राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में मौसम ने एक बार फिर अचानक रुख बदल लिया। मंगलवार को तेज ठंडी हवाओं के साथ झमाझम बारिश हुई, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई और सर्दी का अहसास और गहरा हो गया। ठंडी हवाओं ने लोगों को गर्म कपड़े निकालने पर मजबूर कर दिया, लेकिन राहत की बात यही तक सीमित रही। बारिश के बावजूद दिल्ली-एनसीआर की हवा साफ नहीं हो सकी और वायु गुणवत्ता अब भी चिंताजनक स्तर पर बनी हुई है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, बुधवार सुबह सात बजे दिल्ली का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स 273 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है। इससे एक दिन पहले मंगलवार को राजधानी का AQI 336 तक पहुंच गया था, जबकि सोमवार को यह 241 था। यानी बीते दो दिनों में प्रदूषण के स्तर में तेज उछाल देखने को मिला है, जिससे लोगों की सेहत पर खतरा बढ़ गया है।
दिल्ली से सटे एनसीआर के अन्य शहरों में भी हालात कुछ अलग नहीं रहे। नोएडा में सोमवार को AQI 219 के साथ हवा ‘खराब’ श्रेणी में थी, जो मंगलवार को बढ़कर 331 हो गई और ‘बहुत खराब’ स्तर पर पहुंच गई। वहीं, गुरुग्राम में भी हवा की गुणवत्ता बिगड़ती चली गई। यहां सोमवार को AQI 276 था, जो मंगलवार को बढ़कर 306 दर्ज किया गया और यह भी ‘बहुत खराब’ कैटेगरी में चला गया।
किस इलाके में कितनी खराब है हवा?नीचे दिल्ली-एनसीआर के प्रमुख इलाकों का AQI स्तर दिया गया है—
आनंद विहार – 280
बवाना – 332
बुराड़ी – 282
चांदनी चौक – 340
द्वारका – 317
दिल्ली एयरपोर्ट – 190
आईटीओ – 282
जहांगीरपुरी – 327
मुंडका – 320
नरेला – 251
रोहिणी – 326
विवेक विहार – 306
नोएडा – 331
ग्रेटर नोएडा – 304
गाजियाबाद – 376
गुरुग्राम – 306
इन आंकड़ों से साफ है कि कई इलाकों में प्रदूषण बेहद गंभीर स्थिति में पहुंच चुका है, खासकर गाजियाबाद और चांदनी चौक जैसे क्षेत्रों में हालात ज्यादा खराब बने हुए हैं।
बारिश से लुढ़का पारा, 6–7 डिग्री तक गिरी तापमान की सुईपश्चिमी विक्षोभ के असर से मंगलवार को दिल्ली-एनसीआर में अच्छी बारिश देखने को मिली। इस दौरान तापमान में करीब 6 से 7 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई। नोएडा और रेवाड़ी-नारनौल के कुछ इलाकों में ओलावृष्टि भी हुई, जिससे ठंड और बढ़ गई। राजधानी दिल्ली में मंगलवार को कुल 4.2 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
मौसम विभाग के मुताबिक, 1 फरवरी को एक बार फिर बारिश होने की संभावना जताई गई है। हालांकि, इसके बाद अगले चार दिनों तक मौसम का मिजाज लगभग ऐसा ही बना रहेगा, लेकिन बारिश के आसार कम बताए गए हैं। ठंडी हवाएं चलने से सर्दी का असर बना रह सकता है, जबकि प्रदूषण से फिलहाल राहत मिलने की उम्मीद कम ही नजर आ रही है।