CJP Protest Today: आधी रात अभिजीत दीपके ने बुलाई प्रेस कॉन्फ्रेंस, बोले- दिल्ली पुलिस मुझे उठा सकती है

दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित तिरंगा मार्च से पहले पार्टी प्रमुख अभिजीत दीपके ने दावा किया है कि दिल्ली पुलिस उन्हें किसी भी समय गिरफ्तार कर सकती है। उन्होंने देर रात पत्रकारों को बुलाकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की और आरोप लगाया कि इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) तथा दिल्ली पुलिस के अधिकारी उन पर नजर रख रहे हैं। CJP ने शुक्रवार, 16 अक्टूबर को कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में तिरंगा फहराने का ऐलान किया है। इसी बीच दीपके ने पुलिस की निगरानी, संभावित गिरफ्तारी और प्रदर्शन से जुड़े प्रतिबंधों पर सवाल उठाए हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान CJP प्रमुख ने अपने ठहरने वाले घर के आसपास पुलिस और खुफिया अधिकारियों की मौजूदगी का दावा किया। उन्होंने कहा कि घर के चारों तरफ दिल्ली पुलिस और IB के लोग तैनात हैं और आसपास की गलियों में घूम रहे हैं। दीपके के मुताबिक, जब भी वह बाहर निकलते हैं तो बिना नंबर प्लेट वाली गाड़ियां उनके पीछे लगी दिखाई देती हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनके वहां पहुंचने के बाद से पुलिस और IB के अधिकारी घर के चक्कर लगा रहे हैं तथा वहां तैनात चौकीदार से बातचीत कर जानकारी जुटा रहे हैं।

'आज रात या कल सुबह पुलिस मुझे उठा सकती है'

अभिजीत दीपके ने अपनी गिरफ्तारी की आशंका जताते हुए कहा कि दिल्ली पुलिस उन्हें शुक्रवार की सुबह से पहले या अगले दिन सुबह हिरासत में ले सकती है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित करते हुए कहा कि वह ऐसी कार्रवाइयों से डरने वाले नहीं हैं और तिरंगा फहराने के लिए जेल जाने को भी तैयार हैं। दीपके ने कहा, तो आज रात को या कल सुबह मुझे दिल्ली पुलिस वाले उठा सकते हैं। लेकिन मैं मोदी जी से कहना चाहता हूं कि इन चीजों से डरने वाले नहीं हैं। यहां पर बैठा हुआ हूं, आकर उठा लूं। अगर इस देश में तिरंगा लहराने के लिए जेल जाना पड़ेगा, तो हम उसके लिए तैयार हैं। अपने बयान में उन्होंने पहले घोषित विरोध प्रदर्शन और उसके बाद किए गए सुरक्षा इंतजामों का भी जिक्र किया। दीपके के अनुसार, CJP ने पहले 10 अक्टूबर को प्रदर्शन का आह्वान किया था, लेकिन उस समय दिल्ली में व्यापक प्रतिबंध लगाए गए थे। उन्होंने दावा किया कि बस, मेट्रो और रेलवे सेवाएं बंद कर दी गई थीं, इंटरनेट सेवाओं पर भी रोक लगाई गई थी और जगह-जगह बैरिकेडिंग की गई थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सुरक्षा व्यवस्था के लिए जम्मू-कश्मीर से बल बुलाए गए थे। दीपके ने कहा कि अब जब पार्टी ने 16 अक्टूबर को कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में तिरंगा फहराने का कार्यक्रम घोषित किया है, तो पार्क को बंद कर दिया गया है। उन्होंने इन कदमों पर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी जहां भी आंदोलन करना चाहती है, वहां जगह बंद करने की व्यवस्था कर दी जाती है।
तिरंगा फहराने से रोकने का सरकार पर लगाया आरोप

