तेजस्वी यादव ने Exit Poll पर उठाए सवाल, कहा — ‘सब PMO से फिक्स है’, 18 नवंबर को लेंगे शपथ

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों से पहले सियासी बयानबाज़ी चरम पर है। पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव ने एग्जिट पोल्स को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि सभी एग्जिट पोल्स “पीएमओ से सेट” हैं और इनका मकसद मतगणना के दिन अधिकारियों पर मानसिक दबाव बनाना है।

तेजस्वी ने कहा कि कोई भी चैनल या एजेंसी यह नहीं बता पा रही कि उनके सैंपल सर्वे का आधार क्या है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर ये पोल किस मानक पर तैयार किए गए हैं? आरजेडी नेता ने दावा किया कि इस बार बिहार में जनता ने “बदलाव” का मन बना लिया है। उन्होंने आत्मविश्वास से कहा — “14 नवंबर को नतीजे आएंगे और 18 नवंबर को हमारी सरकार शपथ लेगी।”

भाजपा और एनडीए पर साधा निशाना


तेजस्वी यादव ने भाजपा और एनडीए पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सत्ता पक्ष की बौखलाहट साफ झलक रही है क्योंकि उन्हें अपनी हार का अंदेशा हो गया है। उनके मुताबिक, इस बार जनता ने नारा दिया है — “नौकरी वाली सरकार चाहिए, बहाने वाली नहीं।”

उन्होंने कहा कि 2020 के चुनाव की तुलना में इस बार लगभग 72 लाख अधिक लोगों ने वोट डाला है, जो इस बात का संकेत है कि बिहार के लोगों ने इस सरकार को बदलने का फैसला कर लिया है। हर विधानसभा क्षेत्र में करीब 30 हजार से अधिक नए वोटर मतदान में शामिल हुए हैं।

तेजस्वी ने कहा, “यह वोट सरकार बचाने के लिए नहीं, बल्कि सरकार बदलने के लिए पड़ा है। पिछले चुनाव में मतगणना को जानबूझकर धीमा किया गया था, और कई सीटों पर धांधली की गई थी। लेकिन इस बार हम पूरी सतर्कता के साथ हर वोट की रक्षा करेंगे।”

काउंटिंग में गड़बड़ी नहीं होने देंगे

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि अगर मतगणना के दौरान किसी भी तरह की बेईमानी हुई तो जनता मुंहतोड़ जवाब देगी। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे हर बूथ और हर काउंटिंग सेंटर पर निगरानी रखें।

तेजस्वी ने कहा, “हमारे लोग वोट चोरी नहीं होने देंगे, चाहे इसके लिए कोई भी कुर्बानी देनी पड़े। इस बार बिहार में एक नई शुरुआत होगी — एक ऐसी सरकार बनेगी जो रोजगार देगी, युवाओं को अवसर देगी और जनता का विश्वास जीतेगी।”

‘बदलाव तय है, जनता ने कर दिया फैसला’


पत्रकारों से बातचीत के दौरान तेजस्वी ने कहा कि उन्हें राज्य के हर कोने से सकारात्मक फीडबैक मिल रहा है। उन्होंने दावा किया कि इस बार का जन समर्थन 1995 के चुनावों से भी अधिक मजबूत है।

तेजस्वी ने कहा, “बिहार के लोगों ने इस बार बड़ी संख्या में मतदान किया है। यह बदलाव का जनादेश है। जनता अब झूठे वादों और खोखली घोषणाओं से थक चुकी है। अब बिहार में ‘कलम राज’ स्थापित होगा — यानी शिक्षा, नौकरी और विकास की सरकार।”