दिल्ली की पर्यटन तस्वीर जल्द ही एक नए और आकर्षक अनुभव से बदलने वाली है। राजधानी में यमुना नदी पर चलने वाली अत्याधुनिक क्रूज सेवा लगभग अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। करीब दो करोड़ रुपये की लागत से तैयार की जा रही यह क्रूज बोट लगभग 90 प्रतिशत बनकर तैयार हो चुकी है। इसे पूरी तरह ‘मेड इन इंडिया’ पहल के तहत विकसित किया गया है और इसे पर्यावरण के अनुकूल तकनीक से लैस किया गया है।
यह क्रूज पूरी तरह इलेक्ट्रिक सिस्टम पर आधारित होगी, जिससे प्रदूषण न के बराबर होगा। बायो-फ्रेंडली डिजाइन के कारण यह न सिर्फ पर्यावरण को नुकसान नहीं पहुंचाएगी, बल्कि नदी पर्यटन के क्षेत्र में एक नई मिसाल भी पेश करेगी। अधिकारियों के अनुसार, इस क्रूज की अनुमानित आयु करीब 20 वर्ष होगी, जिससे लंबे समय तक दिल्ली के पर्यटन को लाभ मिलने की उम्मीद है।
छह महीने में हुआ निर्माण, लॉन्च में हुई देरीइस आधुनिक क्रूज का निर्माण नवी मुंबई के तलोजा इलाके में स्थित इंस्पिरेशन मरींस द्वारा किया गया है। इसे तैयार करने में लगभग छह महीने का समय लगा। शुरुआत में इसे नवंबर 2025 तक शुरू करने की योजना थी, लेकिन कुछ तकनीकी पहलुओं और आवश्यक बुनियादी ढांचे की तैयारियों में देरी के कारण लॉन्च को फिलहाल टाल दिया गया है। अब सभी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने के बाद ही इसे आम लोगों के लिए खोला जाएगा।
8 किलोमीटर के विशेष रूट पर होगा संचालनयमुना में चलने वाली यह क्रूज सेवा एक विशेष रूप से विकसित 6 से 8 किलोमीटर लंबे जलमार्ग पर संचालित की जाएगी। यह वही हिस्सा है जहां नदी के पानी की गुणवत्ता अन्य क्षेत्रों की तुलना में बेहतर मानी जाती है, ताकि यात्रियों को सुरक्षित, स्वच्छ और आरामदायक सफर मिल सके। क्रूज की शुरुआत वजीराबाद बैराज के समीप सोनिया विहार पुस्ता से होगी।
फिलहाल इसका अंतिम पड़ाव जगतपुर स्थित शनि मंदिर के पास निर्धारित किया गया है। यह परियोजना राजधानी में नदी आधारित पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है। इससे न सिर्फ दिल्ली के दर्शनीय स्थलों में इजाफा होगा, बल्कि यमुना के प्रति लोगों की सोच और जुड़ाव भी मजबूत होने की उम्मीद है।