नोएडा में शहीद की बेटी का कन्यादान करने आए 50 जवान, पूरे गांव की आंखें नम

ग्रेटर नोएडा के डाबरा गांव में मंगलवार की शाम का माहौल किसी सामान्य शादी जैसा नहीं था। यह क्षण गर्व, सम्मान और गहरी संवेदनाओं से भरा हुआ था। शहीद सुरेश सिंह भाटी की बेटी के विवाह में जब पंजाब से आए 50 से ज्यादा सैनिक कन्यादान की रस्म निभाने पहुंचे, तो पूरे परिवार की आंखें नम हो गईं। ऐसा प्रतीत हुआ जैसे देश के लिए प्राण न्यौछावर करने वाले सुरेश सिंह स्वयं अपनी बेटी को आशीर्वाद देने आए हों। गांव में हुई इस अनोखी शादी की खूब चर्चा है, क्योंकि यह सिर्फ एक विवाह समारोह नहीं, बल्कि शहादत, भाईचारे और अनन्य निष्ठा का दुर्लभ उदाहरण बन गया है।

सुरेश सिंह भाटी 5 जुलाई 2006 को जम्मू-कश्मीर के बारामूला में आतंकी हमले में शहीद हुए थे। उनकी बेटी मुस्कान की बारात कासना गांव से आई। एडवोकेट पवन भाटी ने बताया कि भतीजी मुस्कान का विवाह विजय चपराणा के साथ संपन्न हुआ। परिवार की ओर से पंजाब के फिरोजपुर में स्थित सेना की छावनी में निमंत्रण भेजा गया था। उसी निमंत्रण पर भावनात्मक जुड़ाव दिखाते हुए कई सैनिक पहुंचे—इनमें से कई भाटी के पुराने साथी भी थे। उन्होंने परिवार से मिलकर हालचाल जाना और कन्यादान सहित अन्य पारंपरिक रस्मों में भाग लिया।

शहीद के परिवार को दिया भरोसा—हम हमेशा साथ खड़े हैं

शहीद सुरेश सिंह भाटी का बड़ा बेटा हर्ष भाटी भी अपने पिता की राह पर चलते हुए सेना में शामिल है और वर्तमान में बारामूला में ही तैनात है। जवानों ने हर्ष के साहस और देश सेवा के जज्बे की सराहना की और उसे आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। सैनिकों ने सुरेश सिंह भाटी की बहादुरी, उनकी जिम्मेदारी निभाने की शैली और उनके सौम्य स्वभाव के कई किस्से साझा किए। उन्होंने बताया कि सुरेश सिंह किसी भी मिशन के लिए हमेशा अग्रणी रहते थे और देशहित को सबसे ऊपर रखते थे।

जवानों ने परिवार को भरोसा दिलाया कि वे हमेशा उनके साथ खड़े रहेंगे—चाहे परिस्थितियां कैसी भी हों। शादी समारोह के अंत में जब सैनिक वापस लौटने लगे, तो परिवार के सदस्यों के साथ गांव वाले भी भावुक हो उठे। यह दृश्य सभी के दिलों में लंबे समय तक याद रहने वाला बन गया।