दिल्ली में वायु गुणवत्ता में लगातार गिरावट और बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए सरकार ने पहले ही 50 प्रतिशत वर्क फ्रॉम होम (WFH) लागू किया था। इसके तहत सरकारी और निजी कार्यालयों में कर्मचारियों की आधी संख्या ही कार्यालय में काम कर रही थी। अब दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा ने इस नियम की पुन: पुष्टि करते हुए इसे पूरी तरह (100%) लागू करने के निर्देश दिए हैं।
मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि दिल्ली के सभी सरकारी और निजी विभागों में 50 प्रतिशत WFH लागू है और इसे शत-प्रतिशत लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने साफ चेतावनी दी कि यदि WFH नियम का पालन नहीं किया गया तो संबंधित कार्यालयों या अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
AAP पर निशाना साधा
दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण पर आम आदमी पार्टी (AAP) ने बीजेपी सरकार को निशाने पर लिया। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री कपिल मिश्रा ने विपक्षी दल को घेरा। उन्होंने कहा, अरविंद केजरीवाल हर साल लगभग एक महीने की छुट्टी पर चले जाते थे। आज जब दिल्ली की महिला मुख्यमंत्री लगातार काम कर रही हैं, तो विपक्षी नेता अपने स्वार्थ के लिए उनका विरोध कर रहे हैं। दिल्ली और पंजाब की जनता इस पूरे मसले को देख रही है और इसका उचित उत्तर देगी। ग्रैप-4 और मजदूर कल्याण की जानकारी
कपिल मिश्रा ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि दिल्ली में ग्रैप-4 नियम लागू है। श्रम विभाग ने कुछ अहम फैसले लिए हैं। ग्रैप-3 के दौरान 16 दिन तक निर्माण कार्यों पर रोक थी। अब ग्रैप-4 लागू होने के बाद भी दिल्ली में पंजीकृत मजदूरों को सीधे उनके बैंक खातों में 10,000 रुपये दिए जाएंगे। इस राशि का वितरण उसी तर्ज पर जारी रहेगा।
इस तरह दिल्ली सरकार ने प्रदूषण नियंत्रण और श्रमिक कल्याण दोनों को लेकर अपने कदम स्पष्ट कर दिए हैं, और सभी विभागों को सख्ती से WFH नियम का पालन करने का निर्देश दिया है।