अभिजीत दीपके ने उद्धव ठाकरे को कहा धन्यवाद, सौरव दास और आशुतोष रांका की हिरासत पर आज हाई कोर्ट में सुनवाई

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता सौरव दास और आशुतोष रांका की न्यायिक हिरासत का मामला लगातार राजनीतिक चर्चा में बना हुआ है। दोनों नेताओं की हिरासत के खिलाफ आवाज उठा रहे अभिजीत दीपके ने शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे को समर्थन देने के लिए धन्यवाद कहा है। उद्धव ठाकरे ने मंगलवार को दशहरा रैली के दौरान बीजेपी पर निशाना साधते हुए सौरव दास और आशुतोष रांका की गिरफ्तारी का मुद्दा उठाया था। उन्होंने कहा कि हाथ में झंडा लेने पर उन्हें अंदर कर दिया गया और तिरंगे को लेकर उनके मन में द्वेष है।

उद्धव ठाकरे के इस बयान के बाद अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर उनका आभार जताया। दीपके ने लिखा, “आशु और सौरव की अवैध गिरफ्तारी के खिलाफ आवाज उठाने के लिए उद्धव ठाकरे सर, आपका धन्यवाद।” दीपके लगातार दोनों नेताओं की हिरासत का विरोध कर रहे हैं और उनकी रिहाई की मांग उठा रहे हैं।

सौरव दास और आशुतोष रांका के समर्थन में कई विपक्षी नेता

सौरव दास और आशुतोष रांका की हिरासत के मामले में दूसरे विपक्षी नेताओं ने भी समर्थन जताया है। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की अध्यक्ष ममता बनर्जी, आम आदमी पार्टी (आप) के प्रमुख अरविंद केजरीवाल और बीजू जनता दल (बीजेडी) के प्रमुख नवीन पटनायक भी दोनों नेताओं के समर्थन में बयान दे चुके हैं। इस तरह मामले को लेकर अलग-अलग विपक्षी दलों के नेताओं ने अपनी प्रतिक्रिया दी है।

दोनों नेताओं की गिरफ्तारी और न्यायिक हिरासत को लेकर सीजेपी की ओर से विरोध किया जा रहा है। अभिजीत दीपके भी इस मामले में लगातार आवाज उठा रहे हैं। उद्धव ठाकरे के बयान के बाद उन्होंने सार्वजनिक रूप से उनका धन्यवाद करते हुए कहा कि उन्होंने आशुतोष और सौरव की गिरफ्तारी के खिलाफ आवाज उठाई।

13 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए थे नेता

सौरव दास और आशुतोष रांका को 13 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया गया था। दोनों सीजेपी के 11 अन्य सदस्यों के साथ वहां पहुंचे थे। प्रदर्शन के दौरान उनके हाथों में तिरंगा था। इसी विरोध प्रदर्शन के बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। इसके बाद दोनों नेताओं को शांति भंग करने के आरोप में मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया। 14 अक्टूबर को मजिस्ट्रेट ने सौरव दास और आशुतोष रांका को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया था। बाद में सोमवार को उनकी न्यायिक हिरासत दो दिन और बढ़ा दी गई। हिरासत की अवधि बढ़ाए जाने के फैसले के खिलाफ सीजेपी ने कानूनी रास्ता अपनाया है।
न्यायिक हिरासत के खिलाफ हाई कोर्ट पहुंची सीजेपी

सौरव दास और आशुतोष रांका की न्यायिक हिरासत बढ़ाए जाने के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी दिल्ली हाई कोर्ट पहुंच गई है। संगठन की ओर से मामले में तत्काल सुनवाई की मांग की गई है। सीजेपी का कहना है कि दोनों नेताओं की हिरासत के मामले पर जल्द विचार किया जाना चाहिए। सीजेपी की कानूनी मामलों की प्रमुख रत्ना सिंह ने भी दोनों नेताओं की हिरासत पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि सौरव और आशुतोष को एक मिनट भी जेल में नहीं रहना चाहिए। रत्ना सिंह के मुताबिक, राजनीतिक खेल-तमाशों की वजह से दोनों नेताओं की आजादी नहीं छीनी जानी चाहिए। दिल्ली हाई कोर्ट तत्काल सुनवाई के लिए सहमत हो गया है। यह सुनवाई ऐसे समय हो रही है, जब सौरव दास और आशुतोष रांका की न्यायिक हिरासत की अवधि भी आज समाप्त हो रही है। ऐसे में दोनों नेताओं की हिरासत से जुड़े मामले में अदालत की सुनवाई महत्वपूर्ण है।

अभिजीत दीपके ने कहा- तिरंगा लहराना था पहला अपराध


अभिजीत दीपके ने 19 अक्टूबर को भी सोशल मीडिया पर पोस्ट कर सौरव दास और आशुतोष रांका की गिरफ्तारी और हिरासत पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि आशु और सौरव का पहला अपराध जंतर-मंतर पर तिरंगा लहराना था। इसके बाद उन्होंने सवाल किया कि उनका दूसरा अपराध क्या था? दीपके ने इसका जवाब देते हुए कहा कि वे पीछे हटने के लिए तैयार नहीं हुए।

दीपके ने अपनी पोस्ट में दोनों नेताओं के हौसले का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जेल में पांच दिन बिताने के बावजूद सौरव दास और आशुतोष रांका चेहरे पर मुस्कान लिए और पूरे हौसले के साथ अदालत पहुंचे। उनकी इस टिप्पणी के जरिए दीपके ने दोनों नेताओं के प्रति समर्थन जताया और उनकी हिरासत को लेकर अपना विरोध दोहराया।