दिल्ली-एनसीआर में पिछले कुछ दिनों से ई-रिक्शा चालकों के बीच एक नई समस्या सामने आ रही है। कई ड्राइवरों का दावा है कि किसी कथित चीनी मोबाइल ऐप के जरिए उनकी ई-रिक्शा अचानक बीच रास्ते में बंद कर दी जा रही है। इसके कारण उन्हें न केवल यात्रियों के सामने असहज स्थिति का सामना करना पड़ रहा है, बल्कि कई बार वाहन को धक्का देकर ले जाना पड़ता है, जिससे समय और आय दोनों का नुकसान हो रहा है। इस पूरे मामले से जुड़े कई वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। अब इस मुद्दे पर दिल्ली सरकार के परिवहन मंत्री पंकज सिंह की प्रतिक्रिया सामने आई है।
मामले की जांच कर रही है सरकार
ई-रिक्शा को कथित तौर पर ऐप के माध्यम से निष्क्रिय किए जाने की खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए दिल्ली के परिवहन मंत्री पंकज सिंह ने कहा कि सरकार इस पूरे मामले को गंभीरता से ले रही है और इसकी जांच की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि किसी ऐप या तकनीकी माध्यम से इस तरह वाहन को नियंत्रित या बंद किया जा रहा है, तो यह कानून के दायरे में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में पुलिस भी आवश्यक कार्रवाई कर सकती है।
मंत्री ने कहा, सोशल मीडिया के माध्यम से हमें इस मामले की जानकारी मिली है। सरकार इसकी पूरी जांच करा रही है। प्रथम दृष्टया यदि किसी ऐप के जरिए इस तरह ई-रिक्शा को बंद किया जा रहा है, तो यह गैर-कानूनी गतिविधि है। मुझे विश्वास है कि पुलिस भी अपने स्तर पर इस मामले में उचित कार्रवाई करेगी।
इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने पर सरकार का फोकसपरिवहन मंत्री पंकज सिंह ने कहा कि दिल्ली सरकार की नई दिल्ली इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी 2026 का उद्देश्य राजधानी में इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल को तेजी से बढ़ावा देना है। इसके लिए सरकार विभिन्न प्रकार के इंसेंटिव और सुविधाएं उपलब्ध करा रही है ताकि अधिक से अधिक लोग पारंपरिक ईंधन वाले वाहनों की जगह इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाएं।
उन्होंने कहा कि अब इलेक्ट्रिक कारें पहले की तुलना में अधिक किफायती होती जा रही हैं। सरकार पुरानी गाड़ियों को स्क्रैप कराने और उनके स्थान पर नई इलेक्ट्रिक गाड़ियां खरीदने वालों को प्रोत्साहन राशि भी दे रही है। उनका कहना था कि जैसे-जैसे बाजार में अधिक रेंज वाली इलेक्ट्रिक कारों की संख्या बढ़ेगी और कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धा तेज होगी, वैसे-वैसे इन वाहनों की कीमतों में भी कमी आने की संभावना है।
EV पॉलिसी 2026 में किए गए कई बड़े प्रावधानदिल्ली सरकार ने अपनी नई इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी के तहत कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। सरकार के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति अपने पुराने वाहन को अधिकृत स्क्रैपिंग सेंटर पर स्क्रैप कराता है और उसके छह महीने के भीतर नया इलेक्ट्रिक वाहन खरीदता है, तो उसे अधिकतम एक लाख रुपये तक का स्क्रैपिंग इंसेंटिव दिया जा सकता है।
इसके अलावा सरकार ने यह भी घोषणा की है कि दिल्ली में रजिस्टर होने वाली 30 लाख रुपये या उससे कम एक्स-शोरूम कीमत वाली सभी इलेक्ट्रिक कारों को रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन शुल्क से पूरी तरह छूट मिलेगी। सरकार का मानना है कि इन प्रोत्साहनों के जरिए राजधानी में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ेगी, प्रदूषण में कमी आएगी और स्वच्छ परिवहन व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।