दीवाली की रात दिल्ली में सांस लेना होगा मुश्किल! प्रदूषण पर CAQM की रिपोर्ट ने बढ़ाई चिंता

दीवाली के त्योहार पर जहां पूरा देश रोशनी में नहाने को तैयार है, वहीं दिल्ली में इस खुशी के बीच प्रदूषण का साया गहराता जा रहा है। रविवार शाम राजधानी की वायु गुणवत्ता “बेहद खराब” श्रेणी में दर्ज की गई, और अनुमान है कि दीवाली की रात हालात और बिगड़ सकते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर सोमवार को पटाखे जलाए गए, तो हवा “गंभीर” श्रेणी में पहुंच सकती है। वायु गुणवत्ता आयोग (CAQM) ने चेतावनी दी है कि GRAP के दूसरे चरण के बाद अब तीसरे चरण के प्रतिबंध भी लागू करने पड़ सकते हैं।

दिल्ली के 12 इलाके बने प्रदूषण के हॉटस्पॉट

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) की रिपोर्ट के मुताबिक, रविवार को दिल्ली के 11 से ज्यादा इलाकों की हवा “बेहद खराब” श्रेणी में रही। आनंद विहार में AQI 435 दर्ज हुआ, जो “गंभीर” स्तर पर है। IIT-M पुणे की निर्णय सहायता प्रणाली (DSS) के अनुसार, दिल्ली में कुल प्रदूषण में 15.11% हिस्सा वाहनों से निकलने वाले उत्सर्जन का रहा। यानी परिवहन प्रदूषण का सबसे बड़ा कारण बना हुआ है।

दिवाली के बाद और बिगड़ेगी हवा

केंद्रीय पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय की पूर्व चेतावनी प्रणाली ने भविष्यवाणी की है कि पटाखों और मौसम की प्रतिकूल स्थितियों के कारण, दिवाली के अगले दिन (मंगलवार) को वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 400 के पार जा सकता है। ऐसे में हवा “गंभीर” श्रेणी में बनी रह सकती है। पूर्वानुमान के अनुसार, अगले 5-6 दिनों तक दिल्ली-एनसीआर की हवा “बेहद खराब” से “गंभीर” श्रेणी में झूलती रहेगी।

हवा की रफ्तार कम, धुंध और कोहरा बढ़ा

मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार और मंगलवार को हवा की रफ्तार केवल 6 से 10 किलोमीटर प्रति घंटे तक सीमित रहेगी। ऐसे में प्रदूषक तत्व नीचे ही ठहर जाएंगे, जिससे सांस लेने में दिक्कत बढ़ सकती है। रविवार सुबह से ही हल्का कोहरा और धुंध छाई रही, और आने वाले तीन दिनों तक यही स्थिति बने रहने की संभावना है। मौसम विशेषज्ञों ने बताया कि बादलों की मौजूदगी के कारण दिन में भी धुंध की परत बनी रह सकती है, जबकि बारिश या तेज़ हवाओं के कोई आसार नहीं हैं।

रविवार को दिल्ली का अधिकतम तापमान 33.3 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 20.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से थोड़ा अधिक रहा। आर्द्रता का स्तर 94% से 52% के बीच रहा। आने वाले दिनों में तापमान 32 से 19 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।

GRAP चरणों के अनुसार प्रतिबंध तय होंगे

वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) की उपसमिति प्रदूषण के स्तर की समीक्षा करने के बाद GRAP के विभिन्न चरण लागू करती है। यदि आने वाले दिनों में सुधार की संभावना नहीं दिखती, तो अगले चरण के प्रतिबंध लागू कर दिए जाते हैं। फिलहाल दूसरे चरण (Stage II) के प्रतिबंध प्रभावी हैं, लेकिन “गंभीर” स्तर पहुंचने पर तीसरा चरण (Stage III) भी लागू हो सकता है।

GRAP चरण 2 के तहत लागू प्रमुख प्रतिबंध

- BS6, CNG और इलेक्ट्रिक बसों को छोड़कर अन्य अंतरराज्यीय बसों का प्रवेश प्रतिबंधित।

- सभी डीजल जनरेटरों पर रोक।

- फिक-भारी इलाकों में अतिरिक्त कर्मियों की तैनाती।

- पार्किंग शुल्क में वृद्धि और सार्वजनिक परिवहन का विस्तार।

- व्यस्त समय में किराए में संशोधन।

- BS4 डीजल बसों को दिल्ली में प्रवेश की अनुमति नहीं।

- नागरिकों के लिए चार्टर

- निजी वाहनों की बजाय सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें।

- ट्रैफिक जाम से बचने के लिए तकनीकी साधनों का प्रयोग करें।

- वाहन के एयर फ़िल्टर समय-समय पर बदलें।

- अक्टूबर से जनवरी तक निर्माण गतिविधियों को सीमित रखें।

- खुले में कचरा या पत्तियां न जलाएं।

- निर्माण और खनन गतिविधियों पर सख्त रोक

- घरों में ड्रिलिंग, बोरिंग, सीवर और पानी की पाइपलाइन से जुड़ा कार्य रोक दिया जाएगा।

- स्टोन क्रशर जोन और खनन गतिविधियाँ पूरी तरह बंद रहेंगी।

- दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद और नोएडा में BS III पेट्रोल और BS IV डीजल वाहनों पर प्रतिबंध रहेगा (विकलांगों को छूट)।

- पाँचवीं कक्षा तक के स्कूलों में कक्षाएँ हाइब्रिड मोड में चलेंगी।

- सरकारी कार्यालयों और स्थानीय निकायों में “अलग-अलग आगमन समय” लागू होगा।

नागरिकों से अपील

- छोटी दूरी के लिए साइकिल या पैदल यात्रा को बढ़ावा दें।

- स्वच्छ ईंधन से चलने वाले वाहन चुनें।

- जहाँ संभव हो, वर्क फ्रॉम होम अपनाएँ।

- हीटिंग के लिए लकड़ी या कोयले की बजाय इलेक्ट्रिक उपकरणों का उपयोग करें।

- सुरक्षा गार्डों को इलेक्ट्रिक हीटर उपलब्ध कराएँ।

दीवाली की चमक के साथ दिल्ली में धुंध और प्रदूषण का खतरा भी बढ़ गया है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे पटाखे जलाने से परहेज़ करें और स्वच्छ हवा बनाए रखने में योगदान दें, ताकि यह पर्व सिर्फ रोशनी का नहीं, बल्कि स्वस्थ वातावरण का प्रतीक भी बन सके।