दिल्ली के कनॉट प्लेस में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च से पहले दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026 को सेंट्रल पार्क में प्रस्तावित इस प्रदर्शन में हजारों लोगों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। इसे देखते हुए पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के साथ-साथ आम जनता के लिए भी दिशा-निर्देश जारी किए हैं। पुलिस ने राष्ट्रीय ध्वज फहराने और राष्ट्रगान की अनुमति दी है, लेकिन इसके लिए कुछ शर्तें निर्धारित की गई हैं। पुलिस के मुताबिक, तिरंगा लहराने और राष्ट्रगान के आयोजन में शामिल होने वाले लोगों की संख्या सीमित रखी जाएगी। दिल्ली पुलिस की डीसीपी नेहा यादव ने गुरुवार, 15 अक्टूबर को प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्पष्ट किया था कि राष्ट्रीय ध्वज लेकर आने और राष्ट्रगान गाने के लिए केवल 11 लोगों को अनुमति दी जाएगी। यह समूह किसी उपयुक्त स्थान पर एकत्र होकर निर्धारित गतिविधि कर सकता है। हालांकि, इस दौरान राष्ट्रीय ध्वज और राष्ट्रगान के सम्मान तथा उनकी गरिमा का पूरी तरह ध्यान रखना अनिवार्य होगा। पुलिस की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का उद्देश्य मार्च के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना और निर्धारित शर्तों के अनुरूप कार्यक्रम आयोजित कराना है।
तिरंगा मार्च से पहले कनॉट प्लेस में सुरक्षा सख्तCJP ने शुक्रवार, 16 अक्टूबर को शाम 5 बजे कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में लोगों से एकत्र होने की अपील की है। पार्टी ने लोगों से अपने साथ तिरंगा लेकर पहुंचने को भी कहा है। इस आह्वान के बाद कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर दी है। पुलिस ने कनॉट प्लेस और आसपास के इलाकों में पहले से लागू निषेधाज्ञा का हवाला देते हुए लोगों से एक स्थान पर भीड़ जमा नहीं करने की अपील की है। पुलिस के अनुसार, मौजूदा सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की स्थिति को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि इलाके में शांति और सौहार्द बनाए रखने के साथ-साथ मानव जीवन तथा सरकारी और निजी संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी है।
अभिजीत दीपके के ठहरने वाले इलाके में भी बढ़ाई गई सुरक्षादिल्ली पुलिस ने एहतियात के तौर पर कई स्थानों पर सुरक्षा बढ़ाई है। इनमें रानी झांसी रोड के पास स्थित झंडेवालान इलाका भी शामिल है। CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके इसी इलाके में ठहरे हुए हैं। तिरंगा मार्च से पहले उनके ठहरने वाले स्थान के आसपास भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है। कनॉट प्लेस के साथ-साथ आसपास के दूसरे संवेदनशील स्थानों पर भी पुलिस की निगरानी बढ़ाई गई है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे निषेधाज्ञा का पालन करें और ऐसे किसी भी स्थान पर अनावश्यक रूप से एकत्र न हों, जहां सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
16 और 17 अक्टूबर को बंद रहेगा सेंट्रल पार्कदिल्ली पुलिस की जनसंपर्क अधिकारी और डीसीपी नेहा यादव ने बताया कि नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) ने सेंट्रल पार्क को बंद रखने के संबंध में दिल्ली पुलिस को पत्र भेजा है। इस पत्र के अनुसार, कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क 16 और 17 अक्टूबर को बंद रहेगा।
नेहा यादव के मुताबिक, NDMC ने पुलिस से पार्क की सुरक्षा सुनिश्चित करने और किसी भी व्यक्ति को अनधिकृत रूप से पार्क में प्रवेश करने से रोकने का अनुरोध किया है। इस निर्णय के तहत पार्क में दो दिनों तक प्रवेश बंद रहेगा। CJP के प्रस्तावित तिरंगा मार्च के मद्देनजर यह व्यवस्था सुरक्षा इंतजामों का एक अहम हिस्सा है। पार्क बंद रखने के साथ-साथ कनॉट प्लेस और आसपास के इलाकों में सुरक्षा प्रबंधों को मजबूत किया गया है। पुलिस की एडवाइजरी में आम जनता से भी सहयोग करने और लागू प्रतिबंधों का पालन करने की अपील की गई है।
आम आदमी पार्टी ने भी लोगों से प्रदर्शन में शामिल होने की अपील कीदिल्ली पुलिस के अनुसार, आम आदमी पार्टी (AAP) ने भी अपने कार्यकर्ताओं, समर्थकों और आम जनता से CJP के प्रदर्शन में शामिल होने तथा बड़ी संख्या में पहुंचने की अपील की है। CJP की ओर से शाम 5 बजे सेंट्रल पार्क में जुटने और तिरंगा लेकर आने का आह्वान किया गया है। ऐसे में पुलिस ने कार्यक्रम से पहले सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। पुलिस ने बताया कि कनॉट प्लेस और आसपास के इलाकों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा पहले से लागू है। यह कार्रवाई क्षेत्र में शांति एवं सौहार्द बनाए रखने, मानव जीवन की सुरक्षा करने और सरकारी तथा निजी संपत्तियों को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से की गई है।
दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि राष्ट्रीय ध्वज और राष्ट्रगान से जुड़ी गतिविधियों के लिए 11 लोगों को ही अनुमति दी जाएगी। साथ ही, सेंट्रल पार्क 16 और 17 अक्टूबर को बंद रहेगा। मार्च से पहले कनॉट प्लेस और आसपास के क्षेत्रों में लागू प्रतिबंधों तथा सुरक्षा व्यवस्था के बीच आम लोगों से पुलिस की अपील और दिशा-निर्देशों का पालन करने को कहा गया है।