2 करोड़ के लग्जरी बंगले में रहने वाले SHO पर EOU की छापेमारी, ताज होटल में छुट्टियों का खुलासा; 20 करोड़ की बेनामी संपत्ति का पता चला

बिहार में एक बार फिर पुलिस महकमे से जुड़ा भ्रष्टाचार का बड़ा मामला सामने आया है, जहां किशनगंज सदर थाना के SHO अभिषेक कुमार रंजन के खिलाफ आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने व्यापक कार्रवाई शुरू की है। मंगलवार, 14 अप्रैल 2026 की सुबह करीब 8:30 बजे से ही ईओयू की टीमों ने पटना, छपरा और किशनगंज समेत उनके पांच ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। जांच एजेंसी के मुताबिक, अभिषेक रंजन के पास उनकी घोषित आय से लगभग 118.66% अधिक संपत्ति होने के ठोस प्रमाण मिले हैं, जिसने पूरे मामले को गंभीर बना दिया है।

अभिषेक कुमार रंजन मूल रूप से सारण (छपरा) के रहने वाले हैं और उन्होंने साल 2009 में बिहार पुलिस में सब-इंस्पेक्टर के रूप में अपनी सेवा शुरू की थी। वर्ष 2023 में उन्हें प्रमोशन देकर इंस्पेक्टर बनाया गया। अपने कार्यकाल के दौरान वे मुजफ्फरपुर, मोतिहारी और पटना जैसे अहम जिलों में तैनात रहे। ईओयू की जांच में खुलासा हुआ है कि नौकरी के दौरान उनकी कुल वैध आय करीब 1 करोड़ 47 लाख 17 हजार रुपये रही, जबकि उन्होंने 2 करोड़ 9 लाख रुपये से ज्यादा की संपत्ति खड़ी कर ली। खर्चों को घटाने के बाद भी लगभग 1.70 करोड़ रुपये की संपत्ति संदिग्ध और अवैध पाई गई है।
छापेमारी के दौरान उनकी संपत्तियों का दायरा भी चौंकाने वाला निकला। पटना के रामकृष्ण नगर इलाके में 2200 वर्ग फीट में फैला चार मंजिला आलीशान मकान मिला, जिसकी कीमत 2 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है। इसके अलावा छपरा के प्रभुनाथ नगर में करीब 30 लाख रुपये का घर और पैतृक गांव पैगा में लगभग 50 लाख की लागत से बन रहा दो मंजिला मकान भी जांच के दायरे में है। वहीं, सिलीगुड़ी के दार्जिलिंग रोड पर 6 कट्ठा जमीन की बाउंड्री कराई गई है, जिसके लिए 84 लाख रुपये नकद भुगतान किए जाने की जानकारी सामने आई है।

जांच में उनकी लग्जरी लाइफस्टाइल भी उजागर हुई है, जो किसी बड़े कारोबारी से कम नहीं लगती। बताया गया कि इसी साल जनवरी में वे परिवार के साथ हवाई यात्रा कर मुंबई पहुंचे थे और वहां करीब 15 दिनों तक देश के चर्चित 5-स्टार होटल ‘ताज’ में रुके थे। उनके पास महंगे गैजेट्स और अन्य विलासिता से जुड़े सामान भी मिले हैं। बच्चों की पढ़ाई पर भी उन्होंने खुलकर खर्च किया है—हाल ही में बड़े बेटे का एडमिशन DPS सिलीगुड़ी में कराया गया, जहां केवल एडमिशन फीस के रूप में 2.50 लाख रुपये चुकाए गए।

आर्थिक अपराध इकाई को यह भी जानकारी मिली है कि अभिषेक रंजन का जमीन से जुड़े सिंडिकेट से करीबी संबंध रहा है। सिलीगुड़ी के सेवक रोड पर एक फ्लैट और 6-7 ट्रकों की खरीद की बात सामने आई है। वहीं मुजफ्फरपुर के फतेहपुर कांटी इलाके में भी करोड़ों के निवेश के संकेत मिले हैं। शुरुआती आकलन के मुताबिक, उनकी बेनामी संपत्तियों की कुल कीमत 20 करोड़ रुपये से अधिक हो सकती है। किशनगंज में पोस्टिंग के दौरान उन पर बालू, शराब और तस्करी से जुड़े नेटवर्क को संरक्षण देकर अवैध वसूली करने के आरोप भी लगे हैं।

फिलहाल, ईओयू की यह कार्रवाई डीएसपी सुनील कुमार की निगरानी में जारी है और जब्त किए गए दस्तावेजों की बारीकी से जांच की जा रही है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं, जिससे भ्रष्टाचार के इस जाल की कई परतें खुलने की संभावना है।