दिल्ली में उद्योग भवन के पास मजदूरों की बस्ती में भीषण आग, करीब 200 अस्थायी आवास जलकर राख; घंटों चला राहत अभियान

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के उद्योग भवन क्षेत्र के समीप बुधवार तड़के उस समय अफरा-तफरी मच गई जब मजदूरों के अस्थायी शिविर में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने पूरे इलाके को अपनी चपेट में ले लिया और करीब 200 अस्थायी आवास जलकर खाक हो गए। घटना सेना भवन के पास स्थित मजदूर कैंप में हुई। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही समय में पूरा क्षेत्र धुएं और लपटों से घिर गया।

सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने के लिए बड़े स्तर पर अभियान शुरू किया गया। कई घंटों की मशक्कत के बाद आग को नियंत्रित कर लिया गया। हालांकि हादसे में बड़ी मात्रा में घरेलू सामान, जरूरी दस्तावेज और मजदूरों का निजी सामान जलकर नष्ट हो गया। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली है।

मजदूरों के रहने के लिए बनाया गया था कैंप

घटना के संबंध में जानकारी देते हुए फायर अधिकारी संदीप दुग्गल ने बताया कि यह क्षेत्र सेना भवन के नजदीक स्थित है, जहां निर्माण कार्यों से जुड़े श्रमिकों के रहने के लिए अस्थायी शिविर बनाया गया था। इन अस्थायी आवासों में बड़ी संख्या में मजदूर अपने परिवारों के साथ रह रहे थे।

उन्होंने कहा कि कैंप में छोटे एलपीजी सिलेंडरों का उपयोग किया जा रहा था और वहां बिजली के तार भी कई स्थानों पर फैले हुए थे। ऐसे में फिलहाल आग लगने के सटीक कारणों की पुष्टि नहीं हो सकी है। प्रारंभिक तौर पर आशंका जताई जा रही है कि आग या तो बिजली संबंधी गड़बड़ी से लगी होगी या फिर गैस सिलेंडर से जुड़ी किसी समस्या के कारण भड़की होगी। हालांकि वास्तविक कारणों का पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा।

25 दमकल गाड़ियों ने संभाला मोर्चा

दमकल विभाग के अनुसार आग की गंभीरता को देखते हुए मौके पर 20 से अधिक फायर टेंडर भेजे गए। बाद में राहत और बचाव अभियान को और तेज करने के लिए अतिरिक्त यूनिट्स भी लगाई गईं। कुल मिलाकर करीब 25 दमकल गाड़ियों ने आग बुझाने के अभियान में हिस्सा लिया।

अधिकारियों ने बताया कि आग पर पूरी तरह नियंत्रण पाने में लगभग तीन घंटे का समय लगा। इस दौरान दमकलकर्मियों को बेहद सावधानी के साथ काम करना पड़ा क्योंकि कैंप में गैस सिलेंडर और अन्य ज्वलनशील सामग्री भी मौजूद थी। लगातार प्रयासों के बाद आग को आसपास के क्षेत्रों में फैलने से रोक लिया गया।
बिजली के पैनल में आग लगने की मिली थी पहली सूचना

फायर विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बुधवार तड़के करीब 3 बजकर 2 मिनट पर उद्योग भवन के निकट स्थित मजदूरों के अस्थायी आवासों के पास एक बिजली पैनल में आग लगने की सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम तुरंत मौके पर रवाना हुई।

जब तक टीम घटनास्थल पर पहुंची, तब तक आग तेजी से फैल चुकी थी। टिन-शेड से बने कमरों और अस्थायी ढांचों ने आग को फैलने में और मदद की। देखते ही देखते लपटों ने बड़ी संख्या में झुग्गीनुमा आवासों को अपनी चपेट में ले लिया। इसके बाद बड़े स्तर पर अग्निशमन अभियान शुरू किया गया।

सुबह तक पाया गया आग पर नियंत्रण

दमकल अधिकारियों के अनुसार लगातार प्रयासों के बाद सुबह करीब 5:30 बजे आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। हालांकि इसके बाद भी कई घंटों तक कूलिंग ऑपरेशन जारी रखा गया ताकि किसी भी स्थान पर दोबारा आग भड़कने की संभावना न रहे।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आग लगने के दौरान मजदूरों और उनके परिवारों में दहशत का माहौल था। लोग अपनी जान बचाने के लिए तेजी से बाहर निकले। कई परिवार अपना सामान तक नहीं बचा सके और उनकी वर्षों की जमा-पूंजी कुछ ही मिनटों में राख में बदल गई।

सेंट्रल विस्टा परियोजना क्षेत्र के पास हुई घटना

यह आग उद्योग भवन के समीप उस इलाके में लगी है जहां केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास परियोजना के तहत बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य चल रहा है। उद्योग भवन राजधानी के प्रमुख सरकारी परिसरों में शामिल है और इसका निर्माण 1950 के दशक के अंतिम वर्षों में किया गया था।

वर्तमान में इस क्षेत्र में पुनर्विकास की प्रक्रिया जारी है। निर्माण भवन को हटाए जाने के बाद अब उद्योग भवन को भी चरणबद्ध तरीके से ध्वस्त करने का कार्य किया जा रहा है। इसी परियोजना से जुड़े निर्माण कार्यों में लगे मजदूरों के लिए आसपास अस्थायी शिविर बनाए गए हैं, जहां यह हादसा हुआ।

हालिया अग्निकांडों के बाद बढ़ी चिंता

दिल्ली में हाल के महीनों में आग की कई बड़ी घटनाएं सामने आ चुकी हैं। कुछ समय पहले मालवीय नगर क्षेत्र के एक होटल में लगी भीषण आग ने 21 लोगों की जान ले ली थी। उस दर्दनाक हादसे ने राजधानी में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे।

अब उद्योग भवन के पास मजदूर कैंप में लगी इस आग ने एक बार फिर सुरक्षा मानकों और अस्थायी आवासों में अग्नि सुरक्षा प्रबंधों को लेकर चिंता बढ़ा दी है। हालांकि इस बार कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन बड़ी संख्या में परिवारों का आशियाना और जरूरी सामान नष्ट हो गया। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आग लगने के वास्तविक कारणों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।