बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान आज इलेक्शन कमीशन द्वारा किया जा सकता है। इस बीच राजनीतिक दल सीट और टिकट बंटवारे के मसलों पर सक्रिय हैं। भाजपा ने इस दिशा में दो दिन की बैठक आयोजित की, जो रविवार को समाप्त हुई। पार्टी सूत्रों के अनुसार इस बैठक में 125 सीटों पर गहन मंथन किया गया। हालांकि, भाजपा इस बार लगभग 100-105 सीटों पर चुनाव लड़ सकती है, लेकिन 125 सीटों पर चर्चा इसलिए की गई ताकि किसी भी बदलाव की स्थिति में बैकअप प्लान तैयार रहे। बैठक में औसतन हर सीट पर तीन संभावित उम्मीदवारों के नाम पर विचार किया गया।
बैठक में बनी सूची को भाजपा के केंद्रीय संसदीय बोर्ड को भेजा जाएगा, जो अंतिम निर्णय करेगा। प्रदेश अध्यक्ष डॉ. दिलीप जायसवाल की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में बिहार चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान समेत प्रदेश चुनाव समिति के सभी सदस्य मौजूद थे। सबसे पहले पार्टी ने उन सीटों पर चर्चा की, जहां वर्तमान में उसके विधायक हैं। इस दौरान यह भी देखा गया कि पिछले पांच सालों में विधायक की क्षेत्रीय छवि कैसी रही और जिलों की कोर कमेटी की राय क्या रही। वर्तमान में भाजपा के पास 80 विधायक हैं, जबकि पिछली बार 2020 में पार्टी 110 सीटों पर चुनावी दावेदारी कर रही थी।
बैठक के बाद डॉ. जायसवाल ने कहा कि सभी सदस्यों ने अपने सुझाव प्रस्तुत किए। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि प्रत्येक सीट पर ऐसा उम्मीदवार उतारा जाएगा जो मजबूत हो और भारी मतों से जीत हासिल कर सके। गठबंधन दलों के साथ सीटों के बंटवारे पर भी अंतिम निर्णय किया जाएगा। मौजूदा सीटों के बंटवारे के बाद भाजपा कोटे में आने वाली बाकी सीटों पर भी जल्द ही पुनः चर्चा की जाएगी।
बैठक में भाजपा चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान, सह प्रभारी सीआर पाटिल, बिहार प्रभारी विनोद तांवड़े, सह प्रभारी दीपक प्रकाश, विधानसभा अध्यक्ष नंदकिशोर यादव, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा, केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह, केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय, सांसद राधामोहन सिंह, रविशंकर प्रसाद, डॉ. संजय जायसवाल, मंत्री प्रेम कुमार, मंगल पांडेय, रेणु देवी, जनक राम, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री नागेंद्र नाथ त्रिपाठी, संगठन महामंत्री भीखूभाई दलसानिया और सांसद धर्मशीला गुप्ता, प्रदेश प्रवक्ता प्रेमरंजन पटेल मौजूद रहे।
इस बैठक के निर्णय और केंद्रीय संसदीय बोर्ड द्वारा अंतिम मुहर लगाने के बाद ही भाजपा की सीट रणनीति स्पष्ट होगी और बिहार विधानसभा चुनाव में पार्टी की पूरी चुनावी तस्वीर सामने आएगी।