जंतर-मंतर प्रदर्शन के बाद CJP के तीन नेता गिरफ्तार, आज SEM कोर्ट में पेशी; तिहाड़ जेल भेजे जाने की आशंका

दिल्ली में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं आशुतोष रांका, सौरव दास और अजिंक्या शिंदे की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दिल्ली पुलिस ने तीनों नेताओं को प्रिवेंटिव अरेस्ट किया है। अब उन्हें सुबह मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन में स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) के सामने पेश किए जाने की संभावना है। CJP की कानूनी सलाहकार रत्ना सिंह ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए यह जानकारी दी। उन्होंने सुबह 5:38 बजे के अपडेट में बताया कि तीनों को एक घंटे के भीतर SEM के सामने पेश किया जा सकता है। इस कार्रवाई के बाद तीनों नेताओं को न्यायिक हिरासत में भेजे जाने की आशंका भी जताई गई है। रत्ना सिंह के मुताबिक, उन्हें तिहाड़ जेल भेजा जा सकता है। हालांकि, जेल भेजे जाने को लेकर अंतिम फैसला अदालत की कार्यवाही के बाद ही स्पष्ट होगा।

जंतर-मंतर पर बिना अनुमति प्रदर्शन करने का आरोप

CJP की कानूनी सलाहकार रत्ना सिंह ने इससे पहले सोशल मीडिया पर जानकारी दी थी कि दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर मामले में सौरव दास, आशुतोष रांका और अजिंक्या शिंदे को गिरफ्तार किया है। उन्होंने बताया कि तीनों पर बिना अनुमति प्रदर्शन स्थल में प्रवेश करने, बॉन्ड की शर्तों का उल्लंघन करने और सरकारी अधिकारी के काम में बाधा डालने जैसे आरोप लगाए गए हैं। रत्ना सिंह के अनुसार, तीनों नेताओं को तड़के करीब तीन बजे एक निजी वैन से पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन लाया गया था। बताया गया कि वे बिना अनुमति जंतर-मंतर पहुंचे थे और वहां प्रदर्शन करने लगे थे। इसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया।

मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर लगाए नारे

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जंतर-मंतर मामले में CJP के नेताओं और अन्य सदस्यों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। आरोप है कि वे बिना अनुमति विरोध प्रदर्शन के लिए निर्धारित क्षेत्र में दाखिल हुए थे। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए नारे लगाए। पुलिस अधिकारियों ने मंगलवार को बताया था कि इस मामले में दर्ज FIR में उन प्रावधानों को भी शामिल किया गया है, जिनके तहत तीनों नेताओं ने पहले शांति बनाए रखने के लिए ‘पीस बॉन्ड’ पर हस्ताक्षर किए थे। पुलिस की कार्रवाई इसी बॉन्ड की शर्तों के उल्लंघन के आरोप से भी जुड़ी है।
जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल की सूची से हटाए जाने का भी जिक्र

इस घटनाक्रम के बीच यह जानकारी भी सामने आई कि हाल ही में जंतर-मंतर को विरोध प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थान के तौर पर हटा दिया गया था। इसके बावजूद कार्यकर्ताओं के वहां पहुंचने और प्रदर्शन करने के बाद पुलिस ने कार्रवाई की। अब आशुतोष रांका, सौरव दास और अजिंक्या शिंदे को SEM के सामने पेश किए जाने की प्रक्रिया पर नजर है। CJP की कानूनी सलाहकार रत्ना सिंह ने उनकी संभावित पेशी और न्यायिक हिरासत में भेजे जाने की आशंका के बारे में जानकारी दी है। अदालत की कार्यवाही के बाद ही स्पष्ट होगा कि तीनों नेताओं को आगे हिरासत में रखा जाएगा या उन्हें जेल भेजा जाएगा।