4. जेल नंबर 4 में आशुतोष रांका, नंबर 2 में सौरव दास; कब मिलेगी जमानत?

दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन से जुड़े मामले में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता सौरव दास और आशुतोष रांका को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेज दिया गया है। दोनों को अलग-अलग जेल नंबरों में रखा गया है। वहीं, इसी मामले में गिरफ्तार अजिंक्य शिंदे को 5,000 रुपये का बेल बॉन्ड भरने के बाद राहत मिली है। यह कार्रवाई 13 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के बाद की गई, जहां पार्टी के 14 सदस्य पहुंचे थे।

सौरव दास और आशुतोष रांका अलग-अलग जेल में बंद

पुलिस ने सौरव दास, आशुतोष रांका और अजिंक्य शिंदे को गिरफ्तार करने के बाद अदालत में पेश किया। इसके बाद सौरव और आशुतोष को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया गया। दोनों पर बेल बॉन्ड की शर्तों का उल्लंघन करने का आरोप बताया गया है।
तिहाड़ जेल में सौरव दास को जेल नंबर 2 में रखा गया है, जबकि आशुतोष रांका जेल नंबर 4 में बंद हैं। दोनों को अलग-अलग जेलों में रखा गया है। फिलहाल उनकी जमानत का इंतजार किया जा रहा है।
अजिंक्य शिंदे ने भरा 5,000 रुपये का बेल बॉन्ड

इस मामले में गिरफ्तार तीसरे नेता अजिंक्य शिंदे से 5,000 रुपये का बेल बॉन्ड भरवाया गया। रिपोर्ट के मुताबिक, यह बॉन्ड पांच साल तक अशांति नहीं फैलाने की शर्त से जुड़ा है। सौरव दास और आशुतोष रांका को जहां पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया, वहीं शिंदे को बॉन्ड भरने के बाद राहत मिली।

CJP के 14 सदस्यों को लिया गया था हिरासत में


जंतर-मंतर पर 13 अक्टूबर को कॉकरोच जनता पार्टी के 14 सदस्य प्रदर्शन करने पहुंचे थे। पुलिस ने सभी को हिरासत में लिया था। इस मामले में कनॉट प्लेस और संसद मार्ग थाने में दो FIR दर्ज की गईं। पुलिस के मुताबिक, जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटाए जाने के बाद ये सदस्य कथित तौर पर एक निजी परिसर के रास्ते वहां पहुंचे थे। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोकने की कोशिश की। आरोप है कि इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के सरकारी काम में बाधा डाली। पुलिस ने सभी 14 सदस्यों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करते हुए उन्हें पाबंद किया। इसी मामले में गिरफ्तार किए गए तीन नेताओं को अदालत में पेश किया गया, जिसके बाद सौरव दास और आशुतोष रांका को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया, जबकि अजिंक्य शिंदे से बेल बॉन्ड भरवाया गया।

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन को लेकर हुई कार्रवाई

इस मामले में कार्रवाई की मुख्य वजह जंतर-मंतर पर कथित तौर पर बिना अनुमति प्रदर्शन करना और पुलिस के काम में बाधा डालने का आरोप है। संदर्भ सामग्री के अनुसार, जंतर-मंतर को हाल ही में निर्धारित प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटा दिया गया था। इसके बाद 13 अक्टूबर को हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने CJP के सदस्यों को हिरासत में लिया और दो थानों में FIR दर्ज की।