रामलीला मैदान की रैली के लिए कांग्रेस का बड़ा प्लान, हरियाणा को मिला 1 लाख लोगों की भीड़ जुटाने का लक्ष्य

दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में 1 नवंबर को होने वाली कांग्रेस की रैली को सफल बनाने के लिए पार्टी ने तैयारियां तेज कर दी हैं। रैली में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए कांग्रेस संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने पार्टी नेताओं की अहम बैठक बुलाई है। सूत्रों के मुताबिक, बैठक के शुरुआती दौर में हरियाणा के नेताओं के साथ चर्चा हुई। इस दौरान उन्हें रैली की तैयारियों से जुड़े दिशा-निर्देश देने के साथ भीड़ जुटाने का लक्ष्य भी सौंपा गया। हरियाणा कांग्रेस को अकेले एक लाख लोगों को रैली में लाने की जिम्मेदारी दी गई है। पार्टी की इस महारैली की तैयारियों के साथ-साथ कांग्रेस ने एसआईआर प्रक्रिया को लेकर भी केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ अभियान चलाने की घोषणा की है। कांग्रेस 25 अक्टूबर से 25 नवंबर तक एक महीने का विशेष अभियान चलाएगी। इसके तहत पार्टी कार्यकर्ता घर-घर जाकर मतदाता सूची की जांच करने और चुनाव आयोग की ओर से हटाए गए नामों को दोबारा जुड़वाने के लिए काम करेंगे।

कांग्रेस ने लोगों से अपील की है कि वे मतदाता सूची में अपना नाम और उसमें दर्ज विवरण ध्यान से जांच लें। यदि किसी तरह की गड़बड़ी या विसंगति सामने आती है, तो संबंधित चुनाव अधिकारी के पास तुरंत शिकायत दर्ज कराई जाए। पार्टी का घोषित अभियान मतदाता सूची में नामों से जुड़ी समस्याओं को सामने लाने और उन्हें ठीक कराने पर केंद्रित रहेगा।

एसआईआर को लेकर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर कांग्रेस के आरोप

कांग्रेस संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने सूचना के अधिकार (RTI) से मिली जानकारी का हवाला देते हुए केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि कैबिनेट सचिव के एक नोट से यह साबित होता है कि चुनाव आयोग के कामकाज में सरकार का सीधा हस्तक्षेप है। वेणुगोपाल ने कहा कि जब भी चुनाव आयोग की ओर से कैबिनेट सचिव को कोई पत्र भेजा जाता है, तो कैबिनेट सचिव उस पर अपनी टिप्पणी लिखकर उसे वापस चुनाव आयोग को भेज देते हैं। उन्होंने टिप्पणी के बारे में बताते हुए कहा, “जब भी चुनाव आयोग की ओर से कैबिनेट सचिव को कोई पत्र भेजा जाता है, तो कैबिनेट सचिव उस पर अपनी टिप्पणी लिखकर वापस चुनाव आयोग को भेज देते हैं। उनकी टिप्पणी क्या होती है? इस पर कोई कार्रवाई करने की जरूरत नहीं है। हम जो कह रहे थे, वह अब साबित हो गया है।”
कांग्रेस नेता का आरोप है कि इस तरह की टिप्पणियां चुनाव आयोग के कामकाज में सरकार के हस्तक्षेप की ओर इशारा करती हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी पहले से ही इस मुद्दे को उठाती रही है और अब RTI से मिली जानकारी के आधार पर अपने आरोपों को सही ठहरा रही है। हालांकि, ये बातें केसी वेणुगोपाल की ओर से लगाए गए आरोप और उनके दावे हैं।

सुप्रीम कोर्ट जा चुकी है कांग्रेस, आंदोलन तेज करने की बात

केसी वेणुगोपाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर भी आरोप लगाए। उन्होंने कहा, “हमारा कहना है कि पीएम मोदी और अमित शाह, मुख्य चुनाव आयुक्त के पद पर बैठे ज्ञानेश कुमार के ओहदे का गलत इस्तेमाल करके, चुनाव से जुड़े मामलों में इस तरह की गड़बड़ियां कर रहे हैं। अब कैबिनेट सचिव के नोट से इस बात की पुष्टि हो गई है। हम पहले ही सुप्रीम कोर्ट जा चुके हैं और सड़कों पर, हम इसे और बड़े स्तर पर ले जाएंगे।”

वेणुगोपाल के बयान के मुताबिक, कांग्रेस इस मुद्दे को पहले ही सुप्रीम कोर्ट में उठा चुकी है। अब पार्टी इसे सड़क पर आंदोलन के जरिए बड़े स्तर पर ले जाने की बात कह रही है। इस तरह 1 नवंबर को रामलीला मैदान में होने वाली रैली की तैयारियों के साथ एसआईआर प्रक्रिया और चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर कांग्रेस का अभियान भी पार्टी की रणनीति का अहम हिस्सा है। पार्टी का एक महीने का विशेष अभियान 25 अक्टूबर से शुरू होकर 25 नवंबर तक चलेगा। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता घर-घर जाकर मतदाता सूची में नामों और विवरण की जांच करने के लिए लोगों को जागरूक करेंगे। वहीं, रामलीला मैदान की रैली के लिए हरियाणा कांग्रेस को एक लाख लोगों को जुटाने का लक्ष्य दिया गया है।

पूछे जाने वाले सवाल (FAQs):

Q1. कांग्रेस की रैली कब और कहां होने वाली है?


कांग्रेस की रैली 1 नवंबर को दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में आयोजित होनी है।

Q2. हरियाणा कांग्रेस को रैली के लिए क्या लक्ष्य दिया गया है?

हरियाणा कांग्रेस को रैली में एक लाख लोगों की भीड़ जुटाने का लक्ष्य सौंपा गया है।

Q3. कांग्रेस एसआईआर को लेकर विशेष अभियान कब चलाएगी?

कांग्रेस 25 अक्टूबर से 25 नवंबर तक एक महीने का विशेष अभियान चलाएगी। इस दौरान घर-घर जाकर मतदाता सूची में नामों और विवरण की जांच करने तथा हटाए गए नामों को दोबारा जुड़वाने के लिए काम किया जाएगा।

Q4. केसी वेणुगोपाल ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर क्या आरोप लगाए हैं?

वेणुगोपाल ने RTI से मिली जानकारी का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि कैबिनेट सचिव के एक नोट से चुनाव आयोग के कामकाज में सरकार के सीधे हस्तक्षेप की पुष्टि होती है।

Q5. एसआईआर के मुद्दे पर कांग्रेस आगे क्या करने की बात कह रही है?

केसी वेणुगोपाल के मुताबिक, कांग्रेस इस मुद्दे पर पहले ही सुप्रीम कोर्ट जा चुकी है। उन्होंने कहा कि पार्टी इस मामले को सड़क पर आंदोलन के जरिए और बड़े स्तर पर ले जाएगी।