‘जंतर-मंतर 2.0’ से पहले CEC ज्ञानेश कुमार की सुरक्षा बढ़ाई गई, जानें क्या-क्या बदला

मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर जारी राजनीतिक विरोध के बीच दिल्ली स्थित उनके आवास, निर्वाचन सदन और आगरा स्थित उनके पारिवारिक घर की सुरक्षा बढ़ाई गई है। सुरक्षा एजेंसियों ने खतरे का आकलन करने के बाद अतिरिक्त जवानों की तैनाती और निगरानी के इंतजाम किए हैं।

पहले से मिली Z+ सुरक्षा में क्या बदलाव हुआ?

ज्ञानेश कुमार को पहले से Z+ श्रेणी की सुरक्षा मिली हुई है। हालिया कदम के तहत मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। उनके आवास के बाहर अतिरिक्त पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं और सुरक्षा निगरानी बढ़ाई गई है। निर्वाचन सदन में भी सुरक्षा इंतजामों को मजबूत किया गया है। दिल्ली के नई मोती बाग स्थित उनके सरकारी आवास के बाहर प्रदर्शन होने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने वहां की व्यवस्था की समीक्षा की। आगरा में उनके पारिवारिक घर के बाहर हुए विरोध प्रदर्शन और संपत्ति को नुकसान पहुंचने की घटना के बाद परिवार की सुरक्षा को लेकर भी अतिरिक्त इंतजाम किए गए हैं।
सुरक्षा व्यवस्था में क्या-क्या शामिल है?

सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के तहत आवास और कार्यालय के आसपास अतिरिक्त बलों की तैनाती की गई है। अधिकारियों के मुताबिक, सुरक्षा एजेंसियां खतरे के आकलन और मौजूदा परिस्थितियों के आधार पर इंतजामों में बदलाव कर रही हैं।
- दिल्ली स्थित आवास: अतिरिक्त जवानों की तैनाती और निगरानी बढ़ाई गई है।
- निर्वाचन सदन: चुनाव आयोग के मुख्यालय में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई है।
- आगरा स्थित पारिवारिक घर: वहां हुए विरोध प्रदर्शन के बाद सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की गई है।
- अतिरिक्त बल: पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती को जरूरत के अनुसार बढ़ाया गया है।

10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का ऐलान

ज्ञानेश कुमार की सुरक्षा ऐसे समय बढ़ाई गई है, जब 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर ‘जंतर-मंतर 2.0’ नाम से प्रदर्शन की घोषणा की गई है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और कई छात्र संगठनों ने इस आंदोलन का ऐलान किया है। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग मुख्य चुनाव आयुक्त का इस्तीफा और चुनावी प्रक्रिया में सुधार है।यह विरोध मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर उठे सवालों से जुड़ा है। विपक्षी दल और प्रदर्शनकारी चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि इस मुद्दे पर राजनीतिक विवाद लगातार बढ़ रहा है।

SIR को लेकर क्यों है विवाद?

SIR प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची की जांच और संशोधन किया जा रहा है। विपक्षी दलों और कुछ संगठनों ने इस प्रक्रिया को लेकर अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं और चुनाव आयोग से जवाब मांगा है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत विपक्षी नेताओं ने भी इस मुद्दे पर मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विरोध दर्ज कराया है। हालांकि, आरोपों को स्थापित तथ्य के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए; वे राजनीतिक विवाद का हिस्सा हैं।

10 अक्टूबर के प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले ज्ञानेश कुमार की सुरक्षा मजबूत किए जाने से दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इस बीच SIR को लेकर जारी राजनीतिक टकराव और प्रदर्शनकारियों की मांगों पर आगे की घटनाओं पर नजर रहेगी।