ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर CJP का बड़ा ऐलान, पुलिस हिरासत के बाद भी आंदोलन जारी रखने की कही बात

दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रही कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं को एक बार फिर पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। पार्टी नेता आशुतोष रांका, सौरव दास और अजिंक्य शिंदे समेत कुल 11 कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया है। ये नेता जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने पहुंचे थे, जहां उन्होंने गेट फांदकर और बैरिकेड्स पार करके विरोध प्रदर्शन किया। इसके बाद दिल्ली पुलिस सभी को दक्षिण-पश्चिम दिल्ली स्थित जाफरपुर कलां पुलिस थाने ले गई। CJP के नेताओं के मुताबिक, हिरासत में लिए जाने के बाद उन्हें पुलिस थाने में रखा गया है। थाने के बाहर के हिस्से को बैरिकेड लगाकर बंद कर दिया गया है। पार्टी की ओर से यह भी आरोप लगाया गया है कि हिरासत में लिए गए नेताओं से न तो उनके साथी मिल पा रहे हैं और न ही उन्हें अपने वकीलों से मिलने दिया जा रहा है। नेताओं का कहना है कि उनसे बातचीत करने की अनुमति भी नहीं दी जा रही है।

ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर अड़े आशुतोष रांका

कॉकरोच जनता पार्टी ने सोशल मीडिया पर आशुतोष रांका का एक वीडियो साझा किया है। इसमें रांका ने कहा कि पार्टी अपने वादे पर कायम है और जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते, तब तक उनका प्रदर्शन जारी रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी का विरोध प्रदर्शन जंतर-मंतर पर ही होगा और वे अपनी मांग से पीछे हटने वाले नहीं हैं। वीडियो में आशुतोष रांका ने प्रदर्शन में शामिल होने वाले लोगों की संख्या बढ़ने का दावा भी किया। उन्होंने कहा, “आज 10 लोग आए हैं, कल 1000 लोग आए हैं, परसों 10 हजार लोग आएंगे।” उनके इस बयान के जरिए उन्होंने संकेत दिया कि पार्टी आने वाले दिनों में प्रदर्शन में अधिक लोगों को जुटाने की कोशिश करेगी।
रांका ने यह भी कहा कि जब तक ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते, तब तक वे वहां से नहीं हटेंगे। वीडियो में उन्होंने कार्रवाई या पार्टी को डिनोटिफाई किए जाने की संभावना का जिक्र करते हुए भी अपना विरोध जारी रखने की बात कही। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा जंतर-मंतर पर ही होगा और पार्टी अपनी मांग पर कायम रहेगी। वीडियो के अंत में उन्होंने ‘भारत माता की जय’ का नारा भी लगाया।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के लिए पहुंचे थे CJP नेता

CJP की ओर से 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की योजना बनाई गई थी। हालांकि, प्रदर्शन शुरू होने से पहले ही दिल्ली पुलिस ने पार्टी के नेताओं को एयरपोर्ट से हिरासत में ले लिया था। इस कार्रवाई के बाद उन्हें करीब 24 घंटे के भीतर मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया। इसके बाद अदालत ने उन्हें रिहा करने का आदेश दिया था। रिहाई के बाद पार्टी के नेताओं ने दोबारा प्रदर्शन का रुख किया। इस बार वे जंतर-मंतर पर गेट फांदकर और बैरिकेड्स पार करके पहुंचे, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें फिर हिरासत में ले लिया। इस कार्रवाई में आशुतोष रांका, सौरव दास और अजिंक्य शिंदे समेत 11 कार्यकर्ता शामिल हैं।

हिरासत और वकीलों से मुलाकात को लेकर CJP के आरोप

हिरासत में लिए गए नेताओं को जाफरपुर कलां थाने ले जाने के बाद पार्टी ने आरोप लगाया कि पुलिस उन्हें अपने वकीलों से मिलने नहीं दे रही है। CJP नेताओं का कहना है कि न केवल वकीलों को उनसे मिलने की अनुमति नहीं दी जा रही, बल्कि उनसे बातचीत करने पर भी रोक लगाई जा रही है। फिलहाल, संदर्भ में पुलिस की ओर से इन आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। पार्टी की ओर से साझा किए गए वीडियो में आशुतोष रांका ने दोहराया कि ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने प्रदर्शन में शामिल होने वालों की संख्या बढ़ने की बात कही और जंतर-मंतर को ही विरोध प्रदर्शन का केंद्र बनाए रखने का ऐलान किया। हालांकि, आने वाले दिनों में प्रदर्शन को लेकर क्या कदम उठाए जाएंगे, इसकी विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है।