राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण का स्तर लगातार खतरनाक होता जा रहा है। सोमवार सुबह भी शहर की हवा ‘बहुत खराब’ श्रेणी में दर्ज की गई। मामूली सुधार के बावजूद एक्यूआई (AQI) का स्तर 315 तक पहुंच गया है, जिससे लोगों को सांस लेने में परेशानी और आंखों में जलन जैसी समस्याएं झेलनी पड़ रही हैं। प्रदूषण की गंभीरता को देखते हुए ग्रेप-2 (GRAP-II) के तहत कई पाबंदियां लागू हैं। नगर निगम द्वारा सड़कों पर पानी का छिड़काव और धूल नियंत्रण अभियान तेज कर दिया गया है।
बारिश की संभावना से बढ़ी उम्मीदेंमौसम विभाग (IMD) ने अगले दो दिनों तक हल्की बारिश की भविष्यवाणी की है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि बारिश होती है, तो वायु गुणवत्ता में थोड़ी राहत मिल सकती है। रविवार को दिल्ली का औसत एक्यूआई 321 रहा था, जबकि आनंद विहार में यह आंकड़ा 429 तक पहुंच गया था, जो ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है। शनिवार को यह स्तर 257 दर्ज किया गया था। अनुमान है कि आने वाले दिनों में AQI ‘खराब’ से ‘बहुत खराब’ श्रेणी में बना रहेगा।
पश्चिमी विक्षोभ का असरआईएमडी के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के कारण दिनभर बादल छाए रहेंगे और शाम या रात में हल्की बारिश होने की संभावना है। दिन का अधिकतम तापमान करीब 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान लगभग 18 डिग्री सेल्सियस रहने की उम्मीद है। पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी की संभावना के चलते दिल्ली में ठंडक बढ़ने के भी आसार हैं।
सबसे प्रदूषित इलाकों की स्थितिनिजी वायु गुणवत्ता निगरानी मंच aqi.in के अनुसार, सोमवार को दिल्ली के कई इलाकों में हवा की स्थिति बेहद खराब रही। अशोक विहार में सबसे अधिक 416 AQI दर्ज किया गया, जबकि गौतमपुरी में 415 और आनंद विहार में 322 मापा गया। अन्य प्रमुख क्षेत्रों में प्रदूषण का स्तर इस प्रकार रहा:
क्षेत्र - AQIअशोक विहार - 416
गौतमपुरी - 415
आनंद विहार - 322
गणेशपुरा - 318
जीटीबी नगर - 302
कश्मीरी गेट आईएसबीटी - 298
मयूर विहार -287
दीपाली - 263
आनंद लोक - 250
एकता विहार - 245
एक्यूआई श्रेणी - विवरण0-50 - अच्छा
51-100 -संतोषजनक
101-200 - मध्यम प्रदूषित
201-300 - खराब
301-400 - बहुत खराब
401-500 - गंभीर
स्वास्थ्य पर बढ़ता खतराविशेषज्ञों के अनुसार, ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आने वाली हवा फेफड़ों, हृदय और श्वसन तंत्र के लिए खतरनाक होती है। बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा के मरीजों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। डॉक्टरों का कहना है कि इस स्थिति में मास्क पहनना, घर के अंदर रहना और एयर प्यूरीफायर का उपयोग करना बेहद जरूरी है।
मौसम विभाग को उम्मीद है कि आगामी बारिश से हवा में मौजूद धूलकण और प्रदूषक तत्व कुछ हद तक कम होंगे। हालांकि विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि यह राहत अल्पकालिक होगी, क्योंकि ठंड बढ़ने के साथ वायु ठहराव से प्रदूषण का स्तर फिर बढ़ सकता है।