राजधानी में राशन कार्ड से जुड़े प्रावधानों में अहम संशोधन किए गए हैं। दिल्ली सरकार ने ‘दिल्ली खाद्य सुरक्षा नियम, 2026’ के तहत पात्रता, आय सीमा और कार्ड वितरण की प्रक्रिया में बदलाव लागू कर दिए हैं। नई व्यवस्था के अनुसार, अब राशन कार्ड जारी करते समय परिवार की सबसे बुजुर्ग महिला सदस्य को परिवार का मुखिया माना जाएगा। हाल ही में इन नियमों को राजपत्र में अधिसूचित किया गया है।
महिला सशक्तिकरण की दिशा में कदमनए प्रावधान के तहत यदि परिवार में 18 वर्ष से अधिक आयु की महिला सदस्य मौजूद है, तो वही स्वाभाविक रूप से परिवार की मुखिया मानी जाएगी। हालांकि, यदि परिवार में केवल एक ही महिला सदस्य है और उसकी आयु 18 वर्ष से कम है, तो ऐसे में परिवार के सबसे बुजुर्ग पुरुष सदस्य को मुखिया घोषित किया जाएगा। इस फैसले को महिला सशक्तिकरण और पारिवारिक संरचना में महिलाओं की भूमिका को प्राथमिकता देने के रूप में देखा जा रहा है।
मतदाता संख्या के आधार पर होगा कार्ड वितरणराजपत्र अधिसूचना के मुताबिक, प्रत्येक जिले में जारी किए जाने वाले राशन कार्डों की संख्या उस जिले में पंजीकृत कुल मतदाताओं की संख्या के अनुपात में तय की जाएगी। यानी जिस जिले में वोटरों की संख्या अधिक होगी, वहां राशन कार्ड भी उसी अनुपात में ज्यादा जारी किए जाएंगे। फिलहाल यह व्यवस्था मतदाता आंकड़ों पर आधारित है, लेकिन भविष्य में आधिकारिक जनगणना के आंकड़े जारी होने के बाद वितरण का आधार मतदाता सूची के बजाय जनगणना डेटा को बनाया जाएगा।
आय सीमा में वृद्धिखाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामलों के विभाग ने पात्रता की आय सीमा में भी संशोधन किया है। पहले जहां वार्षिक आय की अधिकतम सीमा एक लाख रुपये थी, अब इसे बढ़ाकर 1.2 लाख रुपये कर दिया गया है। यानी जिन परिवारों की सालाना आय 1.2 लाख रुपये तक है, वे राशन कार्ड के लिए आवेदन कर सकते हैं। नए कार्ड के लिए दिल्ली राजस्व विभाग से आय प्रमाण पत्र अनिवार्य होगा। हालांकि आवेदन प्रक्रिया को ऑनलाइन माध्यम से सरल बनाया गया है, जिससे लोग घर बैठे मोबाइल या लैपटॉप के जरिए आवेदन कर सकेंगे।
शिकायत निवारण और निगरानी तंत्र को मजबूती
सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए जिला, वार्ड और उचित मूल्य की दुकानों के स्तर पर समितियों का गठन किया गया है। इन समितियों के माध्यम से शिकायतों का निस्तारण और निगरानी की प्रक्रिया को संस्थागत रूप दिया गया है। जिला स्तर पर गठित समिति नए आवेदनों की जांच करेगी। इस समिति की अध्यक्षता संबंधित जिलाधिकारी (डीएम) या अतिरिक्त जिलाधिकारी (एडीएम) करेंगे, जबकि दो स्थानीय विधायक इसके सदस्य होंगे।
सांसद और विधायक भी निभाएंगे भूमिकाअधिसूचना के अनुसार, संबंधित क्षेत्र के सांसद जिला स्तरीय सतर्कता समिति में सदस्य होंगे, जबकि विधायक ब्लॉक स्तर की समितियों का हिस्सा बनेंगे। इसके अतिरिक्त राशन कार्ड धारकों के समूहों के प्रतिनिधियों को भी समितियों में शामिल किया जाएगा, ताकि व्यवस्था में पारदर्शिता बनी रहे।
किन्हें नहीं मिलेगा नया राशन कार्ड?सरकार ने कुछ स्पष्ट अपात्रता मानदंड भी तय किए हैं। निम्नलिखित श्रेणियों के लोगों को नया राशन कार्ड जारी नहीं किया जाएगा—
जिनकी पारिवारिक वार्षिक आय 1.2 लाख रुपये से अधिक है
जिनके परिवार के पास स्वयं की भूमि या भवन है
जो आयकरदाता हैं
जिनके पास निजी चारपहिया वाहन है (हालांकि आजीविका के लिए उपयोग होने वाले टैक्सी या व्यावसायिक वाहन को छूट मिलेगी)
जिनके घर में दो किलोवाट से अधिक क्षमता का बिजली कनेक्शन है
परिवार का कोई सदस्य सरकारी कर्मचारी है
जो पहले से किसी अन्य सरकारी खाद्य सब्सिडी योजना का लाभ ले रहे हैं
इन बदलावों के साथ दिल्ली सरकार ने राशन कार्ड प्रणाली को अधिक सुव्यवस्थित, पारदर्शी और जरूरतमंदों के लिए लक्षित बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया है। अब देखना होगा कि नई व्यवस्था जमीनी स्तर पर कितनी प्रभावी साबित होती है।