CJP प्रमुख ने सरकार पर तिरंगा फहराने की अनुमति नहीं देने का आरोप लगाया। उन्होंने सवाल किया कि अगर उनकी पार्टी भविष्य में 100 अलग-अलग स्थानों पर तिरंगा फहराने का कार्यक्रम बनाएगी, तो क्या सभी जगहों को बंद कर दिया जाएगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली का उदाहरण देते हुए पूछा कि यदि CJP के कार्यकर्ता उनकी रैली में तिरंगा लेकर पहुंचने का ऐलान करें, तो क्या रैली भी रद्द कर दी जाएगी। दीपके ने अपने बयान में कहा, कल को हम कहेंगे कि हम 100 जगह तिरंगा लहराएं, तो क्या सारी की सारी 100 जगह बंद कर दोगे। कल को हम कहेंगे कि नरेंद्र मोदी की रैली में तिरंगा लेकर जाओ, तो आप अपनी रैली बंद कर दोगे क्या। उन्होंने आगे सवाल उठाया कि CJP के कार्यकर्ताओं से सरकार को इतना डर क्यों है कि उनके पीछे पूरी फोर्स लगा दी गई है। दीपके ने यह भी कहा कि पार्टी को जिन स्थानों पर आंदोलन करना होता है, वहां प्रतिबंध लगा दिए जाते हैं। उन्होंने इसे लेकर सवाल किया कि क्या भारत में तिरंगा फहराना अपराध बन गया है। उन्होंने अपने बयान में सरकार को चुनौती देते हुए कहा कि यदि तिरंगा फहराने की अनुमति नहीं दी जाएगी, तो इसका आधिकारिक ऐलान किया जाना चाहिए। दीपके ने दावा किया कि अब तक किसी प्रधानमंत्री या सरकार ने ऐसा कदम नहीं उठाया है। हालांकि, तिरंगा फहराने पर प्रतिबंध लगाए जाने को लेकर उनके बयान और आरोप CJP प्रमुख के अपने दावे हैं।

आशुतोष रांका और सौरभ दास की हिरासत पर भी जताई नाराजगी


अभिजीत दीपके ने CJP के दो नेताओं आशुतोष रांका और सौरभ दास को हिरासत में लिए जाने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों नेताओं को तिरंगा फहराने के लिए हिरासत में लिया गया और बाद में न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। इस कार्रवाई को लेकर CJP ने नाराजगी जाहिर की है। दरअसल, बुधवार को दिल्ली पुलिस ने आशुतोष रांका और सौरभ दास को जंतर-मंतर पर तिरंगा फहराने और नारेबाजी करने के मामले में हिरासत में लिया था। इसके बाद दोनों को पांच दिनों के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। इस घटनाक्रम के बाद CJP की ओर से पुलिस की कार्रवाई का विरोध किया जा रहा है। इस मामले में एक अन्य अहम बात यह है कि जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटा दिया गया है। ऐसे में वहां प्रदर्शन करने और तिरंगा फहराने को लेकर हुई कार्रवाई CJP की नाराजगी का प्रमुख कारण बनी हुई है। दीपके ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में दोनों नेताओं की हिरासत का उल्लेख करते हुए सवाल उठाया कि आखिर तिरंगा फहराने को लेकर इस तरह की कार्रवाई क्यों की जा रही है।

दिल्ली पुलिस छोटे समूह को दे सकती है तिरंगा फहराने की अनुमति


CJP के कार्यक्रम से पहले दिल्ली पुलिस ने गुरुवार को कहा था कि राष्ट्रीय ध्वज फहराने के लिए एक छोटे समूह को अनुमति दी जा सकती है। हालांकि, पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि कनॉट प्लेस और आसपास के इलाकों में निषेधाज्ञा पहले से लागू है। इसी वजह से लोगों से वहां एकत्र नहीं होने की अपील की गई है। दिल्ली पुलिस की जनसंपर्क अधिकारी और डीसीपी नेहा यादव ने गुरुवार शाम पत्रकारों को बताया था कि नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) ने दिल्ली पुलिस को पत्र लिखकर जानकारी दी है कि कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क 16 और 17 अक्टूबर को बंद रहेगा। यह फैसला CJP के प्रस्तावित कार्यक्रम से पहले सुरक्षा व्यवस्था के संदर्भ में अहम है। एक ओर अभिजीत दीपके ने पुलिस और IB पर निगरानी करने तथा संभावित गिरफ्तारी का आरोप लगाया है, वहीं दूसरी ओर दिल्ली पुलिस ने इलाके में निषेधाज्ञा लागू होने और सेंट्रल पार्क बंद रहने की जानकारी दी है। CJP ने 16 अक्टूबर को कनॉट प्लेस में तिरंगा फहराने का कार्यक्रम घोषित किया है, जबकि दीपके ने अपने बयान में कहा है कि पार्टी इस कार्यक्रम को लेकर पीछे हटने वाली नहीं है।