मनीष सिसोदिया के कथित वीडियो पर संग्राम, भाजपा ने चुनाव आयोग में दी शिकायत

चंडीगढ़। आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के कथित वीडियो को लेकर पंजाब की सियासत गर्मा गई है। भाजपा ने आरोप लगाया है कि आम आदमी पार्टी 2027 के विधानसभा चुनाव को हर हाल में जीतने की रणनीति बना रही है और इसी मकसद से चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। इस मुद्दे पर भाजपा ने चुनाव आयोग को औपचारिक शिकायत सौंपी है।

भाजपा की पंजाब इकाई के अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि मनीष सिसोदिया का एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें वे 2027 का चुनाव जीतने के लिए किसी भी साधन का इस्तेमाल करने की बात कर रहे हैं। जाखड़ ने कहा कि इस मामले को चुनाव आयोग के संज्ञान में लाया गया है ताकि लोकतांत्रिक प्रक्रिया को दूषित होने से बचाया जा सके।


जाखड़ ने सवाल उठाते हुए लिखा, “जो लोग खुले तौर पर कह रहे हैं कि वे चुनाव जीतने के लिए किसी भी तरीके का इस्तेमाल करेंगे, उनसे यह साफ है कि वे पंजाब का माहौल बिगाड़ने या राज्य को नुकसान पहुंचाने से भी नहीं हिचकिचाएंगे।”

चुनाव आयोग को दिए गए पत्र में जाखड़ ने आरोप लगाया कि सिसोदिया ने अपने भाषण में कहा था कि 2027 के पंजाब चुनाव को जीतने के लिए आम आदमी पार्टी “साम, दाम, दंड, भेद, सच, झूठ, सवाल, जवाब, लड़ाई, झगड़ा” सभी उपाय अपनाएगी। भाजपा का कहना है कि यह बयान इस बात का सबूत है कि आप पार्टी लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने का इरादा रखती है।

पत्र में आगे कहा गया कि ऐसे शब्द न सिर्फ भ्रष्ट आचरण की ओर इशारा करते हैं, बल्कि मतदाताओं को डराने, राज्य में अशांति फैलाने और सामाजिक सौहार्द को तोड़ने की साजिश का हिस्सा भी हो सकते हैं। भाजपा ने दलील दी कि यह जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 का उल्लंघन है और इसके अलावा विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी बढ़ाने और भय का माहौल पैदा करने के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी/बीएनएस) की धाराओं 196, 197 और 353 के भी विपरीत है।

भाजपा ने मांग की है कि चुनाव आयोग इस मामले पर तत्काल कार्रवाई करे और मनीष सिसोदिया सहित आम आदमी पार्टी के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएं। जाखड़ ने कहा कि पंजाब की शांति, विकास और लोकतांत्रिक व्यवस्था के संरक्षण के लिए इस मामले की निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई आवश्यक है।