त्र, शक्तिबाण और हाइपरसोनिक मिसाइल

इस वर्ष की परेड में दिव्यास्त्र और शक्तिबाण तकनीकी उपकरणों का प्रदर्शन किया गया। इन्हें टेथर्ड ड्रोन सिस्टम, झुंड ड्रोन और स्वदेशी सामरिक हाइब्रिड UAV ZOLT के साथ एकीकृत किया गया। साथ ही सूर्यास्त्र यूनिवर्सल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम और ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ने भी अपनी शक्ति दिखाई।

आकाश और ABHRA मिसाइल सिस्टम

आकाश वेपन सिस्टम और ABHRA (मध्यम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणाली) ने परेड में अपनी दक्षता साबित की। डीआरडीओ की लंबी दूरी की एंटी-शिप मिसाइल (LR-ASHM) का प्रदर्शन भी किया गया, जिसे हाइपरसोनिक क्षमता वाले देशों के क्लब में शामिल होने के लिए डिजाइन किया गया है।

हाइपरसोनिक LR-ASHM की विशेषताएँ

LR-ASHM मिसाइल 10 मैक की गति से उड़ान भरती है और औसत मैक 5.0 बनाए रखती है। यह कम ऊंचाई पर उड़ान भरते हुए दुश्मन के राडार से बचकर लक्ष्य को भेदने में सक्षम है। इसकी लंबी दूरी और उच्च गति इसे भारतीय नौसेना की तटीय सुरक्षा के लिए अत्यंत प्रभावी बनाती है।