राजधानी दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ सांसद रविशंकर प्रसाद के सरकारी आवास पर आग लगने की घटना सामने आई है। यह घटना बुधवार, 14 जनवरी की सुबह की बताई जा रही है। सुबह करीब 8 बजकर 5 मिनट पर आग की सूचना दिल्ली फायर सर्विस को प्राप्त हुई, जिसके बाद विभाग ने बिना देर किए राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की तीन गाड़ियां तत्काल मौके के लिए रवाना की गईं और लगभग 8:30 बजे तक आग पर पूरी तरह नियंत्रण पा लिया गया।
दिल्ली फायर सर्विस से मिली जानकारी के अनुसार, आग सांसद रविशंकर प्रसाद के आवास के एक कमरे के भीतर लगी थी। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कमरे में रखे बेड में अचानक आग भड़क उठी, जिससे धुआं फैल गया। हालांकि, राहत की बात यह रही कि समय रहते आग बुझा ली गई और किसी बड़े नुकसान से बचाव हो सका। फिलहाल आग लगने के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल पाया है और अग्निशमन विभाग की टीम पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।
फायर अधिकारी का बयान सामने आयाइस घटना को लेकर सब-फायर ऑफिसर सुरेश एम ने विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने बताया, “हमें जैसे ही आग की सूचना मिली, हमारी टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गई। आग एक ही कमरे तक सीमित थी और अब उसे पूरी तरह बुझा दिया गया है। वरिष्ठ अधिकारियों को भी स्थिति से अवगत करा दिया गया है। आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। सौभाग्य से इस घटना में किसी तरह का जान-माल का नुकसान नहीं हुआ है।”
पहले कोठी नंबर-2 के नाम से आई थी सूचनाबताया जा रहा है कि अग्निशमन विभाग को सुबह-सुबह जिस पते से कॉल मिली थी, वह शुरुआत में कोठी नंबर-2 के नाम से दर्ज की गई थी। जांच आगे बढ़ने पर स्पष्ट हुआ कि आग की घटना कोठी नंबर-21, मदर टेरेसा क्रिसेंट रोड पर स्थित आवास में हुई है, जो कि पटना साहिब से सांसद रविशंकर प्रसाद का सरकारी निवास है। दमकल विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर करीब 20 मिनट के भीतर स्थिति को पूरी तरह नियंत्रित कर लिया।
सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गयादमकल कर्मियों ने घटनास्थल पर पहुंचते ही सबसे पहले सुरक्षा को प्राथमिकता दी। घर के भीतर मौजूद सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया, इसके बाद आग बुझाने का कार्य तेज़ी से शुरू किया गया। इस पूरी घटना में किसी के घायल होने या किसी प्रकार की जनहानि की कोई सूचना नहीं है। फिलहाल फॉरेंसिक और तकनीकी विशेषज्ञ यह जांच कर रहे हैं कि आग शॉर्ट सर्किट, किसी तकनीकी खराबी या अन्य कारणों से लगी थी या नहीं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आग के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।