बिहार विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद कांग्रेस आज शनिवार (27 दिसंबर) को दिल्ली में कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की अहम बैठक कर रही है। इस बैठक की अगुवाई कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे कर रहे हैं, जबकि कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी भी इसमें मौजूद हैं। पार्टी नेतृत्व के स्तर पर यह बैठक भविष्य की रणनीति तय करने के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है।
बैठक में हिस्सा लेने के लिए कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता राजधानी पहुंच चुके हैं। अनुभवी नेता दिग्विजय सिंह पहले ही बैठक स्थल पर नजर आए, वहीं हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू भी CWC बैठक में शामिल होने दिल्ली पहुंचे हैं। कांग्रेस की इस सर्वोच्च नीति निर्धारण बैठक में देश की मौजूदा राजनीतिक स्थिति, केंद्र सरकार की नीतियों और विपक्ष की भूमिका को लेकर व्यापक चर्चा की जाएगी। इसके साथ ही मनरेगा का नाम बदले जाने जैसे मुद्दों पर भी पार्टी का रुख तय किया जाएगा।
बैठक में जुटे दिग्गज नेताकांग्रेस वर्किंग कमेटी की इस बैठक में छत्तीसगढ़ के प्रभारी महासचिव सचिन पायलट, कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, उत्तर प्रदेश के प्रभारी महासचिव अविनाश पांडे, तेलंगाना की प्रभारी मीनाक्षी नटराजन, राजस्थान के प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा और पार्टी के संचार विभाग के प्रभारी महासचिव जयराम रमेश भी शामिल हुए हैं। इसके अलावा हरियाणा के प्रभारी बीके हरिप्रसाद समेत कई अन्य वरिष्ठ नेता भी बैठक में मौजूद हैं।
बिहार चुनाव के बाद पहली CWC बैठकयह बैठक इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि बिहार चुनाव में कांग्रेस की हार के बाद यह CWC की पहली औपचारिक बैठक है। पार्टी नेतृत्व इस हार के कारणों का आकलन करने के साथ-साथ संगठनात्मक कमजोरियों और भविष्य की चुनौतियों पर भी मंथन करेगा। साथ ही प्रदेश कांग्रेस कमेटियों (PCC) के अध्यक्षों की मौजूदगी इस बात का संकेत है कि संगठन स्तर पर भी बड़े बदलावों और सुधारों पर चर्चा हो सकती है।
इसके अलावा 2026 में असम, केरल, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में होने वाले विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस की चुनावी रणनीति और गठबंधन नीति पर भी विचार-विमर्श होने की संभावना है।
सरकार के खिलाफ एक्शन प्लान पर फोकसCWC की इस अहम बैठक में केंद्र सरकार के खिलाफ कांग्रेस के भावी एक्शन प्लान पर भी गहन चर्चा होगी। खासतौर पर मनरेगा की जगह लागू किए गए नए कानून ‘विकासशील भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ यानी VB-G RAM G एक्ट को लेकर पार्टी की रणनीति तय की जाएगी। सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस इस मुद्दे पर देशभर में आंदोलन छेड़ने की रूपरेखा तैयार कर सकती है।
कुल मिलाकर, दिल्ली में हो रही यह CWC बैठक कांग्रेस के लिए आत्ममंथन, पुनर्गठन और आने वाले चुनावी मुकाबलों की तैयारी का बड़ा मंच साबित हो सकती है।