दिल्ली विस्फोट की साजिश में बड़ा खुलासा, धमाके से पहले डॉ. शाहीन और मुजम्मिल ने खरीदी थी नई कार, कैश में हुआ था भुगतान

दिल्ली में हुए हालिया बम धमाके की जांच आगे बढ़ते ही लगातार नए रहस्य उजागर हो रहे हैं। ताज़ा जानकारी में पता चला है कि मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपी डॉक्टर—शाहीन सईद और मुजम्मिल शकील—ने कुछ महीने पहले ही एक नई मारुति सुज़ुकी ब्रेज़ा खरीदी थी। जांच एजेंसियों का मानना है कि यह वही कार है जिसे कथित तौर पर विस्फोटक सामग्री की ढुलाई या हमले के लिए आवश्यक सामान पहुंचाने हेतु तैयार की जा रही लगभग 30 गाड़ियों की सूची में शामिल किया गया था। एनडीटीवी को उपलब्ध सूत्रों के अनुसार यह जानकारी मंगलवार को सामने आई।

दोनों डॉक्टरों का संबंध हरियाणा के फरीदाबाद में स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी से है, और इन्हें हाल ही में गिरफ्तार किया गया है। मिली जानकारी के मुताबिक, इन्होंने यह कार 25 सितंबर को सिल्वर रंग में शोरूम से खरीदी थी। कार की तस्वीरें भी अब सार्वजनिक हो चुकी हैं। खास बात यह रही कि खरीद का पूरा भुगतान नकद में किया गया था, जिसने जांच एजेंसियों की शंकाओं को और गहरा कर दिया है।

30 कारों का नेटवर्क—सीरियल धमाकों में इस्तेमाल की योजना

बीते सोमवार को लाल किले के पास एक हुंडई i20 में हुए शक्तिशाली विस्फोट में 15 लोगों की मौत हो गई, जिसके बाद एजेंसियों ने इस मामले को एक बड़े नेटवर्क से जुड़ा बताया। सूत्रों का कहना है कि यह i20 उन्हीं 30 संदिग्ध वाहनों में से एक थी, जिन्हें विभिन्न स्थानों पर सीरियल बम धमाके अंजाम देने के लिए तैयार किया गया था। जानकारी के अनुसार, इन हमलों का निशाना दिल्ली के छह प्रमुख लोकेशन थे और इन्हें 6 दिसंबर को अंजाम दिया जाना था दिलचस्प बात यह है कि 6 दिसंबर वही तारीख है जब 1992 में अयोध्या में 16वीं सदी की बाबरी मस्जिद ढहाई गई थी। इसलिए जांच एजेंसियां इस तारीख को चुने जाने के पीछे की मंशा को बेहद गंभीरता से देख रही हैं।

बरामद हुई कई कारें, अल-फलाह यूनिवर्सिटी जांच के दायरे में

जांच में पता चला है कि इस साजिश से जुड़ी कई गाड़ियां अब तक जब्त हो चुकी हैं। इनमें वही ब्रेज़ा भी है जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर HR 87U 9988 है और जो हरियाणा में रजिस्टर्ड है। यह वाहन फरीदाबाद स्थित अल-फलाह स्कूल ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च सेंटर के कैंपस से बरामद की गई, जिससे यूनिवर्सिटी पर संदेह और गहराया है। इसके अतिरिक्त, पिछले सोमवार को एक स्विफ्ट डिज़ायर जब्त की गई थी, जिसमें असॉल्ट राइफल और बड़ी मात्रा में गोला-बारूद मिला था। जांच टीम को बुधवार को फरीदाबाद में ही एक और संदिग्ध गाड़ी—लाल रंग की फोर्ड इकोस्पोर्ट—भी मिली।

इन बरामदियों के बाद अल-फलाह यूनिवर्सिटी इस केस की जांच में मुख्य केंद्र बन गई है। एजेंसियां यह समझने की कोशिश कर रही हैं कि इस नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं तथा क्या कोई और संस्थान भी इसकी कड़ी बन सकते हैं।